एशियन पैरा गेम्स 2026: सुमित अंतिल, अवनि लेखरा समेत 15 भारतीय एथलीटों पर स्वर्ण की नज़र
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पैरा गेम्स 2026 का पाँचवाँ संस्करण 18 अक्टूबर से जापान के आइची-नागोया में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है, जिसमें 45 देशों के करीब 3,000 पैरा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। भारत ने इस बार 168 एथलीटों का अपना अब तक का एक बड़ा दल भेजा है, जिनमें से 15 एथलीटों से स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल उम्मीद है। यह इवेंट 24 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
जापान पहली बार बना मेज़बान
यह पहला मौका है जब जापान एशियन पैरा गेम्स की मेज़बानी कर रहा है। इससे पहले एशियन गेम्स 2026 भी आइची-नागोया में ही आयोजित हुए थे। गौरतलब है कि एशियन पैरा गेम्स का पहला संस्करण 2010 में ग्वांगझू (चीन) में हुआ था, जिसमें भारत ने 14 पदक जीते थे।
इसके बाद 2014 में इंचियोन (दक्षिण कोरिया) में 33 पदक, 2018 में जकार्ता (इंडोनेशिया) में 72 पदक और 2023 में हांगझोऊ (चीन) में 111 पदक — जिनमें 29 स्वर्ण और 31 रजत शामिल थे — जीतकर भारत ने हर बार नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अब आइची-नागोया 2026 में भारतीय दल का लक्ष्य इस रिकॉर्ड को भी तोड़ना है।
भारतीय दल की ताकत
168 सदस्यीय भारतीय दल में 112 पुरुष और 56 महिलाएँ शामिल हैं, जो 11 अलग-अलग खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत और धाविका सिमरन शर्मा को भारतीय दल का ध्वजवाहक बनाया गया है — दोनों ही अपने-अपने खेल में विश्व स्तर पर पहचान रखते हैं।
स्वर्ण पदक के 15 प्रबल दावेदार
भारत के 15 प्रमुख पैरा एथलीट जिनसे स्वर्ण की उम्मीद है, वे इस प्रकार हैं:
सुमित अंतिल (भाला फेंक) — लगातार दो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले और विश्व रिकॉर्ड धारक। अवनि लेखरा (निशानेबाजी) — पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता। शीतल देवी (तीरंदाजी) — विश्व चैंपियन और पैरालंपिक पदक विजेता। हरविंदर सिंह (रिकर्व तीरंदाजी) — पेरिस पैरालंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता।
भाविना पटेल (टेबल टेनिस) — टोक्यो पैरालंपिक में रजत और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता। प्रमोद भगत (बैडमिंटन) — टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और कई बार के विश्व चैंपियन। सुहास एल. यतिराज (बैडमिंटन) — पैरालंपिक रजत पदक विजेता और पूर्व विश्व नंबर एक। निशात कुमार (बैडमिंटन) — पेरिस पैरालंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता।
सिमरन शर्मा (स्प्रिंट स्पर्धा) — विश्व चैंपियन और पैरालंपिक पदक विजेता। प्रीति पाल (दौड़) — पैरालंपिक में दो कांस्य पदक विजेता। निषाद कुमार (ऊँची कूद) — लगातार दो पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले। प्रवीण कुमार (ऊँची कूद) — पेरिस पैरालंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता। शरद कुमार (ऊँची कूद) — पैरालंपिक में रजत और कांस्य पदक विजेता। अजीत सिंह (भाला फेंक) — पेरिस पैरालंपिक 2024 के रजत पदक विजेता। धरमबीर (क्लब थ्रो) — पेरिस पैरालंपिक 2024 के स्वर्ण पदक विजेता और एशियाई रिकॉर्ड धारक।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में पैरा खेलों के प्रति जागरूकता और सरकारी समर्थन दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था, जिसने घरेलू स्तर पर पैरा एथलीटों की लोकप्रियता को नई ऊँचाई दी।
आइची-नागोया में यदि भारतीय दल हांगझोऊ 2023 के 111 पदकों का रिकॉर्ड तोड़ने में सफल रहा, तो यह न केवल एक खेल उपलब्धि होगी, बल्कि भारत की पैरा खेल नीति की दीर्घकालिक सफलता का भी प्रमाण होगा।
क्या होगा आगे
एशियन पैरा गेम्स 2026 की स्पर्धाएँ 24 अक्टूबर तक चलेंगी। भारतीय दल की नज़र हर दिन के पदक तालिका में अपनी स्थिति सुदृढ़ करने पर होगी। सुमित अंतिल, अवनि लेखरा और प्रमोद भगत जैसे अनुभवी एथलीटों का प्रदर्शन इस अभियान की दिशा तय करेगा।