एशियन पैरा गेम्स 2026: हांगझोऊ में 111 पदकों के बाद आइची-नागोया में भारत की नई चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पैरा गेम्स 2026 का उद्घाटन 18 अक्टूबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में हो रहा है। पिछले संस्करण में भारत ने पहली बार 100 पदकों का ऐतिहासिक आँकड़ा पार किया था और हांगझोऊ 2023 में 111 पदक जीतकर पदक तालिका में पाँचवाँ स्थान हासिल किया था। यह यात्रा 2010 के महज 14 पदकों से शुरू होकर आज एक नई ऊँचाई पर पहुँच चुकी है।
पहला संस्करण: गुआंगझोऊ 2010 में मामूली शुरुआत
एशियन पैरा गेम्स के पहले संस्करण का आयोजन गुआंगझोऊ, चीन में 2010 में हुआ। इस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन सीमित रहा और देश कुल 14 पदक ही जीत सका। पदक तालिका में भारत 15वें स्थान पर रहा। इस संस्करण में एकमात्र स्वर्ण पदक जगसीर सिंह ने पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में दिलाया।
इंचियोन 2014: दोगुनी छलाँग, 33 पदक
साउथ कोरिया के इंचियोन में आयोजित 2014 संस्करण में भारतीय पैरा एथलीटों ने उल्लेखनीय सुधार दिखाया। देश ने कुल 33 पदक जीते, जिनमें 3 स्वर्ण, 14 रजत और 16 कांस्य शामिल थे। यह 2010 की तुलना में पदकों की संख्या लगभग दोगुनी थी, जो भारतीय पैरा खेल के बढ़ते कदमों का संकेत था।
जकार्ता 2018: 72 पदक, टॉप-10 में प्रवेश
इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए 2018 संस्करण में भारत ने 13 खेलों में 190 एथलीट्स को उतारा। प्रदर्शन और भी शानदार रहा — 15 स्वर्ण, 24 रजत और 33 कांस्य सहित कुल 72 पदक भारत की झोली में आए। इस बार भारत पदक तालिका में 9वें स्थान पर रहा और पहली बार टॉप-10 में जगह बनाई। गौरतलब है कि यह उछाल महज एक संस्करण में 39 अतिरिक्त पदकों की बढ़त थी।
हांगझोऊ 2023: 'पदकों का शतक' और पाँचवाँ स्थान
कोविड-19 महामारी के कारण एशियन पैरा गेम्स 2022 को स्थगित कर 2023 में हांगझोऊ, चीन में आयोजित किया गया। यह विलंब भारत के लिए अनुकूल साबित हुआ। देश ने अब तक का सबसे बड़ा दल — 303 खिलाड़ी — भेजा और ऐतिहासिक 111 पदक जीते, जिनमें 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य शामिल थे। यह पहला मौका था जब भारत ने पैरा एशियन गेम्स में 100 पदकों का जादुई आँकड़ा पार किया। पदक तालिका में भारत पाँचवें स्थान पर रहा, जो किसी भी संस्करण में उसकी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।
आइची-नागोया 2026 में भारत की उम्मीदें
हांगझोऊ की सफलता के बाद आइची-नागोया 2026 में भारतीय पैरा दल पर अपेक्षाओं का दबाव और बढ़ गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने पैरालंपिक 2024 पेरिस में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास चरम पर है। आने वाले दिन बताएँगे कि भारत अपने 111 पदकों के कीर्तिमान को और आगे ले जा पाता है या नहीं।