एशियन पैरा गेम्स 2026: अनुभव चौधरी और राकेशभाई भट्ट ने 100 मीटर में जीते ब्रॉन्ज मेडल
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में 21 अक्टूबर 2026 को भारत के पैरा-एथलेटिक्स दल ने एक और शानदार दिन दर्ज किया। अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर टी35 फाइनल में और राकेशभाई भट्ट ने 100 मीटर टी37 फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। दोनों एथलीटों ने अपने-अपने पर्सनल-बेस्ट समय के साथ पोडियम पर जगह बनाई, जिससे एशियन पैरा गेम्स के ट्रैक इवेंट्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 9 हो गई है।
टी35 फाइनल: चौधरी का पर्सनल-बेस्ट प्रदर्शन
अनुभव चौधरी ने 100 मीटर टी35 फाइनल में 12.72 सेकंड का अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में ईरान के अलीरेजा जारे ने 12.32 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इराक के इदरीस अल-जैदी ने 12.69 सेकंड के अपने पर्सनल-बेस्ट समय के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
गौरतलब है कि चौधरी उत्तर प्रदेश के मेरठ के समीप स्थित छुर गाँव के रहने वाले हैं। कम उम्र से निजी चुनौतियों का सामना करने वाले इस स्प्रिंटर ने कोच गौरव त्यागी के मार्गदर्शन में दौड़ने की अपनी क्षमता को परिष्कृत किया। बाद में वे दिल्ली आ गए, जहाँ वे अब कोच राहुल पंवार की देखरेख में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस महाद्वीपीय प्रतिस्पर्धा में पर्सनल-बेस्ट समय के साथ पोडियम पर पहुँचना उनके खेल करियर का एक निर्णायक पड़ाव है।
टी37 फाइनल: भट्ट का पदक संग्रह और समृद्ध
राकेशभाई भट्ट ने 100 मीटर टी37 फाइनल में 11.50 सेकंड का पर्सनल-बेस्ट समय निकालते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल सऊदी अरब के अली अलनाखली ने 11.31 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ जीता, जबकि इंडोनेशिया के सैप्टोयोगो पूर्णोमो ने 11.35 सेकंड के सीजन-बेस्ट समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
गुजरात के भावनगर जिले के मोती बाबारियात गाँव से ताल्लुक रखने वाले भट्ट ने भारतीय पैरा-एथलेटिक्स में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। वे टी37 100 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड और टी37 200 मीटर में एशियाई रिकॉर्ड के धारक हैं।
कॉमनवेल्थ से नागोया तक: भट्ट की यात्रा
यह ऐसे समय में आया है जब भट्ट ने हाल ही में ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी हिस्सा लिया था, जहाँ वे पुरुषों की 100 मीटर टी38 फाइनल में 11.82 सेकंड के सीजन-बेस्ट समय के साथ पाँचवें स्थान पर रहे थे। नागोया में मिले ब्रॉन्ज मेडल ने उनके अंतरराष्ट्रीय पदक संग्रह में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।
भारत का ट्रैक पर बढ़ता दबदबा
इन दोनों पदकों के साथ एशियन पैरा गेम्स 2026 के ट्रैक इवेंट्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 9 पहुँच गई है, जिनमें गोल्ड मेडल भी सम्मिलित हैं। यह भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के लगातार बढ़ते वैश्विक स्तर को दर्शाता है। आगामी दिनों में भारतीय दल के अन्य एथलीटों से भी पदक की उम्मीद बनी हुई है।