पैरा एशियन गेम्स 2026: प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा होंगे भारत के ध्वजवाहक, भवीना पटेल को क्वार्टर फाइनल से पहले आराम
सारांश
मुख्य बातें
जापान के आइची-नागोया में 17 अक्टूबर 2026 को होने वाले पैरा एशियन गेम्स 2026 के उद्घाटन समारोह में पैरा-बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) ने भवीना पटेल को उद्घाटन समारोह से अलग रखने का निर्णय लिया है, ताकि वे 18 अक्टूबर को होने वाले अपने महत्वपूर्ण क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले पर्याप्त आराम कर सकें।
ध्वजवाहकों का चुनाव और पृष्ठभूमि
प्रमोद भगत भारत के सबसे सम्मानित पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं, जबकि सिमरन शर्मा पैरा-एथलेटिक्स में देश का प्रतिनिधित्व करती हैं। दोनों का ध्वजवाहक के रूप में चयन भारतीय पैरा खेलों में उनके योगदान की स्वीकृति है। उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहकी एक प्रतिष्ठित जिम्मेदारी मानी जाती है, जो एथलीट की राष्ट्रीय पहचान और उपलब्धियों का प्रतीक है।
भवीना पटेल को आराम देने का फैसला
पैरालंपिक गेम्स 2020 की सिल्वर मेडलिस्ट और व्हीलचेयर टेबल टेनिस खिलाड़ी भवीना पटेल का क्वार्टर फाइनल 19 अक्टूबर को निर्धारित है। भारतीय दल के अधिकारियों ने उन्हें उद्घाटन समारोह से बाहर रखने का फैसला किया, क्योंकि समारोह स्थल तक आने-जाने में लगभग 6 घंटे का समय लगता है — जो एक व्हीलचेयर एथलीट के लिए शारीरिक रूप से अत्यंत थका देने वाला हो सकता है।
पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने इस निर्णय की व्याख्या करते हुए कहा, 'भवीना का क्वार्टर फाइनल मैच 19 अक्टूबर को है, और यह जरूरी है कि इस अहम मुकाबले से पहले उन्हें पूरा आराम मिले और वे रिकवर हो सकें। एक व्हीलचेयर एथलीट होने के नाते, वेन्यू तक आने-जाने में लगभग छह घंटे लग जाते हैं, जो काफी थका देने वाला हो सकता है और इससे उन्हें रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिलेगा।' उन्होंने आगे स्पष्ट किया, 'हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हमारे एथलीट्स को जरूरी आराम मिले और वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।'
PCI की पदक उम्मीदें
पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया को इस बार नागोया में कई पदक जीतने की उम्मीद है। प्रमोद भगत और भवीना पटेल भारतीय दल के सबसे बड़े पदक दावेदारों में गिने जा रहे हैं। भारत को मुख्य रूप से पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-बैडमिंटन में सफलता मिलने की आशा है।
गौरतलब है कि भवीना पटेल ने टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था — वे पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी बनी थीं। उनका प्रदर्शन भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।
एथलीट कल्याण को प्राथमिकता
यह निर्णय भारतीय खेल प्रशासन में एक सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है — जहाँ समारोही प्रतिबद्धताओं की तुलना में एथलीटों की शारीरिक तैयारी को प्राथमिकता दी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाएँ भी एथलीट कल्याण और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन के बीच संतुलन पर बल दे रही हैं।
अब सभी की नज़रें 19 अक्टूबर को भवीना पटेल के क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहाँ पर्याप्त आराम के साथ उनसे शीर्ष प्रदर्शन की उम्मीद है।