एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने 114 पदक जीते, 168 एथलीटों का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा दल ने इतिहास रच दिया। खेलों के इस पाँचवें संस्करण में भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदक जीते — एशियन पैरा गेम्स में भारत का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उल्लेखनीय यह है कि यह कीर्तिमान केवल 168 एथलीटों ने स्थापित किया, जो 2023 के हांगझोऊ संस्करण की तुलना में 135 कम थे।
पदक तालिका में भारत का स्थान
चीन (427 पदक), जापान (185 पदक) और उज्बेकिस्तान (145 पदक) के बाद भारत चौथे स्थान पर रहा। पदक तालिका में यह रैंकिंग भारत की अब तक की सबसे मज़बूत स्थिति है। इन खेलों में भारत की पदक संख्या पिछले संस्करण के 108 पदकों से 6 अधिक रही, जबकि दल का आकार करीब 44 प्रतिशत छोटा था।
पिछले संस्करण से तुलना
हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स 2023 में भारत की तरफ से 303 एथलीटों ने हिस्सा लिया था और 27 स्वर्ण सहित 108 पदक जीते थे, जो उस समय का रिकॉर्ड था। आइची-नागोया 2026 में 30 स्वर्ण के साथ स्वर्ण पदकों की संख्या में भी सुधार हुआ। यह स्पष्ट करता है कि भारतीय पैरा खेलों में गुणवत्ता अब संख्या से आगे निकल रही है।
एथलेटिक्स रहा सबसे बड़ा योगदानकर्ता
कुल 114 पदकों में से 65 पदक अकेले एथलेटिक्स से आए, जो कुल पदक संख्या का लगभग 57 प्रतिशत है। पिछले संस्करण में एथलेटिक्स से 53 पदक आए थे। यह वृद्धि दर्शाती है कि ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारतीय पैरा एथलीटों की तैयारी और प्रशिक्षण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आम जनता और खेल जगत पर असर
कम एथलीटों के साथ बेहतर प्रदर्शन भारतीय पैरा खेलों की परिपक्वता का संकेत है। आँकड़ों के अनुसार, प्रति एथलीट पदक औसत हांगझोऊ की तुलना में इस बार काफी ऊपर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पैरा एथलीटों को और अधिक खेल विधाओं में प्रतिनिधित्व का अवसर दिया जाए और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत किया जाए, तो पदक तालिका में भारत की रैंकिंग में और सुधार संभव है।
आगे की राह
पैरा एथलीटों को दी जाने वाली सुविधाओं के विस्तार और उन खेल विधाओं में प्रवेश की ज़रूरत है जिनमें भारत अभी तक अनुपस्थित रहा है। यह प्रदर्शन एशियन पैरा गेम्स 2030 और उससे आगे पैरालिम्पिक मंचों पर भारत की संभावनाओं को एक नई उम्मीद से जोड़ता है।