18 अगस्त 2026
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अर्जुन अवॉर्ड के लिए नरेंद्र बेरवाल चुने गए, हांसी के सोरखी गांव में जश्न

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अर्जुन अवॉर्ड के लिए नरेंद्र बेरवाल चुने गए, हांसी के सोरखी गांव में जश्न

सारांश

हरियाणा के हांसी जिले के सोरखी गांव से निकले मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत और एशियन गेम्स 2023 में कांस्य पदक विजेता नरेंद्र की नज़र अब ओलंपिक स्वर्ण पर है।

मुख्य बातें

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल को प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया।
नरेंद्र हरियाणा के हांसी जिले के सोरखी गांव के निवासी हैं और भारतीय सेना में कार्यरत हैं।
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 90+ किग्रा भारवर्ग में रजत पदक जीतना अवॉर्ड चयन का प्रमुख आधार रहा।
उनके पदक-सफर में एशियन गेम्स 2023 कांस्य, यूरोपियन कप स्वर्ण और नेशनल गेम्स 2025 स्वर्ण शामिल हैं।
नरेंद्र ने 2009 में बॉक्सिंग शुरू की और 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए; कोच देवराज के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित।
अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना।

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल को प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। हरियाणा के हांसी जिले के सोरखी गांव से ताल्लुक रखने वाले नरेंद्र की इस उपलब्धि पर 18 अगस्त को पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने मिठाइयाँ बाँटकर इस ऐतिहासिक क्षण का जश्न मनाया।

शानदार पदक-सफर की बुनियाद

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 90 किलोग्राम से अधिक भारवर्ग में रजत पदक जीतना नरेंद्र के अर्जुन अवॉर्ड चयन की प्रत्यक्ष वजह बना। फाइनल में इंग्लैंड के डेमर थॉमस से 0-5 से हार के बावजूद उन्होंने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर पदक सुनिश्चित किया था। यह उनके करियर की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में से एक है।

नरेंद्र की उपलब्धियों की सूची लंबी है — एशियन गेम्स 2023 में कांस्य पदक, यूरोपियन कप में स्वर्ण पदक, यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत, यूथ एशियन चैंपियनशिप में कांस्य, और नेशनल गेम्स 2025 में स्वर्ण पदक। इससे पहले फिलीपींस यूथ वर्ल्ड कप 2012 में रजत, आर्मेनिया यूथ एशियन चैंपियनशिप 2013 में रजत और मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स 2015 में भी रजत पदक उनके खाते में हैं।

मुक्केबाज का संघर्ष और अनुशासन

नरेंद्र बेरवाल ने वर्ष 2009 में दूध, दही और हलवे जैसे पौष्टिक आहार के साथ बॉक्सिंग की शुरुआत की। मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी तरह मुक्केबाजी को अपना लक्ष्य बना लिया। भिवानी बॉक्सिंग एकेडमी में कोच देवराज के मार्गदर्शन में उन्होंने कड़े अभ्यास से अपने खेल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।

वर्ष 2013 में नरेंद्र भारतीय सेना में भर्ती हुए और उसके बाद से उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व किया। नरेंद्र का मानना है कि मेहनत, अनुशासन, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और कोच की सलाह का ईमानदारी से पालन करने वाला खिलाड़ी निश्चित रूप से सफलता हासिल कर सकता है।

परिवार और गांव का गर्व

नरेंद्र के पिता जगदीश बेरवाल और माता रोशनी देवी ने बेटे के चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पूरे सोरखी गांव और हांसी जिले के लिए गर्व का क्षण है। परिवार को उम्मीद है कि नरेंद्र आने वाले एशियन गेम्स और ओलंपिक में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतेंगे।

नरेंद्र की नज़र अब ओलंपिक स्वर्ण पर

कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने के बाद नरेंद्र ने कहा था कि उनका सफर अभी समाप्त नहीं हुआ है और अगला लक्ष्य एशियन गेम्स तथा ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय 16 वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास को दिया। अर्जुन अवॉर्ड की यह मान्यता उनके इस दीर्घकालिक समर्पण की स्वीकृति है — और आने वाले बड़े मंचों के लिए एक मज़बूत प्रेरणा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ग्रामीण खेल अकादमियों को मिलने वाले सरकारी समर्थन की पर्याप्तता पर सवाल बने रहते हैं। 16 वर्षों की मेहनत के बाद मिला यह सम्मान प्रेरणादायक है, पर असली कसौटी यह होगी कि क्या नरेंद्र को ओलंपिक की तैयारी के लिए वह संस्थागत समर्थन मिलेगा जो उनकी प्रतिभा की माँग करती है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरेंद्र बेरवाल को अर्जुन अवॉर्ड के लिए क्यों चुना गया?
नरेंद्र बेरवाल को उनके उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के आधार पर अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक, एशियन गेम्स 2023 में कांस्य और नेशनल गेम्स 2025 में स्वर्ण पदक उनकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
नरेंद्र बेरवाल कौन हैं और कहाँ से हैं?
नरेंद्र बेरवाल हरियाणा के हांसी जिले के सोरखी गांव के निवासी अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज हैं। वे 2013 से भारतीय सेना में कार्यरत हैं और भिवानी बॉक्सिंग एकेडमी में कोच देवराज के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित हुए हैं।
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नरेंद्र का प्रदर्शन कैसा रहा?
नरेंद्र बेरवाल ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 90 किलोग्राम से अधिक भारवर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाई, जहाँ इंग्लैंड के डेमर थॉमस से 0-5 से हार के बावजूद उन्होंने देश का नाम रोशन किया।
नरेंद्र बेरवाल की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ कौन-सी हैं?
उनकी प्रमुख उपलब्धियों में एशियन गेम्स 2023 में कांस्य, यूरोपियन कप में स्वर्ण, यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत, मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स 2015 में रजत और नेशनल गेम्स 2025 में स्वर्ण पदक शामिल हैं। उन्होंने 2009 से अब तक हर बड़ी प्रतियोगिता में भारत के लिए पदक जीते हैं।
नरेंद्र बेरवाल का अगला लक्ष्य क्या है?
नरेंद्र बेरवाल का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने कहा है कि 16 वर्षों की मेहनत और अनुशासन ने उन्हें यहाँ तक पहुँचाया है और वे तिरंगे की शान को और ऊँचा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्र प्रेस
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