एशियन पैरा गेम्स 2026 नागोया में शुरू, सम्राट नारुहितो ने किया उद्घाटन; प्रमोद भगत-सिमरन शर्मा ने थामा तिरंगा
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पैरा गेम्स 2026 का 18 अक्टूबर को नागोया, जापान में भव्य आगाज हुआ, जब जापान के सम्राट नारुहितो ने पाँचवें संस्करण की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा की। आइची-नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में 45 देशों के करीब 3,000 एथलीट इस महाद्वीपीय खेल महाकुंभ में शिरकत कर रहे हैं। ये खेल 24 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे और इनका आदर्श वाक्य 'इमेजिन वन हार्ट' (एक दिल की कल्पना करें) है।
भारतीय दल का शानदार प्रवेश
'परेड ऑफ नेशंस' के दौरान भारतीय दल सभी का ध्यान खींचने में कामयाब रहा। पैरा-बैडमिंटन के स्टार प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा ने देश के ध्वज-वाहक के रूप में तिरंगा थामकर पालोमा मिजुहो स्टेडियम में भारतीय दल का नेतृत्व किया। उनकी उपस्थिति से स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के बीच उत्साह की लहर दौड़ गई।
पोशाक में झलकी सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत
भारतीय दल की पोशाक इस बार खास सांस्कृतिक संदेश लेकर आई। सभी सदस्यों ने गहरे नीले रंग के ब्लेजर पहने, जिन पर सिंधु घाटी सभ्यता से प्रेरित सुनहरे डिजाइन उकेरे गए थे। इन डिजाइन में प्रसिद्ध 'प्रीस्ट-किंग' (पुरोहित-राजा) की मूर्ति, 'डांसिंग गर्ल' (नर्तकी) की आकृति और प्राचीन मुहरों की छवियाँ शामिल थीं। ब्लेजर की जेब पर दिल के पास भारत का तिरंगा लगाया गया था, जबकि कॉलर पर 'सप्तसिंधु' को विशेष सम्मान दिया गया था।
ध्वजवाहक चयन में अंतिम समय हुआ बदलाव
समारोह से ठीक पहले ध्वज-वाहकों की सूची में बदलाव किया गया। पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया ने शुरुआत में प्रमोद भगत और पैरा-टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल को यह सम्मान देने का निर्णय लिया था। हालाँकि, बाद में पटेल की जगह सिमरन शर्मा को चुना गया — ताकि पटेल 19 अक्टूबर को होने वाले अपने क्वार्टर फाइनल मैच से पहले पर्याप्त आराम कर सकें।
भारतीय दल की ताकत और शुरुआती प्रदर्शन
भारतीय दल में कुल 281 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 168 खिलाड़ी — 112 पुरुष और 56 महिलाएँ — हैं। ये एथलीट 11 अलग-अलग खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उद्घाटन से पहले ही मैदान पर खेल शुरू हो गए थे — शनिवार, 17 अक्टूबर को भारत की पुरुष गोलबॉल टीम ने कतर को और महिला गोलबॉल टीम ने थाईलैंड को हराकर विजयी शुरुआत की।
आगे क्या होगा
भारत इन खेलों में अपने पिछले प्रदर्शन को पार करने के इरादे से उतरा है, और कई पैरा-स्पोर्ट्स स्पर्धाओं में पदकों की उम्मीद है। भाविना पटेल का 19 अक्टूबर को क्वार्टर फाइनल भारतीय खेमे के लिए पहली बड़ी कसौटी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा-खेलों में अपनी वैश्विक पहचान को मज़बूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।