अरुंधति चौधरी ने CWG 2026 में पदक पक्का किया, बाउट से पहले 2 किलो वजन घटाकर न्यूजीलैंड को हराया
सारांश
मुख्य बातें
अरुंधति चौधरी ने 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला 70 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा के क्वार्टरफाइनल में न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 के स्प्लिट फैसले से पराजित कर भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर लिया। इस जीत के साथ वह सेमीफाइनल में पहुँच गई हैं और कम से कम ब्रॉन्ज मेडल उनकी झोली में आ चुका है।
मुकाबले का घटनाक्रम
तीन राउंड के इस कड़े मुकाबले में तीन जजों ने तीनों राउंड अरुंधति के पक्ष में 30-26 स्कोर किए। एक जज ने न्यूजीलैंड की बॉक्सर के पक्ष में फैसला दिया, जबकि पाँचवें जज का स्कोर 28-28 पर बराबर रहा। हालाँकि, हेंडरसन का एक अंक कटने से अंतिम फैसला अरुंधति के हक में गया। यह जीत संयम और रणनीतिक अनुशासन का प्रमाण रही।
वजन घटाने की चुनौती
रिंग में उतरने से पहले अरुंधति की असली लड़ाई किसी प्रतिद्वंद्वी से नहीं, बल्कि वेइंग मशीन से थी। उन्होंने बताया, 'कुछ वजहों से मेरा वजन बढ़ गया था, लेकिन वजन को मेंटेन रखने के लिए मैंने कल 2 किलो वजन कम किया। यह वाकई बहुत मुश्किल था।' यह खुलासा दर्शाता है कि शीर्ष स्तरीय खेल में शारीरिक तैयारी मानसिक दृढ़ता जितनी ही महत्वपूर्ण होती है।
परिवार को समर्पण और गोल्ड का संकल्प
सेमीफाइनल में प्रवेश के बाद अरुंधति ने अपना पदक छोटे भाई और परिवार को समर्पित करने की बात कही। उन्होंने कहा, 'भारत के युवाओं के लिए मेरा संदेश है कि आप सभी के आशीर्वाद की वजह से ही मैं आज यहाँ हूँ। मैं भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतूँगी।' यह भावनात्मक संकल्प उनकी प्रेरणा की गहराई को उजागर करता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग का प्रदर्शन
गौरतलब है कि ग्लासगो 2026 में भारतीय बॉक्सर एकाधिक वेट कैटेगरी में आगे बढ़े हैं, जो इस खेल में देश की बढ़ती ताकत को रेखांकित करता है। कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग स्पर्धा के नियमों के अनुसार, सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों मुक्केबाजों को भी ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया जाता है, जिससे अरुंधति का पदक अब निश्चित हो गया है।
आगे की राह
अरुंधति चौधरी अब सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगी, जहाँ वह गोल्ड मेडल की दौड़ में बनी रहेंगी। उनका प्रदर्शन और आत्मविश्वास यह संकेत देता है कि वह शीर्ष पदक के लिए प्रबल दावेदार हैं।