एशियन पैरा गेम्स 2026: सिमरन शर्मा ने 200 मीटर T12 में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड, प्रीति पाल को T35 में सिल्वर
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पैरा गेम्स 2026 में 20 अक्टूबर को भारत की पैरा एथलीटों ने ट्रैक पर तिरंगा लहराया। नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में पैरालंपिक मेडलिस्ट सिमरन शर्मा ने 24.80 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता, जबकि तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं, 200 मीटर T35 स्पर्धा में प्रीति पाल ने रजत पदक हासिल कर भारत की पदक तालिका में तीन और नाम जोड़े।
सिमरन का गेम्स रिकॉर्ड और स्वर्णिम छलांग
सिमरन शर्मा ने 24.80 सेकंड का समय निकालकर न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि एशियन पैरा गेम्स का नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। उन्होंने ईरान की हज्जर सफारजादेह (25.02 सेकंड) को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। गौरतलब है कि हांगझोऊ 2022 एशियन पैरा गेम्स में सिमरन ने 26.12 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता था — यानी इस बार उन्होंने अपने पिछले प्रदर्शन में 1.32 सेकंड का उल्लेखनीय सुधार करते हुए शीर्ष पायदान पर कदम रखा। पेरिस पैरालंपिक 2024 में T12 कैटेगरी में कांस्य पदक विजेता और 100 मीटर की विश्व चैंपियन सिमरन का यह प्रदर्शन उनकी बढ़ती ताकत और निरंतर प्रगति का प्रमाण है।
तेजलबेन का पर्सनल बेस्ट और कांस्य पदक
गुजरात की दृष्टिबाधित T12 पैरा एथलीट तेजलबेन दामोर ने 25.23 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। नागोया की ट्रैक पर उनका यह कांस्य पदक भारतीय पैरा एथलेटिक्स की गहराई को रेखांकित करता है — जहाँ एक ही स्पर्धा में दो भारतीय एथलीट पोडियम पर खड़ी रहीं।
प्रीति पाल: सिल्वर से संतुष्ट नहीं, गोल्ड था लक्ष्य
200 मीटर T35 स्पर्धा में प्रीति पाल ने 29.53 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता। चीन की जिया झोऊ ने 28.03 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। प्रीति एशियन पैरा गेम्स में यह अपना पहला पदक था, लेकिन वह इस उपलब्धि से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखीं।
उन्होंने कहा, "मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। मुझे लगा था कि मैं गोल्ड जीतूंगी। मैं 150 मीटर तक चीनी एथलीट से आगे थी, लेकिन अंत में मेरी गति कम हो गई। मेरी तबीयत ठीक नहीं है; मुझे लगा था कि मैं 28 सेकंड का समय निकाल लूंगी, जो कि गोल्ड मेडल जीतने के लिए जरूरी था। आखिरी 30 मीटर अच्छे नहीं रहे। शायद गोल्ड मेडल पैरालंपिक के लिए लिखा है; उम्मीद करते हैं कि ऐसा ही हो।"
उल्लेखनीय है कि प्रीति पाल पेरिस पैरालंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं और भारत की सबसे अनुभवी T35 धाविकाओं में शुमार हैं। उनका यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि उनकी नज़र अगले पैरालंपिक पर टिकी है।
आगे क्या — 100 मीटर में उतरेंगी प्रीति
प्रीति ने संकेत दिया कि वह 100 मीटर स्प्रिंट स्पर्धा में भी भाग लेंगी। उन्होंने कहा, "खैर, कल 100 मीटर की रेस है। अब उस पर ध्यान देते हैं।" सिमरन और तेजलबेन की भी संभावित स्पर्धाएँ आगे हैं, और भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल नागोया में अपनी पदक संख्या बढ़ाने की राह पर है।