एशियन पैरा गेम्स 2026: प्रदीप कुमार ने जीता सिल्वर, आयुष वर्मा को ब्रॉन्ज — जैवलिन में भारत की दोहरी सफलता
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीटों ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को जैवलिन थ्रो में एक साथ दो पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। प्रदीप कुमार ने एफ54 स्पर्धा में सिल्वर मेडल और आयुष वर्मा ने एफ53 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के लिए यह उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन भी रहा।
मुख्य प्रदर्शन: थ्रो और अंक
प्रदीप कुमार ने 27.45 मीटर का बेस्ट थ्रो करते हुए 901 रजा अंक हासिल किए और सिल्वर पदक पर कब्जा जमाया। वहीं, आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर के थ्रो के साथ 793 रजा अंक अर्जित किए और ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे।
गोल्ड मेडल ईरान के इरफान बोंडोरी के नाम रहा, जिन्होंने 30.24 मीटर का थ्रो करते हुए 986 रजा अंक हासिल किए और शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
सोमवार की उपलब्धियाँ: हुड्डा का गोल्ड, नरवाल का सिल्वर
इससे पहले सोमवार को भारत ने जैवलिन थ्रो की एफ46 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया था। रिंकू हुड्डा ने 65.11 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि अजीत सिंह ने 65.02 मीटर का थ्रो करते हुए सिल्वर अपने नाम किया।
शूटिंग में मनीष नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में 233.7 के स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल करते हुए सिल्वर मेडल जीता।
टेबल टेनिस में भारत को 4 ब्रॉन्ज
मंगलवार को पैरा टेबल टेनिस में भी भारत ने 4 ब्रॉन्ज मेडल अपनी झोली में डाले। बेबी सहाना रवि ने पैरा टेबल टेनिस क्लास 9 में देश के लिए ऐतिहासिक ब्रॉन्ज जीता। प्रार्ची दुबे को सेमीफाइनल में अल-दयेनी के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करने के बाद ब्रॉन्ज मेडल मिला।
भाविना पटेल और सोनलबेन पटेल भी अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले हारीं और दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल जीते। गौरतलब है कि सोमवार का दिन भारत के लिए अत्यंत शानदार रहा था, जब देश ने कुल 11 पदक — 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज — अपने नाम किए थे।
भारत का बढ़ता पदक अभियान
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि देश के पैरा एथलीट अब केवल भागीदारी नहीं, बल्कि पदक तालिका में मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराने की स्थिति में हैं। जैवलिन थ्रो, शूटिंग और टेबल टेनिस जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में एक साथ सफलता मिलना भारतीय पैरा खेल संरचना के विकास का प्रमाण है। आगामी दिनों में और स्पर्धाओं के परिणाम भारत की पदक संख्या को और बढ़ा सकते हैं।