एशियन पैरा गेम्स 2026: आयुष वर्मा ने शॉट पुट F53 में 8.16 मीटर थ्रो से जीता गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के आयुष वर्मा ने 21 अक्टूबर को पुरुषों के शॉट पुट F53 फाइनल में 8.16 मीटर का शानदार थ्रो फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत भारत के इस एशियन पैरा गेम्स अभियान में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ती है।
मुख्य घटनाक्रम
आयुष वर्मा ने F53 श्रेणी के फाइनल मुकाबले में 8.16 मीटर की दूरी हासिल करते हुए प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा। यह श्रेणी उन पैरा एथलीटों के लिए होती है जो व्हीलचेयर पर प्रतिस्पर्धा करते हैं और जिन्हें धड़ एवं बाहों की मांसपेशियों में सीमित क्षमता होती है। आयुष की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स की बढ़ती ताकत को भी रेखांकित करती है।
खेल मंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आयुष का वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'भारत के लिए गोल्ड। आयुष वर्मा को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों के शॉट पुट एफ53 के फाइनल में 8.16 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड जीतने पर बहुत-बहुत बधाई।'
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने भी एक्स पर बधाई देते हुए कहा, '8.16 मीटर के शानदार थ्रो के साथ, आयुष ने जबरदस्त ताकत, सटीकता और एथलेटिक उत्कृष्टता दिखाई। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने भारतीय एथलेटिक्स को इंटरनेशनल लेवल पर ऊंचा उठाया है।'
मध्य प्रदेश से मिली बधाइयाँ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, 'भारत के लिए स्वर्णिम गौरव, गोल्डन ग्लोरी। यह एक शानदार उपलब्धि है, जिसने भारत के कैंपेन में एक और गोल्डन मोमेंट जोड़ दिया है।'
राज्य के खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भी बधाई देते हुए कहा कि 'आपकी इस उपलब्धि से संपूर्ण राष्ट्र गौरवान्वित है।' गौरतलब है कि आयुष वर्मा मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं, जिससे राज्य स्तर पर भी यह जीत उत्सव का माहौल लेकर आई है।
आम जनता और भारतीय पैरा खेलों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन पैरा गेम्स में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है। आइची-नागोया में भारतीय पैरा दल ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक तालिका में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। आयुष की यह जीत युवा पैरा एथलीटों को प्रेरणा देती है और पैरा स्पोर्ट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक है।
क्या होगा आगे
भारतीय पैरा दल आइची-नागोया में अन्य स्पर्धाओं में भी भाग ले रहा है और आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद बनी हुई है। आयुष वर्मा की यह उपलब्धि भारत की पैरा एथलेटिक्स नीति और खिलाड़ियों को मिल रहे प्रशिक्षण एवं समर्थन की सफलता की कहानी भी कहती है।