एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स: शाहनवाज खान की 7.84 मीटर लंबी कूद, भारत 7 गोल्ड के साथ दूसरे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हांगकांग के मैदान पर शनिवार, 30 मई को भारत ने तीन और स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले — शाहनवाज खान (लंबी कूद), बसंत (ऊंची कूद) और निखिल चंद्रशेखर (3,000 मीटर स्टीपलचेज) ने शानदार प्रदर्शन किया। इन तीन गोल्ड के साथ भारत का कुल स्वर्ण पदक खाता 7 पर पहुँच गया और वह पदक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज है।
शाहनवाज खान का लंबी कूद में दबदबा
शाहनवाज खान ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। उनका यह प्रदर्शन दिन की सर्वश्रेष्ठ कूद रही। इसी स्पर्धा में उनके हमवतन जिथिन अर्जुनन रमन चंद्रशेखरन ने 7.66 मीटर की कूद के साथ रजत पदक हासिल किया, जिससे भारत ने इस इवेंट में एक-दो का कमाल कर दिखाया।
निखिल चंद्रशेखर और बसंत की करियर-बेस्ट परफॉर्मेंस
निखिल चंद्रशेखर ने पुरुषों की 3,000 मीटर स्टीपलचेज में 9:25.44 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता — यह उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन था। बसंत ने पुरुषों की ऊंची कूद में 2.20 मीटर की ऊंचाई पार कर तीसरा स्वर्ण भारत की झोली में डाला।
महिला वर्ग में आरती का कांस्य
आरती ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में 24.12 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य पदक जीता। भूमिका संजय नेहाटे 24.13 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रहीं और पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। महिलाओं की भाला फेंक में पूनम 46.55 मीटर की थ्रो के साथ आठवें स्थान पर रहीं।
पूजा का राष्ट्रीय और मीट रिकॉर्ड — शुक्रवार की उपलब्धि
इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को चैंपियनशिप के दूसरे दिन, पूजा ने महिलाओं की ऊंची कूद में 1.93 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन से उन्होंने 2012 में सहाना कुमारी द्वारा स्थापित 1.92 मीटर के एक दशक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा। साथ ही, 2006 में उज़्बेकिस्तान की स्वेतलाना राडजिविल द्वारा बनाए गए 1.90 मीटर के एशियन अंडर-20 मीट रिकॉर्ड को भी ध्वस्त किया।
पदक तालिका में भारत की स्थिति
फिलहाल चीन 10 गोल्ड के साथ तालिका में शीर्ष पर है। भारत 7 गोल्ड के साथ दूसरे स्थान पर मज़बूती से टिका हुआ है। शुक्रवार को भारत ने 4 गोल्ड जीते थे, जबकि शनिवार को 3 और गोल्ड जुड़े। चैंपियनशिप में भारतीय एथलीटों का यह प्रदर्शन देश की युवा एथलेटिक्स प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है।