एशियन पैरा गेम्स 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आयुष, प्रवीण, शीतल सहित 7 पदक विजेताओं को बधाई दी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 21 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 में जापान के आइची-नागोया में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले सात भारतीय पैरा एथलीटों को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के ज़रिए बधाई दी। पदक जीतने वालों में आयुष वर्मा, प्रवीण कुमार, शीतल देवी, पायल नाग, बंटी, अनुभव चौधरी और राकेशभाई भट्ट शामिल हैं।
स्वर्ण पदक विजेताओं की उपलब्धियाँ
आयुष वर्मा ने पुरुष शॉट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इन खेलों में अपना दूसरा पदक हासिल किया। राष्ट्रपति ने उनके लिए लिखा कि सभी प्रतिस्पर्धियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर उन्होंने शीर्ष स्तर पर अपनी निरंतरता साबित की है।
प्रवीण कुमार ने पुरुष हाई जंप में न केवल अपना स्वर्ण पदक बचाया, बल्कि नया गेम्स रिकॉर्ड भी स्थापित किया। राष्ट्रपति ने उनकी इस उपलब्धि को भारत के लिए गर्व का क्षण बताते हुए लिखा कि स्थल पर तिरंगा फहराना और राष्ट्रगान बजना हर भारतीय के लिए ऐतिहासिक पल था।
रजत पदक विजेता: शीतल, पायल और बंटी
शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने तीरंदाज़ी की पैरा कंपाउंड महिला डबल्स स्पर्धा में रजत पदक जीता। राष्ट्रपति ने उन्हें भारतीय पैरा तीरंदाज़ी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बंटी ने पुरुष हाई जंप में रजत पदक हासिल किया और इस प्रदर्शन में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ भी दर्ज किया। राष्ट्रपति ने उनके इस व्यक्तिगत रिकॉर्ड को उत्सव का एक अतिरिक्त कारण बताया।
कांस्य पदक विजेता: अनुभव और राकेशभाई
अनुभव चौधरी ने पुरुष 100 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में अपना यादगार डेब्यू किया। राष्ट्रपति ने उनकी गति और फोकस की सराहना करते हुए उन्हें और बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा दी।
राकेशभाई भट्ट ने भी पुरुष 100 मीटर में कांस्य पदक जीता। राष्ट्रपति ने उनके एथलेटिक्स के प्रति समर्पण की प्रशंसा की और कहा कि उनकी उपलब्धि पैरा-स्पोर्ट्स में भारत की बढ़ती सफलताओं को और आगे ले जाती है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का अभियान
यह ऐसे समय में आया है जब जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। गौरतलब है कि हाई जंप में प्रवीण कुमार का गेम्स रिकॉर्ड भारतीय पैरा एथलेटिक्स के बढ़ते कद को दर्शाता है। राष्ट्रपति की बधाई ने इन एथलीटों के संघर्ष और समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है।
आने वाले समय में इन पैरा एथलीटों का ध्यान 2028 के पैरालंपिक खेलों की तैयारियों पर होगा, जहाँ भारत एक मज़बूत दल उतारने की उम्मीद रखता है।