नीशू आजाद मामला: स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से 3 सप्ताह की अंतरिम जमानत, 5 कड़ी शर्तें
सारांश
मुख्य बातें
पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को नीशू आजाद मामले में गिरफ्तार आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की — साथ में पाँच कड़ी शर्तें भी लगाई गईं। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी दस दिन से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है, उसकी कस्टडी पूछताछ पूरी हो चुकी है, और इन अपराधों में अधिकतम सात साल की सज़ा का प्रावधान है।
अदालत का आदेश और मुख्य टिप्पणियाँ
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उसकी प्राथमिक चिंता शिकायतकर्ता और उनकी नाबालिग बेटी की सुरक्षा को लेकर है। इसी के मद्देनज़र जमानत को कड़ी शर्तों से बाँधा गया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 23 जून की घटना से जुड़ा कोई भी निर्णय अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगा — सोशल मीडिया की बहस या सार्वजनिक दबाव के आधार पर नहीं। अंतरिम जमानत अवधि में आरोपी के आचरण की निगरानी की जाएगी, और उसके बाद ही नियमित जमानत की अर्जी पर विचार होगा।
जमानत की शर्तें और बॉन्ड राशि
अदालत ने ₹50,000 के व्यक्तिगत मुचलके और उतनी ही राशि की एक ज़मानत पर स्वतंत्र भारद्वाज को रिहा करने का आदेश दिया। इसके साथ जो पाँच शर्तें निर्धारित की गई हैं, वे इस प्रकार हैं:
पाँच कड़ी शर्तें
पहली शर्त: आरोपी शिकायतकर्ता या उनके परिवार के विषय में कोई भी बयान, टिप्पणी, वीडियो, पॉडकास्ट, इंटरव्यू, रील या पोस्ट — किसी भी सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट माध्यम या सार्वजनिक मंच पर — प्रकाशित, पोस्ट, अपलोड या साझा नहीं करेगा।
दूसरी शर्त: आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ता, उनकी नाबालिग बेटी, परिवार के किसी सदस्य या अभियोजन पक्ष के किसी गवाह से फ़ोन या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क नहीं करेगा।
तीसरी शर्त: मामले से संबंधित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, सोशल मीडिया सामग्री या अन्य साक्ष्य के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ वर्जित होगी।
चौथी शर्त: जाँच अधिकारी द्वारा पूर्व सूचना पर बुलाए जाने पर आरोपी को जाँच में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।
पाँचवीं शर्त: आरोपी को अपना दिल्ली का पता, स्थायी पता और मोबाइल नंबर जाँच अधिकारी एवं अदालत को देना होगा। वह उस नंबर को सक्रिय रखेगा और अधिकारी को सूचित किए बिना नंबर नहीं बदलेगा।
अगली सुनवाई और जाँच एजेंसी को निर्देश
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की है, जिसमें नियमित जमानत पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने जाँच एजेंसी को निर्देश दिया है कि 23 जून को जंतर-मंतर पर और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज को तत्काल एकत्र और सुरक्षित किया जाए। जाँच को तेज़ गति से पूरा करने का भी स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 23 जून की एक घटना से जुड़ा है जो कथित तौर पर जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर या उसके निकट हुई थी। गौरतलब है कि इस मामले में गिरफ्तारी के बाद से आरोपी सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में रहा है। अदालत ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि मामले की न्यायिक प्रक्रिया को सोशल मीडिया के शोर से प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। अगली सुनवाई में नियमित जमानत पर निर्णय यह तय करेगा कि आरोपी का आचरण अंतरिम जमानत की शर्तों के अनुरूप रहा या नहीं।