20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन पैरा गेम्स 2026: डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप, देवेंद्र को गोल्ड, राकेश को सिल्वर, प्रदीप को ब्रॉन्ज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन पैरा गेम्स 2026: डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप, देवेंद्र को गोल्ड, राकेश को सिल्वर, प्रदीप को ब्रॉन्ज

सारांश

नागोया में एशियन पैरा गेम्स के डिस्कस थ्रो फाइनल में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। देवेंद्र कुमार (781 रजा प्वाइंट्स), राकेश (771) और प्रदीप कुमार (669) ने पोडियम पर तिरंगा फहराया। पैरा एथलेटिक्स में यह भारत की दुर्लभ और यादगार उपलब्धि है।

मुख्य बातें

देवेंद्र कुमार ने 49.71 मीटर की थ्रो और 781 रजा प्वाइंट्स के साथ स्वर्ण पदक जीता।
राकेश ने 49.35 मीटर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो और 771 रजा प्वाइंट्स के साथ रजत पदक हासिल किया।
प्रदीप कुमार ने करियर-बेस्ट 51.15 मीटर की थ्रो के साथ 669 रजा प्वाइंट्स पर कांस्य जीता।
तीनों पदक एक ही इवेंट में जीतना एशियन पैरा गेम्स में भारत की दुर्लभ उपलब्धि है।
फाइनल में एफ43, एफ44, एफ62 और एफ64 श्रेणियों के एथलीटों के बीच रजा प्वाइंट्स सिस्टम से निष्पक्ष मुकाबला सुनिश्चित किया गया।

भारत ने 20 अक्टूबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स के मेंस डिस्कस थ्रो एफ43/एफ44/एफ62/एफ64 फाइनल में ऐतिहासिक क्लीन स्वीप दर्ज किया — पोडियम के तीनों स्थान भारतीय एथलीटों ने अपने नाम किए। देवेंद्र कुमार ने स्वर्ण, राकेश ने रजत और प्रदीप कुमार ने कांस्य पदक जीता। यह प्रदर्शन पैरा एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

मुख्य घटनाक्रम

देवेंद्र कुमार ने अपने दूसरे प्रयास में 49.71 मीटर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 781 रजा प्वाइंट्स हासिल कर शीर्ष स्थान पाया। उनके पहले प्रयास में 48.85 मीटर की दूरी दर्ज हुई, जबकि तीसरा और चौथा प्रयास फाउल रहा। पाँचवें प्रयास में उन्होंने 45.20 मीटर की थ्रो की और छठा प्रयास पुनः फाउल रहा।

राकेश ने पहले प्रयास में 47.87 मीटर और दूसरे में 46.08 मीटर की दूरी तय की। तीसरा प्रयास फाउल होने के बाद चौथे प्रयास में उन्होंने अपनी सर्वश्रेष्ठ 49.35 मीटर की थ्रो दर्ज की और 771 रजा प्वाइंट्स के साथ रजत पदक जीता।

प्रदीप कुमार का प्रदर्शन

एफ64 कैटेगरी के एथलीट प्रदीप कुमार ने दूसरे प्रयास में अपनी करियर-बेस्ट 51.15 मीटर की थ्रो दर्ज की — जो तीनों भारतीय एथलीटों में सबसे लंबी भौतिक दूरी थी। उन्होंने 46.95 मीटर से शुरुआत की और तीसरे प्रयास में 50.83 मीटर, फिर क्रमशः 46.16 मीटर, 48.80 मीटर और 47.84 मीटर की थ्रो कीं। कंबाइंड-क्लासिफिकेशन स्कोरिंग के तहत वे 669 रजा प्वाइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

रजा प्वाइंट्स सिस्टम क्या है

इस प्रतियोगिता में एफ43, एफ44, एफ62 और एफ64 जैसी अलग-अलग दिव्यांगता श्रेणियों के एथलीटों ने एक साथ भाग लिया। इनके बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए 'रजा प्वाइंट्स सिस्टम' का उपयोग किया गया, जो केवल थ्रो की दूरी के बजाय एथलीट के प्रदर्शन को उसकी दिव्यांगता श्रेणी के सापेक्ष अंकों में परिवर्तित करता है। इसीलिए प्रदीप कुमार की भौतिक रूप से सबसे लंबी थ्रो के बावजूद रजा प्वाइंट्स में वे तीसरे स्थान पर रहे।

आम जनता पर असर और आगे की राह

गौरतलब है कि एशियन पैरा गेम्स में किसी एक इवेंट में तीनों पदक जीतना बेहद दुर्लभ उपलब्धि है। यह सफलता ऐसे समय में आई है जब भारत अपने पैरा एथलेटिक्स कार्यक्रम को पेरिस पैरालंपिक के बाद और अधिक मज़बूत कर रहा है। एशियन पैरा गेम्स में भारत की यह जीत देश के पैरा स्पोर्ट्स इकोसिस्टम के लिए एक नई ऊँचाई है, और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में देश की उम्मीदें और बढ़ा देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अब एक नहीं, बल्कि कई एथलीट विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के लायक हैं। रजा प्वाइंट्स सिस्टम की जटिलता यह भी रेखांकित करती है कि पैरा स्पोर्ट्स की कवरेज अक्सर सिर्फ पदक संख्या तक सिमट जाती है, जबकि एथलीटों की श्रेणीगत विविधता और स्कोरिंग की बारीकियाँ उतनी ही महत्त्वपूर्ण हैं। जब तक मुख्यधारा मीडिया इस गहराई को नहीं पकड़ता, पैरा चैंपियनों को वह पहचान नहीं मिलेगी जिसके वे हकदार हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन पैरा गेम्स 2026 के डिस्कस थ्रो में भारत ने कौन-से पदक जीते?
भारत ने मेंस डिस्कस थ्रो एफ43/एफ44/एफ62/एफ64 फाइनल में तीनों पदक जीते। देवेंद्र कुमार ने स्वर्ण, राकेश ने रजत और प्रदीप कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया।
देवेंद्र कुमार ने गोल्ड मेडल कितने प्वाइंट्स से जीता?
देवेंद्र कुमार ने 49.71 मीटर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ 781 रजा प्वाइंट्स अर्जित किए और स्वर्ण पदक जीता। यह उनका दूसरे प्रयास में किया गया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
रजा प्वाइंट्स सिस्टम क्या होता है और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
रजा प्वाइंट्स सिस्टम पैरा एथलेटिक्स में अलग-अलग दिव्यांगता श्रेणियों के एथलीटों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। यह केवल थ्रो की दूरी के बजाय प्रदर्शन को श्रेणी-सापेक्ष अंकों में बदलता है, जिससे संयुक्त वर्गीकरण में समान आधार पर रैंकिंग तय होती है।
प्रदीप कुमार ने सबसे लंबी थ्रो करने के बाद भी ब्रॉन्ज क्यों पाया?
प्रदीप कुमार एफ64 श्रेणी के एथलीट हैं और उन्होंने 51.15 मीटर की सबसे लंबी भौतिक थ्रो की, लेकिन रजा प्वाइंट्स सिस्टम के तहत उनकी श्रेणी के सापेक्ष उन्हें 669 अंक मिले, जो देवेंद्र (781) और राकेश (771) से कम थे। इसलिए वे तीसरे स्थान पर रहे।
एशियन पैरा गेम्स 2026 का आयोजन कहाँ हो रहा है?
एशियन पैरा गेम्स 2026 का आयोजन जापान के नागोया में हो रहा है। मेंस डिस्कस थ्रो का यह फाइनल 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 4 सप्ताह पहले