कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: सचिन सिवाच, साक्षी, अंकुश और नरेंद्र सेमीफाइनल में, भारत के 4 और मेडल पक्के
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मुक्केबाज सचिन सिवाच ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों के 60 किग्रा क्वार्टरफाइनल में बोत्सवाना के मोरेमी ट्रेजर को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और देश के लिए कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित कर दिया। 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो में खेले गए इन क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में साक्षी, अंकुश और नरेंद्र ने भी जीत दर्ज कर भारत की पदक संख्या और बढ़ाई।
सचिन सिवाच: घबराहट से जीत तक
सिवाच ने मुकाबले के बाद बताया, 'मुकाबले से पहले मैं घबराया हुआ था, लेकिन पहली घंटी बजते ही सब बदल गया। एक बार मुकाबला शुरू होने के बाद, मेरा पूरा ध्यान अपनी बॉक्सिंग और गेम प्लान पर था।' स्कोरलाइन भले ही एकतरफा रही, लेकिन सिवाच ने प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेने से साफ इनकार किया। उनके अनुसार, 'यहाँ हर बॉक्सर उलटफेर करने में सक्षम है। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान किया, धैर्य बनाए रखा और अपनी रणनीति पर अमल किया।'
सचिन ने देश के युवाओं को संदेश देते हुए कहा, 'वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और कड़ी मेहनत करें। अगर आप समर्पित रहते हैं और खुद पर विश्वास रखते हैं, तो एक दिन आप निश्चित रूप से सफलता हासिल करेंगे।'
साक्षी का पहला कॉमनवेल्थ मेडल पक्का
महिला मुक्केबाज साक्षी ने 51 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में नॉर्दन आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। जीत के बाद साक्षी ने कहा, 'यह मेरा पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। मैं लॉन्ग रेंज का गेम खेलना चाहती थी, जिसमें कामयाब रही। मेरी कोशिश है कि इसे गोल्ड में बदलूं। मैं पूरे देश को यह जीत समर्पित करना चाहूंगी।'
अंकुश की 5-0 जीत और गुरु पूर्णिमा का अनोखा अंदाज़
80 किग्रा वर्ग में अंकुश ने सेशेल्स के जेड माइकोक को 5-0 से हराया। इस मुकाबले में वे दो अलग-अलग रंग के जूते पहनकर उतरे। उन्होंने बताया कि यह उनके कोच की सलाह थी, जिसे उन्होंने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूरे मन से स्वीकार किया। अंकुश ने कहा, 'आज गुरु पूर्णिमा है, और मेरे लिए मेरे कोच की बात ही आखिरी होती है।' उन्होंने यह मेडल अपने माता-पिता, परिवार और कोच को समर्पित किया तथा गोल्ड का लक्ष्य जताया। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग की भी उन्होंने सराहना की।
नरेंद्र बने आठवें भारतीय सेमीफाइनलिस्ट
नरेंद्र कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पहुँचने वाले आठवें भारतीय मुक्केबाज बने। उन्होंने पुरुषों के 90 किग्रा+ वर्ग के क्वार्टरफाइनल में समोआ के माइकल सेको को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराया। नरेंद्र ने अपना यह मेडल अपने दिवंगत कोच देवराज सर को समर्पित किया और कहा, 'आज गुरु पूर्णिमा के मौके पर मैं यह मेडल अपने कोच देवराज सर को समर्पित करता हूं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। हमें मेहनत करते रहनी चाहिए, हार-जीत तो होती ही रहती है।'
भारत की पदक तालिका में उछाल
बुधवार के इन नतीजों ने भारत की बॉक्सिंग पदक संख्या में उल्लेखनीय इजाफा किया है। चारों मुक्केबाज अब सेमीफाइनल में हैं, जिसका अर्थ है कि भारत को कम से कम 4 ब्रॉन्ज मेडल मिलना तय है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कई खिलाड़ियों ने अपने कोचों को पदक समर्पित किए — जो भारतीय खेल संस्कृति की गहरी भावना को दर्शाता है। सेमीफाइनल में इन मुक्केबाजों का प्रदर्शन यह तय करेगा कि इनमें से कितने गोल्ड या सिल्वर तक पहुँच पाते हैं।