एशियन पैरा गेम्स 2026: हाई जंप टी63 में भारत का क्लीन स्वीप, शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर से जीता गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा एथलीट शैलेश कुमार ने 22 अक्टूबर 2026 को नागोया में एशियन पैरा गेम्स 2026 के पुरुष हाई जंप टी63 फाइनल में 1.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वरुण भाटी ने 1.84 मीटर के साथ रजत और राहुल ने 1.81 मीटर की अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ कांस्य पदक जीता — इस प्रकार भारत ने इस स्पर्धा में तीनों पदक एक साथ अपनी झोली में डाल लिए।
मुख्य घटनाक्रम
शैलेश कुमार की 1.89 मीटर की छलांग इस स्पर्धा में शीर्ष प्रदर्शन रही और उन्होंने निर्विवाद रूप से स्वर्ण पदक हासिल किया। वरुण भाटी 1.84 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि राहुल ने 1.81 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग के दम पर पोडियम पर तीसरा स्थान सुनिश्चित किया। तीनों पदक भारत के खाते में जाने से यह एक ऐतिहासिक 'क्लीन स्वीप' बन गया।
2022 के प्रदर्शन की पुनरावृत्ति
गौरतलब है कि भारत ने 2022 एशियन पैरा गेम्स में भी पुरुष हाई जंप टी42/टी63 स्पर्धा में तीनों पदक जीते थे। 2026 संस्करण में यह इन खेलों में भारत का तीसरा 'क्लीन स्वीप' था। इससे पहले मेंस डिस्कस थ्रो एफ44/64 में देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में और पुरुष शॉट पुट एफ46 फाइनल में सचिन खिलारी के नेतृत्व में भी भारत ने सभी तीन पदक जीते थे।
वरुण भाटी का सफ़र
वरुण भाटी उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के रहने वाले अनुभवी पैरा हाई जंपर हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी पहली बड़ी उपलब्धि 2016 रियो पैरालंपिक में आई, जब उन्होंने 1.86 मीटर की छलांग लगाकर मेंस हाई जंप टी42 में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने 2017 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी कांस्य और 2018 एशियन पैरा गेम्स में 1.82 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक हासिल किया। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी वरुण ने 1.85 मीटर की छलांग के साथ टी63 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
महिला 400 मीटर टी47 में भी भारत का दबदबा
इसी दिन महिला 400 मीटर टी47 स्पर्धा में भारत ने शीर्ष दो स्थान हासिल किए। अंजनाबेन बंबडिया ने 59.97 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि जयंती बेहरा ने 1:00.65 मिनट के प्रदर्शन के साथ रजत पदक अपने नाम किया। अंजनाबेन का यह प्रदर्शन भारतीय पैरा ट्रैक एथलेटिक्स के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।
आगे क्या
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की पदक तालिका लगातार समृद्ध होती जा रही है। इस खेल महोत्सव में भारतीय दल की यह निरंतर सफलता पैरा एथलेटिक्स के विकास और खिलाड़ियों की मेहनत का प्रमाण है। आने वाले दिनों में कई अन्य स्पर्धाओं में भी भारत के पदक की उम्मीदें बनी हुई हैं।