अंडर-23 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप: भारत ने 27 पदकों के साथ फ्रीस्टाइल टीम चैंपियनशिप जीती
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम ने वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए फ्रीस्टाइल टीम चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। भारत ने किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसी पारंपरिक कुश्ती महाशक्तियों को पीछे छोड़ा — किर्गिस्तान दूसरे और कजाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। तीनों कैटेगरी — फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती और ग्रीको-रोमन — को मिलाकर भारत ने कुल 27 पदक जीते, जिनमें 11 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य शामिल हैं।
फ्रीस्टाइल में ऐतिहासिक प्रदर्शन
फ्रीस्टाइल टीम ने 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 9 पदक जीतकर टीम चैंपियनशिप सुनिश्चित की। अक्षय टी ढेरे (57 किग्रा) और विक्की (97 किग्रा) ने स्वर्ण पदक से अभियान की शुरुआत की। इसके बाद कुमार मोहित (65 किग्रा) और चंद्रमोहन (79 किग्रा) ने भी गोल्ड जीतकर टीम की बढ़त को मजबूत किया।
दीपक राठी (61 किग्रा), पुनीत कुमार (92 किग्रा) और लैकी (125 किग्रा) ने रजत पदक जीते, जबकि दीपक बेरवाल (74 किग्रा) और मोर सचिन (82 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल कर फ्रीस्टाइल का खाता पूरा किया।
महिला पहलवानों का दबदबा
भारतीय महिला पहलवानों ने पूरे टूर्नामेंट में अपना वर्चस्व कायम रखा और कुल 10 पदक जीते। मुस्कान (53 किग्रा), तपस्या (57 किग्रा), भाग्यश्री (62 किग्रा), पुलकित (67 किग्रा), मानसी (68 किग्रा) और काजल (76 किग्रा) — इन छह पहलवानों ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते।
नेहा (59 किग्रा) और स्वीटी (50 किग्रा) ने रजत पदक हासिल किए, जबकि अमृता (72 किग्रा) और अहिल्या (55 किग्रा) ने कांस्य पदक के साथ अपना अभियान समाप्त किया।
ग्रीको-रोमन में मजबूत नींव
ग्रीको-रोमन वर्ग में भारतीय पहलवानों ने 8 पदक जीतकर समग्र अभियान को मजबूती दी। सुमित (63 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि सूरज (60 किग्रा) और सागर सिंह (67 किग्रा) ने रजत पदक हासिल किए। नीरज पटेल (55 किग्रा), सचिन (77 किग्रा), रोहित बुरा (87 किग्रा), रोहित (97 किग्रा) और हरदीप (130 किग्रा) ने कांस्य पदक जीतकर टीम के पदक खाते में इजाफा किया।
रेसलिंग फेडरेशन की प्रतिक्रिया
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने इस उपलब्धि पर कहा, 'अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी उठाना भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ी कामयाबी है और पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। हमारे फ्रीस्टाइल पहलवानों ने किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे शीर्ष कुश्ती देशों से आगे रहने के लिए जबरदस्त इरादा और तकनीकी बेहतरी दिखाई है।' सिंह ने सभी पदक विजेताओं, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को बधाई दी।
आगे क्या
अंडर-23 चैंपियनशिप के सफल समापन के बाद अब भारतीय दल का ध्यान अंडर-17 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप पर केंद्रित होगा, जो दा नांग में उसी स्थल पर अगले दिन से शुरू होनी है। यह प्रदर्शन भारतीय कुश्ती की गहरी प्रतिभा पाइपलाइन का संकेत देता है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में और बेहतर परिणामों की उम्मीद जगाता है।