अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2026: भारत ने दा नांग में 27 पदक जीते, PM मोदी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई 2026 को वियतनाम के दा नांग में संपन्न अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में भारतीय पहलवानों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। भारतीय दल ने फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती और ग्रीको-रोमन — तीनों वर्गों में मिलाकर 11 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 27 पदक जीते, जो इस प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
मुख्य घटनाक्रम
पुरुषों की फ्रीस्टाइल टीम ने 9 पदक अर्जित किए, जिनमें 4 स्वर्ण शामिल थे, और इस प्रकार अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप के इतिहास में भारत का सर्वाधिक पदक-संग्रह का कीर्तिमान स्थापित किया। महिला कुश्ती टीम ने 10 पदक जीते, जिनमें उल्लेखनीय 6 स्वर्ण पदक शामिल हैं। ग्रीको-रोमन टीम ने भी 8 पदकों के साथ अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
PM मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'हमारे पहलवानों का शानदार प्रदर्शन। हमारी पुरुषों की फ्रीस्टाइल और महिलाओं की कुश्ती टीमों ने वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में टीम खिताब जीते... हमारे पहलवानों को बधाई। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएँ।'
रेसलिंग फेडरेशन की प्रतिक्रिया
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह ने इस उपलब्धि को भारतीय कुश्ती के लिए 'बड़ी कामयाबी' बताया। उन्होंने कहा, 'अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप की ट्रॉफी उठाना भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ी कामयाबी है और पूरे देश के लिए बहुत गर्व की बात है। हमारे फ्रीस्टाइल पहलवानों ने किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे शीर्ष कुश्ती देशों से आगे रहने के लिए जबरदस्त इरादा और तकनीकी बेहतरी दिखाई है।' उन्होंने मेडल विजेताओं, कोचों और सपोर्ट स्टाफ सभी को बधाई दी।
प्रतिस्पर्धी देशों पर भारत की बढ़त
फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत ने पारंपरिक कुश्ती महाशक्तियों को पीछे छोड़ा — किर्गिस्तान दूसरे और कजाकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती प्रशासनिक उठापटक के बाद पुनर्स्थापना के दौर से गुज़र रही है। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन केवल पदक-संख्या में नहीं, बल्कि तकनीकी परिपक्वता और टीम संगठन के लिहाज़ से भी उल्लेखनीय माना जा रहा है।
आगे की राह
इस प्रदर्शन ने भारतीय अंडर-23 पहलवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मज़बूत पहचान दिलाई है। संजय सिंह के अनुसार, 'तीनों स्टाइल में हमारे एथलीटों ने साबित कर दिया है कि भारतीय कुश्ती का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।' आने वाले सीनियर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में इन युवा पहलवानों की भागीदारी पर नज़र रहेगी।