सिमरन शर्मा का एशियन पैरा गेम्स 2026 में डबल गोल्ड — 100 मीटर में 12.02 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा स्प्रिंटर सिमरन शर्मा ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 100 मीटर टी12 फाइनल में 12.02 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ ही उन्होंने इन खेलों में अपना दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया, क्योंकि एक दिन पहले मंगलवार को वे 200 मीटर टी12 में भी शीर्ष पर रही थीं।
100 मीटर फाइनल: रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड
सिमरन शर्मा ने 12.02 सेकंड के समय के साथ फाइनल जीती, जिससे उन्होंने हीट्स में खुद द्वारा बनाए गए पिछले गेम्स रिकॉर्ड 12.13 सेकंड को भी पीछे छोड़ दिया। तुलनात्मक रूप से देखें तो हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स 2022 में उन्होंने इसी स्पर्धा में 12.68 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता था — यानी इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में 0.66 सेकंड का उल्लेखनीय सुधार किया।
'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) से समर्थित सिमरन पेरिस पैरालंपिक 2024 में टी12 कैटेगरी की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट और 100 मीटर की विश्व चैंपियन हैं। यह प्रदर्शन उनके करियर की निरंतर ऊर्जावान चाप को दर्शाता है।
200 मीटर में भी गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड
सिमरन ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में 24.80 सेकंड का समय निकालकर गेम्स रिकॉर्ड के साथ पहला गोल्ड जीता था। हांगझोऊ 2022 में उन्होंने इस स्पर्धा में 26.12 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया था — अर्थात् इस बार 1.32 सेकंड का सुधार हुआ।
इसी 200 मीटर स्पर्धा में गुजरात की दृष्टिबाधित टी12 पैरा-एथलीट तेजलबेन दामोर ने 25.23 सेकंड के अपने पर्सनल बेस्ट समय के साथ तीसरा स्थान हासिल करते हुए भारत की पदक संख्या में योगदान दिया।
स्प्रिंटिंग में भारत का दबदबा
प्रतियोगिता के छठे दिन भारत ने पैरा एथलेटिक्स की अन्य स्प्रिंटिंग स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 100 मीटर टी47 में दिलीप गावित महादु ने 10.69 सेकंड में गोल्ड जीता, जबकि मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकाथी ने 10.72 सेकंड के एक नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ सिल्वर हासिल किया। गौरतलब है कि इन दोनों एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी यही पहला-दूसरा क्रम दोहराया था।
पुरुषों की 100 मीटर टी64 में प्रणव देसाई ने 11.96 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
जैवलिन थ्रो में भी पदकों की झड़ी
भारत ने भाला फेंक स्पर्धाओं में भी उल्लेखनीय सफलता पाई। मेंस जैवलिन थ्रो एफ55 में सुखचैन ने 29.94 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ ब्रॉन्ज जीता। इस स्पर्धा का गोल्ड चीन के फेईफेई झोउ ने 37.63 मीटर के वर्ल्ड रिकॉर्ड थ्रो के साथ जीता।
मेंस जैवलिन थ्रो एफ12/13 में मनजीत व्यास ने अपने दूसरे प्रयास में 61.03 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ सिल्वर हासिल किया। मेंस जैवलिन थ्रो एफ53 में प्रदीप कुमार ने अंतिम प्रयास में 27.45 मीटर फेंककर सिल्वर जीता, वहीं आयुष वर्मा ने पाँचवें प्रयास में 17.88 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
आगे की राह
सिमरन शर्मा का यह डबल गोल्ड प्रदर्शन उन्हें आगामी अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स सर्किट में एक प्रमुख दावेदार के रूप में स्थापित करता है। भारत की बढ़ती पदक तालिका यह संकेत देती है कि देश पैरा एथलेटिक्स में अपनी उपस्थिति को और अधिक मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।