25 सितंबर 2026
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मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में शॉट पुट ब्रॉन्ज जीता, 17.17 मीटर थ्रो से बनाया इतिहास

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मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में शॉट पुट ब्रॉन्ज जीता, 17.17 मीटर थ्रो से बनाया इतिहास

सारांश

मनप्रीत कौर ने नागोया में 17.17 मीटर के थ्रो से एशियन गेम्स 2026 की महिला शॉट पुट स्पर्धा में ब्रॉन्ज जीता। चार साल के डोपिंग प्रतिबंध से वापसी कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की — और एशियन गेम्स शॉट पुट में पदक जीतने वाली भारत की सिर्फ़ तीसरी महिला बन गईं।

मुख्य बातें

मनप्रीत कौर ने 25 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 की महिला शॉट पुट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
मनप्रीत ने अपने चौथे थ्रो में 17.17 मीटर की दूरी दर्ज कर तीसरा स्थान हासिल किया।
गोल्ड — सोंग जियायुआन (चीन) ; सिल्वर — झांग लिनरू (चीन) ; ब्रॉन्ज — मनप्रीत कौर (भारत) ।
दूसरी भारतीय कृष्णा जयशंकर मेनन 16.57 मीटर के साथ पाँचवें स्थान पर रहीं।
मनप्रीत एशियन गेम्स शॉट पुट में पदक जीतने वाली भारत की तीसरी महिला बनीं; उनसे पहले बारबरा वेबस्टर (1951) और किरण बालियान (2022) ।
उन्होंने 2022 में डोपिंग प्रतिबंध के बाद वापसी की और 18.06 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।

भारत की अनुभवी एथलीट मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के शॉट पुट फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर भारत की पदक तालिका में एक और शानदार इज़ाफ़ा किया। 25 सितंबर 2026 को नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में मनप्रीत ने अपने चौथे थ्रो में 17.17 मीटर की दूरी दर्ज की और पोडियम पर जगह बनाई। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स में शॉट पुट मेडल जीतने वाली भारत की तीसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

फाइनल में चीन की सोंग जियायुआन ने गोल्ड और झांग लिनरू ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि मनप्रीत 17.17 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता में एक अन्य भारतीय चुनौती भी दिखी — कृष्णा जयशंकर मेनन ने 16.57 मीटर का थ्रो कर पाँचवाँ स्थान हासिल किया, जो एक युवा खिलाड़ी के लिए उत्साहजनक प्रदर्शन रहा।

मनप्रीत का सफ़र: वापसी की मिसाल

मनप्रीत कौर की कहानी संघर्ष और दृढ़ता की मिसाल है। उन्होंने 2017 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था, लेकिन प्रतिबंधित पदार्थों के लिए पॉज़िटिव पाए जाने के बाद उन पर चार साल का प्रतिबंध लगाया गया और उनसे पदक वापस ले लिया गया। 2022 में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने 18.06 मीटर का थ्रो कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं मनप्रीत उस स्पर्धा में 23वें स्थान पर रही थीं।

हालिया फॉर्म और एशियन गेम्स तक का सफ़र

गौरतलब है कि मनप्रीत ने 2026 नेशनल इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17.75 मीटर का थ्रो कर घरेलू स्तर पर मज़बूत फॉर्म दिखाई थी, जो एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन मानक 16.25 मीटर से काफ़ी बेहतर था। हालाँकि, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वह 17.49 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रह गई थीं और बहुत कम अंतर से पदक चूक गई थीं। पिछले एशियन गेम्स में भी वह पाँचवें स्थान पर रही थीं — इस बार के ब्रॉन्ज ने उनके करियर का एक अधूरा अध्याय पूरा किया।

ऐतिहासिक महत्त्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला एथलीट अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। एशियन गेम्स शॉट पुट में मनप्रीत से पहले केवल बारबरा वेबस्टर (1951) और किरण बालियान (2022) ने भारत के लिए ब्रॉन्ज पदक जीते थे। इस लिहाज़ से यह पदक महज़ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला ट्रैक-एंड-फील्ड की बढ़ती ताक़त का प्रमाण है। 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने 17.00 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज जीता था, जो दर्शाता है कि बड़े मंचों पर उनका प्रदर्शन निरंतर और विश्वसनीय रहा है।

क्या होगा आगे

मनप्रीत की यह जीत भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के लिए भी उत्साहवर्धक है। उनका अगला बड़ा लक्ष्य अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 18.06 मीटर को और बेहतर करना और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में उच्चतम पोडियम तक पहुँचना होगा। एशियन गेम्स में भारत के एथलेटिक्स प्रदर्शन की यह नई कड़ी देश के उभरते ट्रैक-एंड-फील्ड परिदृश्य की मज़बूती का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चार साल के प्रतिबंध और वापसी की पूरी कहानी का निचोड़ है — जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर महज़ एक नतीजे तक सीमित कर देती है। विचारणीय यह है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 17.49 मीटर फेंककर भी वह पदक से चूकी थीं, जबकि इस बार 17.17 मीटर पर ब्रॉन्ज मिला — जो दर्शाता है कि अलग-अलग प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा का स्तर कितना अलग होता है। भारतीय एथलेटिक्स के लिए असली सवाल यह है कि क्या मनप्रीत जैसी अनुभवी खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ — यानी 18.06 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड — बड़े मंचों पर दोहराने के लिए पर्याप्त संस्थागत सहयोग मिल रहा है। अगर हाँ, तो पेरिस 2028 ओलंपिक में शॉट पुट फाइनल में जगह बनाना असंभव नहीं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में कौन सा मेडल जीता?
मनप्रीत कौर ने एशियन गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 25 सितंबर 2026 को नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में अपने चौथे थ्रो में 17.17 मीटर की दूरी दर्ज की।
एशियन गेम्स 2026 शॉट पुट फाइनल में गोल्ड और सिल्वर किसने जीता?
गोल्ड मेडल चीन की सोंग जियायुआन ने और सिल्वर मेडल चीन की झांग लिनरू ने जीता। मनप्रीत कौर तीसरे स्थान पर रहीं।
मनप्रीत कौर पर डोपिंग प्रतिबंध क्यों लगाया गया था?
मनप्रीत कौर 2017 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद प्रतिबंधित पदार्थों के लिए पॉज़िटिव पाई गई थीं। इसके चलते उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा और उनसे गोल्ड मेडल वापस ले लिया गया; उन्होंने 2022 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की।
एशियन गेम्स शॉट पुट में मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिलाएँ कौन थीं?
एशियन गेम्स शॉट पुट में भारत की ओर से सबसे पहले बारबरा वेबस्टर ने 1951 में और फिर किरण बालियान ने 2022 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। मनप्रीत कौर इस सूची में तीसरी भारतीय महिला हैं।
मनप्रीत कौर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो कितना है?
मनप्रीत कौर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और राष्ट्रीय रिकॉर्ड 18.06 मीटर है, जो उन्होंने 2022 में अपनी वापसी के दौरान दर्ज किया था। इससे पहले 2026 नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में उन्होंने 17.75 मीटर का थ्रो कर एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मानक हासिल किया था।
राष्ट्र प्रेस
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