अंडर-17 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप: दीक्षा और गरिमा ने दिलाए भारत को 2 स्वर्ण, दा नांग में 5 पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला पहलवानों ने 30 मई 2026 को वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-17 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक सहित कुल 5 पदक जीते। दीक्षा और गरिमा ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय दल का नेतृत्व किया, जबकि शेष तीन पहलवानों ने भी पोडियम पर जगह बनाई।
दीक्षा और गरिमा का स्वर्णिम प्रदर्शन
दीक्षा (43 किग्रा) ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने पूल चरण में किर्गिस्तान को 8-0 और वियतनाम को 10-0 से हराया, और फिर फाइनल में किर्गिस्तान की असंगार्येवा को 6-0 से पराजित किया। 73 किग्रा वर्ग में गरिमा ने आक्रामक कुश्ती का नमूना पेश करते हुए फाइनल में मंगोलिया की नामुनत्सेत्सेग बातबोल्ड को 18-6 के बड़े अंतर से हराया और भारत का दूसरा स्वर्ण सुनिश्चित किया।
रजत और कांस्य पदक विजेता
निकिता (49 किग्रा) फाइनल में चीन की युआन युटिंग से 2-10 से हारकर रजत पदक पर रुकीं। अंतरा (65 किग्रा) ने सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ कड़ा मुकाबला जीतने के बाद फाइनल में चीन की सियू वेई से 0-5 से हार का सामना किया और रजत पदक जीता। साक्षी (57 किग्रा) ने सेमीफाइनल में करीबी हार के बाद शानदार वापसी की और मेडल प्लेऑफ में कजाकिस्तान की अरिना कुआनिशोवा को 10-0 से हराकर कांस्य पदक जीता।
अंडर-23 चैंपियनशिप में भी भारत का दबदबा
यह सफलता इसी सप्ताह दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के शानदार प्रदर्शन के ठीक बाद आई है। उस प्रतियोगिता में भारत की पुरुष फ्रीस्टाइल टीम ने टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती और फ्रीस्टाइल रैंकिंग में किर्गिस्तान व कजाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
अंडर-23 स्पर्धा में भारतीय महिला पहलवानों ने भी 10 पदक जीते, जिनमें 6 स्वर्ण शामिल थे। मुस्कान (53 किग्रा), तपस्या (57 किग्रा), भाग्यश्री (62 किग्रा), पुलकित (67 किग्रा), मानसी (68 किग्रा) और काजल (76 किग्रा) ने अपने-अपने वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। नेहा (59 किग्रा) और स्वीटी (50 किग्रा) ने रजत, जबकि अमृता (72 किग्रा) और अहिल्या (55 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किए।
भारतीय कुश्ती का उभरता भविष्य
दोनों आयु-वर्ग प्रतियोगिताओं को मिलाकर भारतीय दल ने दा नांग में कुल 27 पदक जीते — 11 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य — जो फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती और ग्रीको-रोमन तीनों श्रेणियों में फैले हैं। यह प्रदर्शन भारतीय महिला कुश्ती की गहरी प्रतिभा-पाइपलाइन को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि आयु-वर्ग स्तर पर यह लगातार सफलता आने वाले वर्षों में सीनियर एशियाई और ओलंपिक स्पर्धाओं में भारत की दावेदारी को और मजबूत करती है।