30 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: सुनील कुमार ने 9-0 से जीत के साथ ग्रीको-रोमन रेसलिंग में ब्रॉन्ज, बने पहले भारतीय

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एशियन गेम्स 2026: सुनील कुमार ने 9-0 से जीत के साथ ग्रीको-रोमन रेसलिंग में ब्रॉन्ज, बने पहले भारतीय

सारांश

सुनील कुमार ने नागोया में 9-0 की 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' जीत के साथ ग्रीको-रोमन रेसलिंग में एशियन गेम्स का लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल जीता। वे इस महाद्वीपीय खेलों में दो ग्रीको-रोमन मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए हैं — छह एशियन चैंपियनशिप मेडलों से सजे करियर में एक और ऐतिहासिक पड़ाव।

मुख्य बातें

सुनील कुमार ने 30 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के 87 किग्रा ग्रीको-रोमन रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स को 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर 9-0 से हराया।
सुनील, एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर बने।
इससे पहले उन्होंने हांगझोऊ 2022 में भी इसी भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
करियर में अब तक छह एशियन चैंपियनशिप मेडल सहित यह उनका सबसे बड़ा महाद्वीपीय खिताब है।

एशियन गेम्स 2026 में 30 सितंबर को भारतीय पहलवान सुनील कुमार ने नागोया के नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में पुरुषों के 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन रेसलिंग इवेंट में फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स को 9-0 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर दर्ज यह जीत 27 वर्षीय सुनील को एशियन गेम्स में दो ग्रीको-रोमन मेडल जीतने वाला पहला भारतीय रेसलर बनाती है।

मुकाबले का घटनाक्रम

सुनील कुमार ने मैट पर उतरते ही मुकाबले पर पकड़ बना ली। शुरुआती दांव-पेच में उन्होंने रॉबर्ट्स को दो बार पटखनी देकर चार अंक हासिल किए। प्रतिद्वंद्वी की 'पैसिविटी' (निष्क्रियता) के कारण एक अतिरिक्त अंक मिला, और मुकाबले के मात्र 90 सेकंड के भीतर ही भारतीय पहलवान 5-0 की बढ़त पर पहुँच गए।

सुनील ने आक्रामकता में कोई कमी नहीं आने दी। एक और 'पैसिविटी' स्थिति का फायदा उठाते हुए उन्होंने रॉबर्ट्स को नीचे गिराया और स्कोर 7-0 कर दिया। अंत में एक और स्कोरिंग मूव से दो अतिरिक्त अंक जोड़कर 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के लिए ज़रूरी नौ अंकों की बढ़त हासिल की और मुकाबला अपने नाम किया।

ऐतिहासिक उपलब्धि

यह सुनील का एशियन गेम्स में लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल है। इससे पहले उन्होंने हांगझोऊ 2022 में भी इसी भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। गौरतलब है कि यह उपलब्धि उन्हें एशियाई महाद्वीपीय खेलों में एक से अधिक ग्रीको-रोमन मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान के रूप में इतिहास में दर्ज कराती है।

यह ब्रॉन्ज मेडल सुनील के समृद्ध करियर में एक और अध्याय जोड़ता है, जिसमें पहले से ही छह एशियन चैंपियनशिप मेडल शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ग्रीको-रोमन रेसलिंग में अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है।

एशियन गेम्स में भारत की रेसलिंग विरासत

ग्रीको-रोमन रेसलिंग भारत के लिए परंपरागत रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि इस शैली में पैरों का उपयोग वर्जित होता है और ऊपरी शरीर की ताकत तथा तकनीक पर विशेष ज़ोर रहता है। इस पृष्ठभूमि में सुनील की यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

सुनील की इस जीत ने एशियन गेम्स की ग्रीको-रोमन मेडल टैली में भारत की मौजूदगी को बरकरार रखा है। आगे वे विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालिफायर जैसे बड़े लक्ष्यों की ओर नज़र टिकाए होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो परंपरागत रूप से फ्रीस्टाइल की छाया में रही है। 90 सेकंड में 5-0 की बढ़त और अंततः 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' से मिली जीत यह बताती है कि सुनील सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि एशिया के शीर्ष पहलवानों में से एक हैं। सवाल यह है कि क्या भारतीय कुश्ती महासंघ इस क्षमता को ओलंपिक मेडल में बदलने के लिए पर्याप्त समर्थन और संसाधन दे पाएगा — क्योंकि ग्रीको-रोमन में भारत का ओलंपिक मेडल अभी भी इंतज़ार में है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील कुमार ने एशियन गेम्स 2026 में कौन-सा मेडल जीता?
सुनील कुमार ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन रेसलिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स को 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर 9-0 से हराया।
सुनील कुमार का एशियन गेम्स में यह कौन-सा मेडल है?
यह एशियन गेम्स में सुनील कुमार का लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल है। इससे पहले उन्होंने हांगझोऊ 2022 में भी इसी भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
सुनील कुमार ने कौन-सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया?
27 वर्षीय सुनील कुमार एशियन गेम्स में दो ग्रीको-रोमन रेसलिंग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए हैं। वे एशियाई महाद्वीपीय खेलों में इस स्टाइल में एक से अधिक मेडल जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं।
ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला कहाँ और कैसे हुआ?
यह मुकाबला नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में हुआ। सुनील कुमार ने मात्र 90 सेकंड में 5-0 की बढ़त बनाई और फिर 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के लिए जरूरी 9 अंकों का अंतर हासिल कर मुकाबला जीता।
सुनील कुमार के करियर में अब तक कितने बड़े मेडल हैं?
सुनील कुमार के करियर में एशियन गेम्स के दो ब्रॉन्ज मेडल के अलावा छह एशियन चैंपियनशिप मेडल शामिल हैं। यह उन्हें ग्रीको-रोमन रेसलिंग में भारत के सबसे सफल एशियाई प्रतियोगिता पहलवानों में से एक बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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