CWG 2026: ट्रिपल जंप में भारत का डबल पदक — प्रवीण चित्रवेल को सिल्वर, सेल्वा प्रभु को ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 1 अगस्त को ग्लासगो के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में मेंस ट्रिपल जंप फाइनल में एक साथ दो पदक जीते। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि उभरते सितारे सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने 16.52 मीटर की सीजन-बेस्ट जंप के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। यह उपलब्धि एक दिन पहले मेंस जैवलिन थ्रो में मिले दोहरे पदक के बाद आई, जिससे भारत की एथलेटिक्स में पदक लय बरकरार रही।
मुख्य घटनाक्रम
जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक जीता और प्रवीण को महज 14 सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा। प्रवीण ने प्रतियोगिता में लगातार सुधार करते हुए पहले प्रयास में 16.05 मीटर, दूसरे में 15.64 मीटर, तीसरे में 16.31 मीटर और चौथे — अपने सर्वश्रेष्ठ — प्रयास में 16.58 मीटर की छलांग लगाई। पाँचवाँ प्रयास 16.40 मीटर रहा और अंतिम प्रयास फाउल घोषित हुआ।
सेल्वा ने भी प्रतियोगिता के दौरान अपनी लय क्रमशः बेहतर की। उन्होंने 15.87 मीटर से शुरुआत की, फिर 16.17 मीटर और तीसरे राउंड में 16.43 मीटर तक पहुँचे। चौथे प्रयास में फाउल के बाद, पाँचवें राउंड में उन्होंने 16.52 मीटर की शानदार छलांग लगाकर कांस्य पदक की स्थिति पक्की की और अंतिम प्रयास में 16.08 मीटर लगाया।
जैवलिन थ्रो में भी दोहरा पदक
इससे पहले शुक्रवार देर रात भारतीय समयानुसार मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता, जबकि यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस प्रकार भारत ने लगातार दो इवेंट में दो-दो पदक जीतकर एथलेटिक्स में अपनी गहराती ताकत का प्रदर्शन किया।
प्रवीण चित्रवेल का सफर
प्रवीण के लिए यह रजत पदक एक लंबे इंतजार की परिणति है। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वे महज तीन सेंटीमीटर से पोडियम चूक गए थे। उन्होंने 2018 में पहले खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में स्वर्ण और उसी साल यूथ ओलंपिक गेम्स में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में रजत पदक और राष्ट्रीय इनडोर रिकॉर्ड, फिर हांग्जो एशियन गेम्स में 17.37 मीटर के साथ भारतीय आउटडोर राष्ट्रीय रिकॉर्ड और कांस्य पदक उनके नाम रहे।
सेल्वा प्रभु की उभरती प्रतिभा
मदुरै में जन्मे 21 वर्षीय सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने 2022 वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। 2023 में वे एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के 'बेस्ट एशियन अंडर-20 मेल एथलीट ऑफ द ईयर' बनने वाले पहले भारतीय बने और 16.79 मीटर की जंप के साथ भारतीय अंडर-20 रिकॉर्ड तोड़ा। इस वर्ष की शुरुआत में उन्होंने 17.05 मीटर का पर्सनल बेस्ट दर्ज कर 17 मीटर का महत्वपूर्ण आँकड़ा पार किया। ग्लासगो में उनका यह कांस्य पदक उनकी तेज़ी से बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख का नया अध्याय है।
आगे की राह
भारत की एथलेटिक्स टीम के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अब तक उत्साहजनक रहे हैं। प्रवीण और सेल्वा दोनों की नज़रें अब आगामी अंतरराष्ट्रीय सत्र पर होंगी, जहाँ इन प्रदर्शनों से उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई मिलेगी।