एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने 114 पदक जीते, पीटी उषा ने पैरा-एथलीटों को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने 25 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के पैरा-एथलीटों की ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारत ने 114 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया — जो देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
पीटी उषा का संदेश
पीटी उषा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, 'एशियन पैरा गेम्स में हमारे पैरा-एथलीटों ने हिम्मत, पक्का इरादा और पूरी काबिलियत का जबरदस्त प्रदर्शन किया। जीता गया हर एक मेडल आपके पक्के इरादे और घंटों की कड़ी मेहनत का सबूत है। आपने न सिर्फ देश को गर्व महसूस कराया है, बल्कि पूरे भारत में लाखों लोगों को हर मुश्किल के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित भी किया है। हमारे सभी शानदार चैंपियन, कोच और सपोर्ट स्टाफ को दिल से बधाई। चमकते रहो और ऊंचे उठते रहो।'
पदकों का विवरण और ऐतिहासिक संदर्भ
भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। यह 2023 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में हासिल 108 पदकों (जिनमें 27 स्वर्ण शामिल थे) के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ता है। गौरतलब है कि भारत ने लगातार दूसरी बार 100 पदकों का आँकड़ा पार किया, जो पैरा-स्पोर्ट्स में देश की बढ़ती ताकत का स्पष्ट संकेत है।
खेलवार प्रदर्शन
पैरा-एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे बड़ा पदक स्रोत रहा, जहाँ 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य समेत कुल 65 पदक जीते गए। पैरा-बैडमिंटन में 16 पदक और पैरा-स्विमिंग में 11 पदक हासिल हुए। पैरा-आर्चरी ने 6 पदक और शूटिंग ने 5 पदक दिलाए।
विशेष प्रदर्शन और रिकॉर्ड
खेलों में कई व्यक्तिगत उपलब्धियाँ उल्लेखनीय रहीं। सुमित अंतिल ने पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में अपना स्वर्ण पदक सफलतापूर्वक बचाया। स्प्रिंटर सिमरन शर्मा ने महिलाओं की 100 मीटर और 200 मीटर T12 — दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण जीता और दोनों में गेम्स रिकॉर्ड भी बनाए। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन SH1 स्पर्धा में रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
सबसे उम्रदराज पदक विजेता
इन खेलों में एक विशेष उपलब्धि पैरा-टेबल टेनिस में देखने को मिली, जहाँ 50 वर्षीय जेहान दोराब मदन ने कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में भारत के सबसे उम्रदराज पदक विजेता बनने का गौरव हासिल किया। यह क्षण इस बात का प्रमाण है कि उम्र, समर्पण और जुनून के आगे कोई बाधा नहीं बनती। आने वाले वर्षों में भारत की पैरा-स्पोर्ट्स में भागीदारी और गहरी होने की उम्मीद है।