एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत का रिकॉर्ड 114 पदक, मोना-निषाद ने थामा तिरंगा
सारांश
मुख्य बातें
आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स का समापन समारोह 24 अक्टूबर को नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित हुआ, और भारत ने इस पाँचवें संस्करण को अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ समाप्त किया — 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदक। क्लोजिंग सेरेमनी में पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और ऊँची कूद एथलीट निषाद कुमार ने भारत का ध्वज थामा, जो दोनों ने इस प्रतियोगिता में दो-दो स्वर्ण पदक जीते थे।
ऐतिहासिक पदक तालिका
भारत का यह प्रदर्शन 2023 के हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में जीते गए 111 पदकों (29 स्वर्ण, 31 रजत, 51 कांस्य) के पिछले कीर्तिमान को पार कर गया। गौरतलब है कि यह जापान में पहली बार आयोजित एशियन पैरा गेम्स था, जिसमें 45 देशों और क्षेत्रों के लगभग 4,000 एथलीट और स्टाफ सदस्य शामिल हुए। एशियन पैरा गेम्स की शुरुआत 'फार ईस्ट एंड साउथ पैसिफिक गेम्स फेडरेशन फॉर द डिसेबल्ड' से हुई थी और इसका पहला संस्करण 2010 में चीन के ग्वांगझू में हुआ था। अगला यानी छठा संस्करण 2030 में दोहा में आयोजित होगा।
एथलेटिक्स में विश्व रिकॉर्ड का जलवा
हनी ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता और टी37 कैटेगरी में विश्व रिकॉर्ड बनाया। पहली बार इन खेलों में हिस्सा ले रहे संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में 52.28 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण और विश्व रिकॉर्ड दोनों अपने नाम किए; उसी इवेंट में अजय कुमार ने कांस्य पदक जीता।
अंतिल ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ42-एफ44/एफ61-एफ64 स्पर्धा में 72.46 मीटर के साथ स्वर्ण जीता। महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ रजत और संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ कांस्य जीता — इस प्रकार इस स्पर्धा के पोडियम पर तीनों स्थान भारत के रहे। प्रणव सूरमा ने पुरुषों की क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में 32.87 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता, जबकि धर्मबीर को कांस्य मिला।
शूटिंग और बैडमिंटन में चमके सितारे
पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 इवेंट में 357.5 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान विश्व एवं एशियाई पैरा गेम्स दोनों के रिकॉर्ड तोड़े। वह इन खेलों में इस इवेंट में पदक जीतने वाली पहली भारतीय पैरा-शूटर बन गईं।
पैरा बैडमिंटन में पैरालंपिक चैंपियन नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 फाइनल में विश्व चैंपियन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। थुलसिमथी मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने महिला युगल एसएल3-एसयू5 इवेंट में चीन को 21-16, 21-13 से हराकर स्वर्ण जीता। थुलसिमथी और नित्या श्री सुमति सिवन ने क्रमशः महिला एकल एसयू5 और एसएच6 इवेंट में रजत पदक हासिल किए।
तीरंदाजी, टेबल टेनिस और तैराकी
पैरा तीरंदाज हरविंदर सिंह और पहली बार हिस्सा ले रहे विजय सुंडी ने पुरुषों के रिकर्व डबल्स में स्वर्ण जीता, जबकि भावना और पूजा की जोड़ी ने महिला रिकर्व डबल्स में रजत पदक हासिल किया — इस इवेंट में भारत का यह पहला पदक है। पैरा टेबल टेनिस में जहान दोराब मदान और शुभम वाधवा ने पुरुषों के डबल्स एमडी4 इवेंट में कांस्य जीता। 50 वर्षीय मदान इस संस्करण में पदक जीतने वाले भारतीय दल के सबसे उम्रदराज सदस्य रहे। पैरा तैराक हिमांशु नंदन ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में 1:05.90 के समय के साथ कांस्य जीता और इन खेलों में अपने कुल पदकों की संख्या तीन कांस्य तक पहुँचाई।
राष्ट्रपति की बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'यह बहुत खुशी और गर्व की बात है कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 114 पदकों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या के साथ अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। टीम इंडिया की कड़ी मेहनत, लगन और खुद पर पक्के विश्वास से मिली यह असाधारण सफलता एक मिसाल कायम करती है।' अगले एशियन पैरा गेम्स 2030 में दोहा में होंगे, और भारत की इस पीढ़ी के पैरा-एथलीट उस मंच पर और ऊँची उड़ान भरने के लिए तैयार दिखते हैं।