एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने पार किया 100 पदकों का ऐतिहासिक आँकड़ा, खेल मंत्री मांडविया ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 के पाँचवें दिन शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारतीय दल ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की — बैडमिंटन, एथलेटिक्स और आर्चरी में स्वर्ण-रजत पदकों की झड़ी के साथ भारत का कुल पदक योग 100 के पार पहुँच गया। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सभी पदक विजेताओं को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बधाई संदेश देते हुए इसे भारतीय पैरा-खेलों के इतिहास का यादगार पल बताया।
संदीप ने रचा इतिहास, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में डेब्यू करने वाले संदीप ने 42.28 सेकंड के नए विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता और भारत का 100वाँ पदक सुनिश्चित किया। मांडविया ने लिखा, '100 मेडल्स के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड — भारत के लिए एक यादगार पल।' इसी स्पर्धा में अजय कुमार ने कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली और समृद्ध की।
बैडमिंटन में ऑल-इंडियन फाइनल का रोमांच
बैडमिंटन पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में मौजूदा पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और मौजूदा विश्व चैंपियन प्रमोद भगत के बीच ऑल-इंडियन फाइनल देखने को मिला। नितेश ने स्वर्ण और प्रमोद ने रजत पदक अपने नाम किया। खेल मंत्री ने इसे 'ब्लॉकबस्टर ऑल-इंडियन फाइनल' करार दिया। महिला एकल एसयू5 में थुलसिमथी मुरुगेसन ने रजत पदक जीता, जिसके लिए मांडविया ने उन्हें विशेष बधाई दी।
आर्चरी में हरविंदर-विजय की सुनहरी जोड़ी
पुरुषों के रिकर्व डबल्स में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीता। मांडविया ने इसे 'एक सुनहरा तीर, एक सुनहरी जीत' बताया। महिला रिकर्व डबल्स में भावना और पूजा ने रजत पदक हासिल किया।
टेबल टेनिस में ऐतिहासिक पदार्पण
पैरा टेबल टेनिस पुरुष डबल्स एमडी4 वर्ग में जेहान दोराब मदान और शुभम वाधवा की जोड़ी ने एशियन पैरा गेम्स में इस स्पर्धा का पहला कांस्य पदक भारत को दिलाया। गौरतलब है कि यह भारत के लिए इस वर्ग में ऐतिहासिक पदक-प्रविष्टि है। एथलेटिक्स में प्रमोद ने पुरुषों की 1500 मीटर टी46 दौड़ में रजत पदक जीतकर दिन के पदकों की सूची को और विस्तृत किया।
आगे क्या
भारतीय दल के 100 पदकों के पार पहुँचने के साथ यह आइची-नागोया में देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया जा रहा है। प्रतियोगिता के शेष दिनों में भारत के पदक योग में और वृद्धि की उम्मीद है, क्योंकि कई स्पर्धाएँ अभी बाकी हैं।