एशियन पैरा गेम्स 2026: डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप, देवेंद्र को गोल्ड, राकेश को सिल्वर, प्रदीप को ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने 20 अक्टूबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स के मेंस डिस्कस थ्रो एफ43/एफ44/एफ62/एफ64 फाइनल में ऐतिहासिक क्लीन स्वीप दर्ज किया — पोडियम के तीनों स्थान भारतीय एथलीटों ने अपने नाम किए। देवेंद्र कुमार ने स्वर्ण, राकेश ने रजत और प्रदीप कुमार ने कांस्य पदक जीता। यह प्रदर्शन पैरा एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।
मुख्य घटनाक्रम
देवेंद्र कुमार ने अपने दूसरे प्रयास में 49.71 मीटर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 781 रजा प्वाइंट्स हासिल कर शीर्ष स्थान पाया। उनके पहले प्रयास में 48.85 मीटर की दूरी दर्ज हुई, जबकि तीसरा और चौथा प्रयास फाउल रहा। पाँचवें प्रयास में उन्होंने 45.20 मीटर की थ्रो की और छठा प्रयास पुनः फाउल रहा।
राकेश ने पहले प्रयास में 47.87 मीटर और दूसरे में 46.08 मीटर की दूरी तय की। तीसरा प्रयास फाउल होने के बाद चौथे प्रयास में उन्होंने अपनी सर्वश्रेष्ठ 49.35 मीटर की थ्रो दर्ज की और 771 रजा प्वाइंट्स के साथ रजत पदक जीता।
प्रदीप कुमार का प्रदर्शन
एफ64 कैटेगरी के एथलीट प्रदीप कुमार ने दूसरे प्रयास में अपनी करियर-बेस्ट 51.15 मीटर की थ्रो दर्ज की — जो तीनों भारतीय एथलीटों में सबसे लंबी भौतिक दूरी थी। उन्होंने 46.95 मीटर से शुरुआत की और तीसरे प्रयास में 50.83 मीटर, फिर क्रमशः 46.16 मीटर, 48.80 मीटर और 47.84 मीटर की थ्रो कीं। कंबाइंड-क्लासिफिकेशन स्कोरिंग के तहत वे 669 रजा प्वाइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
रजा प्वाइंट्स सिस्टम क्या है
इस प्रतियोगिता में एफ43, एफ44, एफ62 और एफ64 जैसी अलग-अलग दिव्यांगता श्रेणियों के एथलीटों ने एक साथ भाग लिया। इनके बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए 'रजा प्वाइंट्स सिस्टम' का उपयोग किया गया, जो केवल थ्रो की दूरी के बजाय एथलीट के प्रदर्शन को उसकी दिव्यांगता श्रेणी के सापेक्ष अंकों में परिवर्तित करता है। इसीलिए प्रदीप कुमार की भौतिक रूप से सबसे लंबी थ्रो के बावजूद रजा प्वाइंट्स में वे तीसरे स्थान पर रहे।
आम जनता पर असर और आगे की राह
गौरतलब है कि एशियन पैरा गेम्स में किसी एक इवेंट में तीनों पदक जीतना बेहद दुर्लभ उपलब्धि है। यह सफलता ऐसे समय में आई है जब भारत अपने पैरा एथलेटिक्स कार्यक्रम को पेरिस पैरालंपिक के बाद और अधिक मज़बूत कर रहा है। एशियन पैरा गेम्स में भारत की यह जीत देश के पैरा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम के लिए एक नई ऊँचाई है, और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में देश की उम्मीदें और बढ़ा देती है।