एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने जीते 11 पदक, राष्ट्रपति मुर्मु ने मोना, अवनि समेत सभी विजेताओं को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 19 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट्स को बधाई दी। भारत ने इस महाद्वीपीय प्रतिस्पर्धा में 4 स्वर्ण, 5 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 11 पदक हासिल करते हुए मेडल टैली में चौथा स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रपति ने प्रत्येक विजेता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अलग-अलग बधाई संदेश भेजे।
मोना अग्रवाल: नया एशियन पैरा रिकॉर्ड
मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और साथ ही एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें बधाई देते हुए लिखा, 'आपकी यह उपलब्धि कई लोगों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी और उन्हें यह विश्वास दिलाएगी कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से सबसे बड़े सपनों को भी सच किया जा सकता है।' इसी स्पर्धा में अवनि लेखरा ने रजत पदक जीता।
अवनि लेखरा का लगातार पदक का सिलसिला
पेरिस और टोक्यो पैरालंपिक की स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा ने हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स 2023 में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस बार उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 में रजत जीता। राष्ट्रपति ने उनके लिए लिखा, 'आपकी खेल यात्रा में आपको आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के नए अवसर मिलते रहें।' गौरतलब है कि अवनि का यह लगातार महाद्वीपीय स्तर पर पदक जीतने का क्रम उन्हें भारतीय पैरा-शूटिंग की सबसे विश्वसनीय नाम बनाता है।
जूडो, जैवलिन और ट्रैक में भारत का दमदार प्रदर्शन
कपिल परमार ने पुरुषों के पैरा जूडो जे1-70 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता, जबकि दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ी कोकिला ने महिलाओं की जे2-52 किग्रा श्रेणी में रजत पदक हासिल किया। राष्ट्रपति ने कोकिला की तारीफ करते हुए लिखा, 'जूडो मैट से लेकर मेडल पोडियम तक, कोकिला ने भारत को जश्न मनाने का एक और मौका दिया है।' पुरुषों की लॉन्ग जंप टी47 स्पर्धा में निषाद कुमार ने स्वर्ण जीता, वहीं जैवलिन एफ46 में रिंकू ने स्वर्ण और अजीत सिंह ने रजत पदक भारत की झोली में डाला।
तैराकी और ट्रैक की उपलब्धियाँ
रवि के. बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 तैराकी स्पर्धा में रजत पदक जीता। महिलाओं की 1,500 मीटर टी12/13 दौड़ में सौम्या ने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (पर्सनल बेस्ट) भी हासिल किया। इसी स्पर्धा में राधा वेंकटेश ने रजत पदक जीता। राष्ट्रपति ने सौम्या के बारे में लिखा, 'एक ऐसी दौड़ में, जहां हर सेकंड मायने रखता है, यह एक बेहद खास उपलब्धि है।'
भारतीय पैरा-खेलों की उभरती तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत का पैरा-खेलों में अंतरराष्ट्रीय कद लगातार बढ़ रहा है। पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था और एशियन पैरा गेम्स 2026 में चौथे स्थान पर रहना उस गति को बनाए रखने का संकेत है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का सभी विजेताओं को व्यक्तिगत रूप से बधाई देना इस बात का प्रतीक है कि सरकार के उच्चतम स्तर पर पैरा-एथलीट्स की उपलब्धियों को उचित मान्यता दी जा रही है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा-स्पर्धाओं में भारत इन्हीं खिलाड़ियों पर अपनी उम्मीदें टिकाएगा।