एशियन पैरा गेम्स 2026: UP के 6 पदक, केशव प्रसाद मौर्य ने सिमरन-प्रीति पाल समेत सभी विजेताओं को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पैरा गेम्स 2026 में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने 6 पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का परचम लहराया है। इस शानदार उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पैरा खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट खेल कौशल से प्रदेश का मान बढ़ाया है।
किसने जीते कौन से पदक
सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर टी-12 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की। राम रतन सिंह ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ-51 से एफ-53 स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया, जबकि प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर टी-35 स्पर्धा में रजत पदक जीता।
टेबल टेनिस की महिला एकल क्लास-6 स्पर्धा में प्राची पांडेय ने कांस्य पदक हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया। पुरुषों की भाला फेंक एफ-53/एफ-54 स्पर्धा में प्रदीप कुमार (एफ-54 वर्ग) ने रजत पदक और आयुष वर्मा (एफ-53 वर्ग) ने कांस्य पदक जीता।
उप मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता दूसरे खिलाड़ियों, खासकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा, 'इन खिलाड़ियों ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकता है।'
मौर्य ने यह भी उम्मीद जताई कि पैरा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन प्रदेश की अन्य खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
पदक विजेताओं की उपलब्धि का महत्व
गौरतलब है कि एशियन पैरा गेम्स एशिया का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट्स आयोजन है और यहाँ 6 पदक जीतना उत्तर प्रदेश के लिए उल्लेखनीय है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार खेल अवसंरचना और पैरा-एथलीट प्रशिक्षण में निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही है।
इस बार उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स और टेबल टेनिस दोनों में पदक हासिल किए, जो प्रदेश की खेल विविधता को दर्शाता है। विशेष रूप से प्रीति पाल और सिमरन का ट्रैक पर प्रदर्शन महिला पैरा-एथलीटों के लिए नई मिसाल बना है।
आगे की राह
उप मुख्यमंत्री मौर्य ने सभी पदक विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वे आने वाली प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखेंगे। राज्य में पैरा-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की दिशा में यह उपलब्धि नीति-निर्माताओं और प्रशिक्षकों दोनों के लिए प्रोत्साहन का काम करेगी।