मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में शॉट पुट ब्रॉन्ज जीता, 17.17 मीटर थ्रो से बनाया इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
भारत की अनुभवी एथलीट मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के शॉट पुट फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर भारत की पदक तालिका में एक और शानदार इज़ाफ़ा किया। 25 सितंबर 2026 को नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में मनप्रीत ने अपने चौथे थ्रो में 17.17 मीटर की दूरी दर्ज की और पोडियम पर जगह बनाई। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स में शॉट पुट मेडल जीतने वाली भारत की तीसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
फाइनल में चीन की सोंग जियायुआन ने गोल्ड और झांग लिनरू ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि मनप्रीत 17.17 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में एक अन्य भारतीय चुनौती भी दिखी — कृष्णा जयशंकर मेनन ने 16.57 मीटर का थ्रो कर पाँचवाँ स्थान हासिल किया, जो एक युवा खिलाड़ी के लिए उत्साहजनक प्रदर्शन रहा।
मनप्रीत का सफ़र: वापसी की मिसाल
मनप्रीत कौर की कहानी संघर्ष और दृढ़ता की मिसाल है। उन्होंने 2017 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन प्रतिबंधित पदार्थों के लिए पॉज़िटिव पाए जाने के बाद उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया और उनसे पदक वापस ले लिया गया। 2022 में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने 18.06 मीटर का थ्रो कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं मनप्रीत उस स्पर्धा में 23वें स्थान पर रही थीं।
हालिया फॉर्म और एशियन गेम्स तक का सफ़र
गौरतलब है कि मनप्रीत ने 2026 नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.75 मीटर का थ्रो कर घरेलू स्तर पर मज़बूत फॉर्म दिखाई थी, जो एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन मानक 16.25 मीटर से काफ़ी बेहतर था। हालाँकि, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वह 17.49 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रह गई थीं और बहुत कम अंतर से पदक चूक गई थीं। पिछले एशियन गेम्स में भी वह पाँचवें स्थान पर रही थीं — इस बार के ब्रॉन्ज ने उनके करियर का एक अधूरा अध्याय पूरा किया।
ऐतिहासिक महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला एथलीट अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। एशियन गेम्स शॉट पुट में मनप्रीत से पहले केवल बारबरा वेबस्टर (1951) और किरण बालियान (2022) ने भारत के लिए ब्रॉन्ज पदक जीते थे। इस लिहाज़ से यह पदक महज़ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला ट्रैक-एंड-फील्ड की बढ़ती ताक़त का प्रमाण है। 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने 17.00 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज जीता था, जो दर्शाता है कि बड़े मंचों पर उनका प्रदर्शन निरंतर और विश्वसनीय रहा है।
क्या होगा आगे
मनप्रीत की यह जीत भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के लिए भी उत्साहवर्धक है। उनका अगला बड़ा लक्ष्य अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 18.06 मीटर को और बेहतर करना और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में उच्चतम पोडियम तक पहुँचना होगा। एशियन गेम्स में भारत के एथलेटिक्स प्रदर्शन की यह नई कड़ी देश के उभरते ट्रैक-एंड-फील्ड परिदृश्य की मज़बूती का संकेत देती है।