CWG 2026: अरुंधति चौधरी ने महिला 70 किग्रा सेमीफाइनल में मारी एंट्री, भारत का पाँचवाँ मेडल पक्का
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ी का जलवा जारी है — अरुंधति चौधरी ने 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो के एसईसी हॉल-5 में न्यूज़ीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 के विभाजित फैसले से पराजित कर महिला 70 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ अरुंधति ने देश के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित कर दिया है और वे इस स्पर्धा में सेमीफाइनल तक पहुँचने वाली पाँचवीं भारतीय बन गई हैं।
राउंड-दर-राउंड प्रदर्शन
पहले राउंड में पाँच में से तीन जजों ने दोनों मुक्केबाज़ों को बराबर 10-10 अंक दिए। दूसरे राउंड में अरुंधति का दबदबा साफ़ दिखा — चार जजों ने उन्हें पूरे अंक दिए, जबकि न्यूज़ीलैंड की हेंडरसन को वॉर्निंग के चलते एक अंक गँवाना पड़ा। तीसरे और निर्णायक राउंड में तीन जजों ने अरुंधति के पक्ष में फैसला सुनाया, जिससे उनकी 3-1 की जीत पक्की हुई।
राजस्थान से राष्ट्रमंडल तक का सफर
अरुंधति चौधरी राजस्थान से कॉमनवेल्थ गेम्स तक पहुँचने वाली पहली महिला मुक्केबाज़ हैं — यह तथ्य उनकी इस जीत को और भी ऐतिहासिक बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला मुक्केबाज़ी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी पहचान मज़बूत की है। गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को ही साक्षी ने महिला 51 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
भारत के अन्य सेमीफाइनलिस्ट
अरुंधति से पहले चार और भारतीय खिलाड़ी सेमीफाइनल में जगह बना चुके हैं। प्रीति ने महिला 54 किग्रा वर्ग में नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड को 5-0 से हराया। प्रिया ने महिला 60 किग्रा वर्ग में स्कॉटलैंड की नियाम मिशेल को 4-1 से पराजित किया। मंगलवार देर रात जादुमनी सिंह ने पुरुष 55 किग्रा क्वार्टरफाइनल में म्वाले म्वेंगो को 5-0 से शिकस्त दी।
आगे क्या
कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग फॉर्मेट के अनुसार, सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल मिलता है, इसलिए अरुंधति का पदक अब सुनिश्चित है। अब उनकी नज़र फाइनल में पहुँचकर गोल्ड मेडल की दौड़ में भारत की दावेदारी को और मज़बूत करने पर होगी। भारतीय मुक्केबाज़ी दल के लिए यह राष्ट्रमंडल खेल अब तक के सबसे उत्साहजनक अभियानों में से एक साबित हो रहा है।