अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप: मोहित और चंद्रमोहन ने जीते स्वर्ण, भारत के फ्रीस्टाइल में 6 पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों ने वियतनाम के दा नांग में जारी अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप के चौथे दिन — मंगलवार, 26 मई — चार और पदक अपने नाम किए। कुमार मोहित और चंद्रमोहन ने अपने-अपने भार-वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम लहराया, जिससे फ्रीस्टाइल स्पर्धा में देश के कुल पदकों की संख्या छह हो गई।
मुख्य घटनाक्रम
कुमार मोहित ने 65 किग्रा भार-वर्ग के फाइनल में किर्गिस्तान के ओस्कोनबाई ए. अब्दिसामातोव को 12-4 के बड़े अंतर से हराया। उनका पूरे मुकाबले में वर्चस्व बना रहा और वे पोडियम पर शीर्ष स्थान पर रहे।
चंद्रमोहन ने 79 किग्रा के खिताबी मुकाबले में कजाकिस्तान के येरखान अबिल को 7-6 के रोमांचक अंतर से पराजित किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
रजत और कांस्य पदक विजेता
61 किग्रा के फाइनल में दीपक ने कजाकिस्तान के नूरदानत ऐतानोव के खिलाफ 4-4 की बराबरी वाला करीबी मुकाबला खेला, लेकिन अंततः उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
74 किग्रा भार-वर्ग में दूसरे दीपक ने तुर्कमेनिस्तान के वतन अन्नाइराजोव को 10-0 से हराकर कांस्य पदक जीता।
कुमार पुनीत ने 92 किग्रा वर्ग में रजत पदक जोड़ा, हालांकि वे किर्गिस्तान के उलुकबेक सोरोमबेकोव से 1-12 से हार गए। मोर सचिन ने 86 किग्रा में बोबुरबेक रुजिम्बोएव को 4-1 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया। 125 किग्रा वर्ग में लैकी को कजाकिस्तान के रिजाबेक ऐतमुखान से 0-10 की हार के बाद रजत पदक मिला।
पिछले दिन की सफलता
यह पदक-वर्षा पिछले दिन की शानदार उपलब्धि की कड़ी है, जब अक्षय टी. ढेरे ने 57 किग्रा और विक्की ने 97 किग्रा में स्वर्ण पदक जीते थे। इन दोनों दिनों को मिलाकर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में भारत के कुल चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक हो गए हैं।
फेडरेशन अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, 'फ्रीस्टाइल स्क्वाड ने पिछले दो दिनों में बहुत अच्छा परफॉर्म किया है। फ्रीस्टाइल में अब तक चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक आना एक सकारात्मक संकेत है। मोहित और चंद्रमोहन ने आज अपने खिताब जीतने के लिए अच्छा प्रदर्शन किया। दोनों दीपक ने मैट पर अपना सब कुछ झोंक दिया। मैं इन नतीजों के लिए लड़कों और कोचिंग स्टाफ को बधाई देता हूं। हमें दिन के आखिर तक और मेडल जीतने की उम्मीद है।'
आगे की राह
चैंपियनशिप अभी जारी है और भारतीय दल से और पदकों की उम्मीद बनी हुई है। फ्रीस्टाइल में यह प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के उभरते युवा वर्ग की ताकत को रेखांकित करता है।