मनप्रीत कौर का एशियन गेम्स 2026 में शॉट पुट ब्रॉन्ज, 17.17 मीटर थ्रो से देश को मेडल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शॉट पुटर मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार, 25 सितंबर को 17.17 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। यह उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है, जो वर्षों के संघर्ष और अनथक मेहनत का नतीजा है।
परिवार में खुशी की लहर
अंबाला में मनप्रीत के सास-ससुर ने इस जीत पर खुशी जताते हुए मिठाई बाँटने और गुरुद्वारे में माथा टेकने की बात कही। मनप्रीत की सास ने कहा, 'हम अपनी बहु के लिए बहुत खुश हैं। हमें खुशी है कि वह देश के लिए कुछ करके और मेडल लेकर आई है। हमें अपनी बहु पर मान है। आसपास मिठाइयाँ बाँटेंगे, क्योंकि हमें बहुत खुशी है।' उन्होंने यह भी बताया कि मनप्रीत ने अंबाला में रहकर ही अपनी अधिकतर तैयारी की, और बाद में नौकरी के सिलसिले में पटियाला जाना पड़ा।
मनप्रीत के ससुर ने भावुक होते हुए कहा, 'हमारे पूरे परिवार की मेहनत सफल हो गई है। हमारी बहु ने काफी मेहनत की है — यह उनकी वर्षों की साधना का नतीजा है। वह नौकरी के साथ-साथ खूब प्रैक्टिस किया करती थीं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके बेटे ने हर कदम पर मनप्रीत का पूरा साथ दिया।
करियर की उपलब्धियाँ
मनप्रीत एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की पूर्व ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। उन्होंने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में 17.00 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था। हाल ही में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वे बेहद कम अंतर से मेडल चूक गईं और 17.49 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले उन्होंने 2016 ओलंपिक गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और 23वें स्थान पर रही थीं।
निलंबन से वापसी तक का सफर
मनप्रीत ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017 में गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन प्रतिबंधित पदार्थों के लिए टेस्ट पॉजिटिव आने के कारण उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया और उनका गोल्ड मेडल वापस ले लिया गया। यह उनके करियर का सबसे कठिन दौर था। 2022 में वापसी के बाद उन्होंने 18.06 मीटर का थ्रो कर नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा, जो उनके पुनरुत्थान का प्रतीक बना।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वह 11वें स्थान पर रहीं और पिछले एशियन गेम्स में पाँचवें स्थान पर। इस बार एशियन गेम्स 2026 में 17.17 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज जीतना उनके धैर्य और समर्पण की जीत है।
आम जनता और खेल जगत पर असर
मनप्रीत की यह जीत उन तमाम एथलीटों के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में खेलते हुए वापसी करते हैं। यह ऐसे समय में आई है जब एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन राष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बना हुआ है। आगे मनप्रीत का लक्ष्य अपने थ्रो को और बेहतर कर बड़े मंच पर गोल्ड तक पहुँचने का होगा।