एशियन पैरा गेम्स 2026: प्रणव सूरमा ने 11.66 मीटर के एशियन रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड, राम रतन सिंह को सिल्वर
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में 20 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 के पुरुष डिस्कस थ्रो (F51/52/53) इवेंट में भारत के प्रणव सूरमा ने 11.66 मीटर की ऐतिहासिक थ्रो के साथ एशियन रिकॉर्ड कायम करते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि हमवतन राम रतन सिंह ने 10.35 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। एक ही इवेंट में भारत के दो एथलीटों का पोडियम पर शीर्ष दो स्थान पर काबिज होना देश के पैरा-खेल इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही।
सूरमा का रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन
प्रणव सूरमा ने प्रतियोगिता की शुरुआत 10.79 मीटर के पहले थ्रो से की। दूसरा प्रयास 'फाउल' रहा, लेकिन तीसरे में उन्होंने 11.35 मीटर की दूरी तय कर अपनी बढ़त मजबूत की। निर्णायक मोड़ आया चौथे प्रयास में, जब उन्होंने 11.66 मीटर की थ्रो के साथ एशियन रिकॉर्ड बनाया और 932 'रजा प्वाइंट्स' अर्जित किए। पाँचवें प्रयास में 11.54 मीटर और छठे में 10.59 मीटर की दूरी के साथ उन्होंने अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा।
राम रतन सिंह का सिल्वर तक का सफर
राम रतन सिंह का पहला प्रयास 'फाउल' रहा, लेकिन दूसरे प्रयास में 10.35 मीटर की थ्रो के साथ उन्होंने सिल्वर की स्थिति सुरक्षित कर ली। तीसरा और चौथा प्रयास भी 'फाउल' रहे। पाँचवें प्रयास में 10.02 मीटर और छठे में 10.13 मीटर की दूरी तय कर उन्होंने 809 'रजा प्वाइंट्स' के साथ सिल्वर पक्का किया।
सूरमा का समृद्ध पैरा-खेल करियर
गौरतलब है कि प्रणव सूरमा पिछले एशियन पैरा गेम्स के F51 क्लब थ्रो इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक में भी उसी इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया था। यह उनकी निरंतरता और विश्व स्तरीय प्रदर्शन की क्षमता का प्रमाण है। तीसरे स्थान पर ईरान के अलीरेजा हेमामी ने F53 कैटेगरी में 20.20 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज जीता।
हिमांशु नंदल ने भी जीता ब्रॉन्ज
डिस्कस थ्रो के अलावा, भारतीय तैराक हिमांशु नंदल ने भी 20 अक्टूबर को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 स्पर्धा में 5 मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस प्रकार एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के लिए मंगलवार का दिन तीन पदकों — एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज — के साथ बेहद यादगार रहा।
भारत की पदक तालिका में बढ़ोतरी
यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन पैरा गेम्स में लगातार अपना प्रदर्शन सुधार रहा है। एक इवेंट में दो पदक — और उनमें एक एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड — भारतीय पैरा-एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई को रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में भारतीय दल से और पदकों की उम्मीद बनी हुई है।