वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 2026: बसंत मेघवाल का ऐतिहासिक सिल्वर, शाहनवाज खान का ब्रॉन्ज — इंडियन नेवी का दोहरा गौरव
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन नेवी के दो एथलीटों ने वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 2026 में भारत का परचम लहराया — बसंत कुमार मेघवाल ने पुरुषों की हाई जंप में सिल्वर मेडल जीता, जबकि शाहनवाज खान ने पुरुषों की लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 5 से 9 अगस्त 2026 के बीच अमेरिका के ओरेगन राज्य के यूजीन में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत की यह उपलब्धि ऐतिहासिक है, क्योंकि बसंत किसी भी आयु वर्ग की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय हाई जंपर बन गए हैं।
बसंत मेघवाल का ऐतिहासिक सिल्वर मेडल
बसंत कुमार मेघवाल ने 2.21 मीटर की जंप के साथ पुरुषों की हाई जंप में दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने क्रमशः 2.06 मीटर, 2.12 मीटर, 2.17 मीटर और अंततः 2.21 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार की। शीर्ष तीन एथलीटों ने 2.21 मीटर की समान ऊंचाई छुई, लेकिन 'काउंटबैक' नियम के आधार पर बसंत को सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। अल्जीरिया के यूनिस अयाची ने गोल्ड और ब्रिटेन के ओटिस पूल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
गौरतलब है कि यह भारतीय हाई जंप के इतिहास में किसी भी आयु वर्ग की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पहला पदक है — एक ऐसी उपलब्धि जो दशकों की प्रतीक्षा के बाद मिली है।
शाहनवाज खान का लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज
शाहनवाज खान ने पुरुषों की लॉन्ग जंप में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने तीसरे प्रयास में 7.84 मीटर और पाँचवें प्रयास में 7.83 मीटर की जंप लगाई, जिससे पोडियम पर उनकी जगह सुनिश्चित हुई। इटली के इनजोली ने 7.97 मीटर के साथ गोल्ड और ऑस्ट्रेलिया के मैकग्रोडर ने 7.96 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'भारतीय खेलों के लिए गर्व का पल, जब हमारे युवा एथलीट्स ने वैश्विक मंच पर शानदार प्रदर्शन किया। बसंत का ऐतिहासिक मेडल — वर्ल्ड चैंपियनशिप में हाई जंप में भारत का पहला मेडल — और शाहनवाज का ब्रॉन्ज मेडल, हमारे रक्षा बलों के समर्पण, अनुशासन और लड़ने के जज्बे की मिसाल हैं। उनका प्रदर्शन देश भर के हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है।'
इंडियन नेवी और खेल: एक मज़बूत परंपरा
यह ऐसे समय में आया है जब इंडियन नेवी अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए व्यवस्थित रूप से तैयार कर रही है। सशस्त्र बलों में खेल प्रशिक्षण की संरचित व्यवस्था इन परिणामों में स्पष्ट दिखती है। दोनों पदक विजेता नेवी के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत तैयार हुए हैं, जो अनुशासन और उच्च-प्रदर्शन खेल को एकसाथ साधता है।
आगे की राह
बसंत और शाहनवाज की इस सफलता से भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंडर-20 स्तर पर ऐसे प्रदर्शन सीनियर चैंपियनशिप और ओलंपिक के लिए एक मज़बूत पाइपलाइन का संकेत देते हैं। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के लिए यह परिणाम आगामी अंतरराष्ट्रीय सत्र की तैयारियों में और प्रोत्साहन का काम करेगा।