2 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा मुक्केबाजी में जीता गोल्ड, भारत का 13वाँ स्वर्ण

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में 65 किग्रा मुक्केबाजी में जीता गोल्ड, भारत का 13वाँ स्वर्ण

सारांश

एक ही दिन, दो गोल्ड — पहले लवलीना ने जन्मदिन पर स्वर्ण जीता, फिर परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा फाइनल में रोमांचक जीत दर्ज की। भारतीय महिला मुक्केबाजी का यह दोहरा धमाका एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए ऐतिहासिक दिन बन गया।

मुख्य बातें

परवीन हुड्डा ने 2 अक्टूबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 की महिला 65 किग्रा मुक्केबाजी में चीनी ताइपे की नीन-चिन चे को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
परवीन ने पहला राउंड 5-0 जीता, दूसरा 5-0 से हारा, और तीसरा 3-2 से जीतकर गोल्ड पक्का किया।
यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का मुक्केबाजी में दूसरा और कुल 13वाँ स्वर्ण पदक है।
परवीन एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं — मैरी कॉम और लवलीना के बाद।
लवलीना बोरगोहेन ने उसी दिन 29वें जन्मदिन पर 75 किग्रा में चीन की जियाई बाओ को 5-0 से हराकर गोल्ड जीता।
लवलीना एशियन गेम्स में लगातार दो संस्करणों के फाइनल में पहुँचकर गोल्ड और सिल्वर दोनों जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं।

परवीन हुड्डा ने 2 अक्टूबर 2026 को निशियो में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला 65 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा के फाइनल में चीनी ताइपे की नीन-चिन चे को करीबी मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 26 वर्षीया परवीन के इस गोल्ड के साथ भारत ने इन खेलों में मुक्केबाजी का दूसरा और कुल 13वाँ स्वर्ण पदक हासिल किया।

मुकाबले का घटनाक्रम

तीन राउंड में खेले गए इस फाइनल की शुरुआत परवीन ने आक्रामक अंदाज़ में की। उन्होंने पहला राउंड 5-0 से अपने नाम किया और शुरुआत से ही प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। हालाँकि, चे ने दूसरे राउंड में ज़ोरदार वापसी करते हुए उसे भी 5-0 से जीत लिया, जिससे मुकाबला बराबरी पर आ गया।

निर्णायक तीसरे राउंड में परवीन ने अपना धैर्य और रणनीतिक समझ बनाए रखी और 3-2 के स्कोर से राउंड जीतकर समग्र मुकाबले में बाज़ी मारी। इस रोमांचक जीत ने उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

परवीन हुड्डा की उपलब्धियाँ

परवीन के लिए यह गोल्ड उनके शानदार करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले वे 2025 वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक, 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2022 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। यह जीत एशियन गेम्स में उनके लंबे इंतज़ार का सुखद अंत है।

इस जीत के साथ परवीन एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह कारनामा दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 51 किग्रा वर्ग में और लवलीना बोरगोहेन ने इसी संस्करण में कुछ घंटे पहले किया था।

लवलीना का ऐतिहासिक जन्मदिन गोल्ड

लवलीना बोरगोहेन ने 2 अक्टूबर को अपने 29वें जन्मदिन पर 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियाई बाओ को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना ने इस बार के एशियन गेम्स में पिछले संस्करण के रजत पदक से आगे बढ़कर स्वर्ण हासिल किया — जो उनके लिए एक अनमोल जन्मदिन का तोहफा साबित हुआ।

लवलीना एमसी मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला हैं जिन्होंने एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड और ओलंपिक मेडल, दोनों अपने नाम किए हैं। इसके साथ ही वे एशियन गेम्स में लगातार दो संस्करणों के फाइनल में पहुँचकर गोल्ड और सिल्वर दोनों जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज भी बन गई हैं।

भारतीय मुक्केबाजी का बड़ा दिन

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला मुक्केबाजी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना परचम लहरा रही है। गौरतलब है कि मैरी कॉम की विरासत को आगे बढ़ाते हुए लवलीना और परवीन जैसी खिलाड़ियों ने भारत को विश्व मुक्केबाजी के शीर्ष स्तर पर स्थापित किया है। एशियन गेम्स 2026 में एक ही दिन दो महिला मुक्केबाज़ों का स्वर्ण जीतना भारतीय खेल इतिहास में एक दुर्लभ और गौरवशाली उपलब्धि है। आने वाले समय में इन दोनों की नज़र ओलंपिक क्वालीफिकेशन पर होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय महिला मुक्केबाजी में एक व्यवस्थित पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है। मैरी कॉम ने जो नींव रखी, लवलीना और परवीन उसे नई ऊँचाइयों पर ले जा रही हैं। हालाँकि, यह भी गौर करने वाली बात है कि ओलंपिक में महिला मुक्केबाजी के लिए भार वर्गों की सीमित संख्या इन खिलाड़ियों के सामने क्वालीफिकेशन की बड़ी चुनौती खड़ी करती है। असली परीक्षा अब यह होगी कि एशियन गेम्स की यह सफलता पेरिस के बाद के ओलंपिक चक्र में कैसे तब्दील होती है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में किस स्पर्धा में गोल्ड जीता?
परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 65 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में चीनी ताइपे की नीन-चिन चे को तीन राउंड के करीबी मुकाबले में हराया।
परवीन हुड्डा एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली कौन-सी भारतीय महिला मुक्केबाज हैं?
परवीन हुड्डा एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज हैं। उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में और लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में ही कुछ घंटे पहले यह उपलब्धि हासिल की थी।
लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में कैसा प्रदर्शन किया?
लवलीना बोरगोहेन ने 2 अक्टूबर को अपने 29वें जन्मदिन पर 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियाई बाओ को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह उनके लिए एशियन गेम्स में पिछले संस्करण के सिल्वर से बेहतर प्रदर्शन था।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह कुल कौन-सा गोल्ड मेडल था?
परवीन हुड्डा का गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में भारत का कुल 13वाँ स्वर्ण पदक था और मुक्केबाजी में दूसरा गोल्ड था। इससे पहले लवलीना ने 75 किग्रा में मुक्केबाजी का पहला गोल्ड जीता था।
परवीन हुड्डा ने इससे पहले कौन-से बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं?
परवीन हुड्डा ने 2025 वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल, 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और 2022 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 6 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 महीने पहले