क्या भारत ने बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप में विजय हासिल की?

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क्या भारत ने बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप में विजय हासिल की?

सारांश

भारत ने बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप में अपनी शानदार जीत का परचम लहराया। शाइना मणिमुथु और दीक्षा सुधाकर ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि अन्य खिलाड़ियों ने भी पदक जीते। जानिए इस उत्साहजनक खबर के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

भारत ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते।
दीक्षा सुधाकर और शाइना मणिमुथु ने अपने-अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया।
भारत के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा और समर्पण।
पिछली बार भारत ने 2013 में भी स्वर्ण पदक जीते थे।
अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग में भारत का प्रदर्शन प्रेरणादायक रहा।

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप 2025 में रविवार को शानदार प्रदर्शन किया। शाइना मणिमुथु (अंडर-15) और दीक्षा सुधाकर (अंडर-17) ने अपने-अपने आयु वर्ग में स्वर्ण पदकदो स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक हासिल कर स्वदेश लौटने की योजना बनाई है।

अंडर-15 बालिका एकल वर्ग के फाइनल में शाइना ने जापान की चिहारू तोमिता को 21-14, 22-20 से पराजित किया। दीक्षा सुधाकर ने अंडर-17 बालिका एकल वर्ग के फाइनल में अपने साथी लक्ष्य राजेश को 21-16, 21-9 से हराया।

इसके अलावा, दीक्षा ने जूनियर एशियन चैंपियनशिप में अंडर-17 खिताब जीतने वाली पहली भारतीय एकल खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया।

रविवार को, शाइना अंडर-15 वर्ग का खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय बालिका एकल खिलाड़ी बनीं। उन्होंने पहले गेम में तोमिता पर दबदबा बनाया, और दूसरे गेम में अंतिम क्षणों में मिली चुनौती को नाकाम करते हुए मुकाबले को 44 मिनट में अपने नाम कर लिया।

इसके बाद, दीक्षा ने 27 मिनट तक चले फाइनल में दबदबा बनाते हुए अंडर-17 वर्ग का खिताब जीता।

बालकों के एकल वर्ग में जगशेर सिंह खंगगुरा और जंगजीत सिंह काजला तथा जननिका रमेश की मिश्रित युगल जोड़ी ने सेमीफाइनल में हारने के बाद कांस्य पदक जीते।

मिश्रित युगल सेमीफाइनल में जंगजीत सिंह काजला और जननिका रमेश की जोड़ी को चीनी ताइपे के आई एन चांग और यो हान वांग से 17-21, 21-18, 21-16 से हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह, जगशेर सिंह खंगुरा को लड़कों के एकल सेमीफाइनल में चीन के होंग तियान यू से 21-11, 21-16 से हार का सामना करना पड़ा।

भारत ने पिछली बार 2013 में दो स्वर्ण पदक जीते थे, जब सिरिल वर्मा ने अंडर-15 बालक एकल वर्ग का खिताब जीता था, जबकि चिराग शेट्टी और एमआर अर्जुन ने अंडर-17 बालक युगल वर्ग का खिताब जीता था।

भारत के पदक विजेता :

दीक्षा सुधाकर: अंडर-17 बालिका एकल में स्वर्ण पदक।

शाइना मणिमुथु: अंडर-15 बालिका एकल में स्वर्ण पदक।

लक्ष्य राजेश: अंडर-17 बालिका एकल में रजत पदक।

जगशेर सिंह खंगगुरा: अंडर-17 बालक एकल में कांस्य पदक।

जंगजीत सिंह काजला और जननिका रमेश: अंडर-17 मिश्रित युगल में कांस्य पदक।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे न केवल उनके लिए, बल्कि देश के लिए भी गर्व का कारण बनी हैं। यह हमारे खेलों में बढ़ती प्रतिभा और मेहनत का परिणाम है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में किस प्रकार का प्रदर्शन किया?
भारत ने इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते।
कौन-कौन से खिलाडियों ने पदक जीते?
दीक्षा सुधाकर और शाइना मणिमुथु ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि लक्ष्य राजेश ने रजत और जगशेर सिंह खंगगुरा ने कांस्य पदक जीते।
राष्ट्र प्रेस
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