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लवलीना बोरगोहेन का 29वाँ जन्मदिन और एशियन गेम्स गोल्ड का मौका, मैरी कॉम की बराबरी दाँव पर

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लवलीना बोरगोहेन का 29वाँ जन्मदिन और एशियन गेम्स गोल्ड का मौका, मैरी कॉम की बराबरी दाँव पर

सारांश

जन्मदिन पर रिंग में उतरना संयोग नहीं — यह भारतीय बॉक्सिंग का सबसे भावनात्मक पल हो सकता है। लवलीना बोरगोहेन के पास 2 अक्टूबर को एशियन गेम्स गोल्ड जीतकर मैरी कॉम के बाद यह कारनामा करने वाली दूसरी भारतीय महिला बनने और अपने 29वें जन्मदिन को ऐतिहासिक बनाने का मौका है।

मुख्य बातें

लवलीना बोरगोहेन एशियन गेम्स में 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुँचीं; सेमीफाइनल में कज़ाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 से हराया।
वह लगातार दो एशियन गेम्स फाइनल में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला मुक्केबाज बनीं।
फाइनल 2 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे IST पर, प्रतिद्वंद्वी चीन की जियी बाओ ।
स्वर्ण जीतने पर मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनेंगी।
लवलीना के नाम टोक्यो ओलंपिक 2021 कांस्य , विश्व चैंपियनशिप 2023 गोल्ड और खेल रत्न 2021 सहित कई बड़े सम्मान हैं।

भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को अपना 29वाँ जन्मदिन एक ऐतिहासिक एशियन गेम्स फाइनल के रूप में मना सकती हैं — अगर वह 75 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने में सफल होती हैं। जापान में जारी एशियन गेम्स में लवलीना फाइनल में पहुँच चुकी हैं और यदि वह जीत दर्ज करती हैं, तो दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली भारत की दूसरी महिला बॉक्सर बन जाएंगी।

सेमीफाइनल में शानदार जीत

बुधवार को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में लवलीना बोरगोहेन ने कज़ाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 के करीबी स्कोर से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ ही वह लगातार दो एशियन गेम्स के फाइनल में पहुँचने वाली भारत की पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं — एक ऐसा कीर्तिमान जो भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में पहले किसी महिला ने हासिल नहीं किया था।

पिछली बार एशियन गेम्स हांगझोऊ 2023 में लवलीना को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। इस बार उनके सामने पदक का रंग बदलने का सुनहरा अवसर है।

फाइनल में चीन की चुनौती

2 अक्टूबर को फाइनल मुकाबले में लवलीना का सामना चीन की जियी बाओ से होगा। भारतीय समयानुसार यह भिड़ंत सुबह 10 बजे IST से शुरू होगी। गौरतलब है कि यह मैच उनके जन्मदिन पर ही होगा, जिससे इस लड़ाई का भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

असम की माटी से अंतरराष्ट्रीय रिंग तक

लवलीना बोरगोहेन का जन्म 2 अक्टूबर 1997 को असम के गोलाघाट ज़िले के बारोमुखिया गाँव में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने शुरुआत में थाई मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण लिया, लेकिन 2013 में बॉक्सिंग को अपना करियर चुना। उसके बाद से अब तक 13 वर्षों के कठोर परिश्रम ने उन्हें भारत की सबसे प्रभावशाली महिला मुक्केबाज के रूप में स्थापित किया है।

उपलब्धियों से भरा सफर

लवलीना की उपलब्धियाँ उन्हें अपनी पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ भारतीय महिला मुक्केबाज साबित करती हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2021 में कांस्य पदक, नई दिल्ली विश्व चैंपियनशिप 2023 में स्वर्ण पदक, एशियन गेम्स हांगझोऊ 2023 में रजत पदक, 2022 अम्मान एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीता है।

सरकार ने उन्हें 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से नवाज़ा। 2022 में असम सरकार ने उन्हें असम पुलिस में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के पद पर नियुक्त किया।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला बॉक्सिंग मैरी कॉम के बाद एक नई पहचान की तलाश में है। लवलीना का संभावित स्वर्ण न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी, बल्कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी उनकी दावेदारी को नई ऊँचाई देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन लगातार दो फाइनल में जगह बनाना यह साबित करता है कि लवलीना निरंतरता में विश्वास करती हैं। मैरी कॉम के युग के बाद भारतीय महिला बॉक्सिंग को एक नए चेहरे की ज़रूरत है — और लवलीना उस भूमिका के लिए सबसे मज़बूत दावेदार हैं। अगर वह आज स्वर्ण जीतती हैं, तो यह 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक से पहले उनकी दावेदारी को भी नई धार देगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लवलीना बोरगोहेन एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में कैसे पहुँचीं?
लवलीना ने सेमीफाइनल में कज़ाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 से हराकर 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ वह लगातार दो एशियन गेम्स फाइनल में पहुँचने वाली भारत की पहली महिला मुक्केबाज भी बन गईं।
लवलीना बोरगोहेन का एशियन गेम्स 2026 फाइनल कब और किससे है?
फाइनल 2 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे IST पर खेला जाएगा, जिसमें लवलीना का सामना चीन की जियी बाओ से होगा।
अगर लवलीना स्वर्ण जीतती हैं तो क्या रिकॉर्ड बनेगा?
स्वर्ण पदक जीतने पर लवलीना मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बन जाएंगी। यह उनके जन्मदिन — 2 अक्टूबर — पर हासिल होगा, जो इसे और भी यादगार बना देगा।
लवलीना बोरगोहेन की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक 2021 में कांस्य, नई दिल्ली विश्व चैंपियनशिप 2023 में स्वर्ण, एशियन गेम्स हांगझोऊ 2023 में रजत, 2022 अम्मान एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण और कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीता है। उन्हें 2021 में खेल रत्न और 2020 में अर्जुन पुरस्कार भी मिला है।
लवलीना बोरगोहेन कौन हैं और वे बॉक्सिंग में कैसे आईं?
लवलीना बोरगोहेन का जन्म 2 अक्टूबर 1997 को असम के गोलाघाट जिले में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने शुरुआत में थाई मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण लिया और 2013 में बॉक्सिंग को करियर के रूप में चुना। 2022 में असम सरकार ने उन्हें असम पुलिस में DSP के पद पर नियुक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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