26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सावन बरवाल का एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर, 2:11:37 से नेशनल रिकॉर्ड; 44 साल का इंतजार खत्म

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सावन बरवाल का एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर, 2:11:37 से नेशनल रिकॉर्ड; 44 साल का इंतजार खत्म

सारांश

सावन बरवाल ने नागोया में 2:11:37 के नए नेशनल रिकॉर्ड के साथ एशियन गेम्स 2026 की पुरुष मैराथन में सिल्वर जीता — 1982 के बाद भारत का पहला मैराथन पदक और 44 साल के इंतजार का अंत। राष्ट्रपति मुर्मु और खेल मंत्री मांडविया ने एक्स पर बधाई दी।

मुख्य बातें

सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता — 1982 के बाद भारत का पहला मैराथन पदक।
बरवाल ने 2:11:37 का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया।
यह 44 वर्षों का इंतजार खत्म करता है और विदेशी धरती पर किसी भारतीय पुरुष का पहला एशियन गेम्स मैराथन पदक है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और खेल मंत्री डॉ.
मनसुख मांडविया ने एक्स पर बधाई दी।
भारत के एशियन गेम्स मैराथन पदकों की कुल संख्या अब चार हो गई है — 1951 में छोटा सिंह (गोल्ड), सूरत सिंह माथुर (ब्रॉन्ज), 1982 में होसुर कुक्कप्पा सीतारण (ब्रॉन्ज), और अब बरवाल (सिल्वर)।

भारतीय मैराथन धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष मैराथन स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। नागोया की धरती पर 2:11:37 के समय के साथ उन्होंने न केवल पोडियम पर जगह बनाई, बल्कि एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया। यह 1982 एशियन गेम्स के बाद भारत का पहला मैराथन पदक है — 44 वर्षों की प्रतीक्षा का अंत।

ऐतिहासिक पदक का सफर

42.195 किलोमीटर की इस कड़ी स्पर्धा में बरवाल शुरुआत से ही मेडल दावेदारों में बने रहे और अंततः दूसरा स्थान हासिल किया। विदेशी धरती पर किसी भारतीय पुरुष धावक का यह पहला एशियन गेम्स मैराथन पदक है। उनके इस कारनामे से भारत के एशियन गेम्स मैराथन पदकों की कुल संख्या चार हो गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले छोटा सिंह ने 1951 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि सूरत सिंह माथुर ने उसी संस्करण में कांस्य पदक अपने नाम किया था। होसुर कुक्कप्पा सीतारण ने 1982 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने सात दशकों में भारत को तीसरा और 1982 के बाद पहला मैराथन पदक दिलाया।

राष्ट्रपति मुर्मु की बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की मैराथन में सिल्वर मेडल जीतने पर सावन बरवाल को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई। आपके शानदार प्रदर्शन ने चार दशकों के बाद एशियन गेम्स मैराथन पोडियम पर भारत की वापसी को चिह्नित किया है। यह शानदार उपलब्धि लंबी दूरी के धावकों की नई पीढ़ी को प्रेरित करे।'

खेल मंत्री मांडविया का संदेश

खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एक्स पर बरवाल की जीत का वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'भारत के लिए ऐतिहासिक सिल्वर। एशियन गेम्स मैराथन मेडल के लिए भारत का 44 साल का इंतजार खत्म करने पर सावन बरवाल को बधाई। उन्होंने पुरुषों की मैराथन में शानदार 2:11:37 का समय निकालकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। पूरे देश को इस ऐतिहासिक कामयाबी पर बहुत गर्व है।'

भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के लिए संकेत

यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत ट्रैक एंड फील्ड में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश में है। बरवाल भारतीय नेशनल रिकॉर्ड-होल्डर रहे हैं और नागोया की रेस में उन्होंने वह रिकॉर्ड खुद ही बेहतर कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पदक भारत में मैराथन प्रशिक्षण और दीर्घकालिक एथलीट विकास को नई गति दे सकता है। आगे देखें कि क्या यह सफलता राष्ट्रीय एथलेटिक्स नीति में दीर्घकालिक परिवर्तन की नींव बनती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के ढांचे की परीक्षा भी है। सवाल यह है कि क्या यह अकेली सफलता ट्रैक एंड फील्ड में संस्थागत निवेश की कमी को छुपा देगी, या नीति-निर्माता इसे दीर्घकालिक मैराथन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के संकेत के रूप में लेंगे। 1982 के बाद का यह अंतराल बताता है कि पदक व्यक्तिगत प्रतिभा से आए, व्यवस्थित कार्यक्रम से नहीं। बरवाल की सफलता तब ही टिकाऊ होगी जब यह युवा धावकों के लिए संरचित पोषण में बदले।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में नागोया में पुरुष मैराथन स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2:11:37 का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया।
भारत का एशियन गेम्स मैराथन में पिछला पदक कब था?
भारत का एशियन गेम्स मैराथन में पिछला पदक 1982 में था, जब होसुर कुक्कप्पा सीतारण ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बरवाल के सिल्वर ने 44 वर्षों के इस लंबे इंतजार को समाप्त किया।
एशियन गेम्स मैराथन में भारत के कुल पदक कितने हैं?
बरवाल के सिल्वर के साथ भारत के एशियन गेम्स मैराथन पदकों की कुल संख्या चार हो गई है। इनमें 1951 में छोटा सिंह का गोल्ड, सूरत सिंह माथुर का ब्रॉन्ज, 1982 में होसुर कुक्कप्पा सीतारण का ब्रॉन्ज, और अब 2026 में बरवाल का सिल्वर शामिल हैं।
राष्ट्रपति और खेल मंत्री ने बरवाल को बधाई कैसे दी?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि लंबी दूरी के धावकों की नई पीढ़ी को प्रेरित करे। खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एक्स पर बरवाल की जीत का वीडियो पोस्ट करते हुए इसे 'भारत के लिए ऐतिहासिक सिल्वर' बताया।
सावन बरवाल का 2:11:37 का समय क्यों महत्वपूर्ण है?
2:11:37 का यह समय बरवाल का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है, जो उन्होंने खुद अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर बनाया। यह विदेशी धरती पर किसी भारतीय पुरुष धावक का पहला एशियन गेम्स मैराथन पदक भी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 6 दिन पहले
  8. 1 सप्ताह पहले