एशियन गेम्स 2026: लवलीना का बॉक्सिंग गोल्ड, आर्चरी में ऐतिहासिक जीत; राष्ट्रपति मुर्मु और PM मोदी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर को भारत के लिए ऐतिहासिक दिन रहा, जब लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। इसी दिन भारतीय तीरंदाज़ों ने रिकर्व विमेंस टीम इवेंट में एशियन गेम्स के इतिहास में देश का पहला गोल्ड और रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में पहली बार सिल्वर हासिल किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी पदक विजेताओं को हार्दिक बधाई दी।
लवलीना बोरगोहेन का ऐतिहासिक स्वर्ण
लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर उपलब्धि को दोगुना खास बना दिया। राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, "लवलीना बोरगोहेन, एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 75 किग्रा बॉक्सिंग इवेंट में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने पर आपको बहुत बहुत बधाई। रिंग में आपकी ताकत, सटीकता और पक्के इरादे ने भारत को बहुत गर्व महसूस कराया है। आपके जन्मदिन पर यह गोल्ड मेडल जीतना इस मौके को और भी खास बनाता है।"
लवलीना ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में भी कांस्य पदक जीता था, और यह एशियाई स्वर्ण उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय महिला मुक्केबाज़ी एशिया में शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन चुकी है।
आर्चरी में दोहरी ऐतिहासिक सफलता
अंकिता भक्त, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति की तिकड़ी ने रिकर्व विमेंस टीम इवेंट में एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता। एक करीबी फाइनल में उनके धैर्य और सटीकता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय ने लिखा, "एक ऐतिहासिक गोल्ड जिसने पूरे देश को खुश कर दिया है।" राष्ट्रपति मुर्मु ने भी कहा, "तीन तीरंदाज, एक साथ कोशिश और एक यादगार गोल्ड।"
इसी दिन धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम अनिल मोहोद ने रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर जीता, जो इस इवेंट में भारत का पहला रजत पदक है। राष्ट्रपति ने इसे भी "ऐतिहासिक उपलब्धि" बताया। गौरतलब है कि कुमकुम अनिल मोहोद एकमात्र एथलीट रहीं जो इस दिन दो पदक जीतने वाली टीमों का हिस्सा थीं।
नौकायन में हर्षिता और शीतल का कांस्य
हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा ने विमेंस स्किफ इवेंट में भारत को कांस्य पदक दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने "पक्के इरादे और लगातार कोशिशों से भारत को पोडियम पर पहुंचाया और पिछले प्रदर्शन को और बेहतर किया।" राष्ट्रपति मुर्मु ने भी इस पदक को "खेल के प्रति उनकी कोशिशों और लगन की पहचान" बताया।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर सभी पदक विजेताओं के लिए अलग अलग बधाई संदेश पोस्ट किए। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नरेंद्र मोदी के हवाले से हर पदक पर विस्तृत प्रतिक्रिया साझा की, जिसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना और भविष्य की शुभकामनाएं शामिल थीं। यह उच्चतम स्तर का राजकीय प्रोत्साहन दर्शाता है जो भारतीय खेलों को आज मिल रहा है।
भारतीय खेलों के लिए बड़ा दिन
एक ही दिन में मुक्केबाज़ी, तीरंदाज़ी और नौकायन में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतना भारत की बढ़ती बहु खेल क्षमता का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी में जुटा है और एशियन गेम्स के परिणाम इन खेलों के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क का काम करते हैं। आने वाले दिनों में भारतीय दल से और पदकों की उम्मीद बनी हुई है।