एशियन पैरा गेम्स: नवदीप सिंह ने जैवलिन में 42.55 मीटर के साथ ब्रॉन्ज जीता, राकेशभाई भट्ट ने 200 मीटर में तीसरा स्थान हासिल किया
सारांश
मुख्य बातें
पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नवदीप सिंह ने नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों के जैवलिन थ्रो एफ40/एफ41 इवेंट में 42.55 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसी स्पर्धा दिवस पर पैरा-एथलीट राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 200 मीटर टी37 दौड़ में 23.64 सेकंड का समय निकालकर भारत को दूसरा ब्रॉन्ज मेडल दिलाया।
नवदीप का जैवलिन मुकाबला
नवदीप सिंह ने फाइनल में अपने दूसरे प्रयास में 42.55 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया और तीसरे स्थान पर रहे। शेष चार प्रयास फाउल रहे। ईरान के बेत सादेघ ने 45.78 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया के अनस्यारी ने 43.55 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
गौरतलब है कि हरियाणा के पानीपत के रहने वाले नवदीप ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में इसी इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर देशभर में नाम कमाया था। इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक 2021 में वे चौथे स्थान पर रहे थे और एशियन पैरा गेम्स 2023 में भी उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।
नवदीप की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी नवदीप का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2025 में सिल्वर मेडल और 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि 2023 में वे चौथे स्थान पर रहे। 2019 की अंडर-20 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।
इसके अतिरिक्त, 2022 में अमेरिका में डेजर्ट चैलेंज कप और 2021 में दुबई में फजा ग्रां प्री में भी नवदीप ने गोल्ड मेडल हासिल किए। 2023 और 2026 के इंडियन ओपन में भी उन्होंने गोल्ड अपने नाम किया।
राकेशभाई भट्ट का ब्रॉन्ज मेडल
पैरा-एशियन गेम्स में पहली बार भाग ले रहे राकेशभाई भट्ट ने 200 मीटर टी37 स्पर्धा में सराहनीय प्रदर्शन किया। शुरुआती चरण में वे अच्छी स्थिति में थे, लेकिन सऊदी अरब के अली अलनाखली ने 23.32 सेकंड का एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता। इंडोनेशिया के सैप्टोयोगो पूर्णोमो ने 23.45 सेकंड के साथ सिल्वर हासिल किया।
गुजरात के एक गाँव से आने वाले राकेश ने 23.64 सेकंड में दौड़ पूरी कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। पैरा-स्पोर्ट्स में प्रवेश करने के बाद से उन्होंने एक प्रतिस्पर्धी धावक के रूप में अपनी क्षमताओं को निरंतर निखारा है और यह अंतरराष्ट्रीय पदक उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारत के लिए एशियन पैरा गेम्स का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा-स्पोर्ट्स में अपनी वैश्विक उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है। पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था, और नागोया में जारी इन खेलों में भी भारतीय एथलीट पदकों की दावेदारी बनाए हुए हैं। नवदीप और राकेशभाई के पदक भारत के पैरा-एथलेटिक्स कार्यक्रम की बढ़ती गहराई को रेखांकित करते हैं।
आने वाले दिनों में भारत के कई अन्य पैरा-एथलीट भी विभिन्न स्पर्धाओं में मैदान में उतरेंगे और देश की पदक तालिका को और समृद्ध करने का प्रयास करेंगे।