एशियन गेम्स 2026: सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में, दक्षिणेश्वर सुरेश का सफर तीसरे दौर में खत्म
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने 30 सितंबर 2026 को नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 के पुरुष एकल मुकाबले में उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को सीधे सेटों में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, साथी भारतीय खिलाड़ी दक्षिणेश्वर सुरेश का अभियान तीसरे दौर में ही समाप्त हो गया।
नागल की जीत का विवरण
सातवीं वरीयता प्राप्त नागल ने फोमिन के खिलाफ पूरी तरह संयमित खेल का प्रदर्शन करते हुए 6-3, 6-2 से जीत दर्ज की। विश्व रैंकिंग में 249वें स्थान पर काबिज भारतीय खिलाड़ी ने एक भी निर्णायक सेट की नौबत आने दिए बिना मैच अपने नाम कर लिया।
मुश्किलों भरा सफर: होंग के खिलाफ वापसी
नागल दूसरे दौर में दक्षिण कोरिया के सियोंगचन होंग को 6-4, 6-0 से हराकर तीसरे दौर में पहुंचे थे। हालांकि, यह मुकाबला आसान नहीं रहा — सोमवार को खराब मौसम की वजह से खेल रोकना पड़ा था, जब नागल पहले सेट में 3-2 से आगे थे।
मंगलवार को खेल दोबारा शुरू होने पर होंग ने आक्रामक शुरुआत करते हुए लगातार आठ अंक हासिल कर 4-3 की बढ़त बना ली। लेकिन नागल ने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार नौ गेम जीतकर मुकाबला अपने पक्ष में पलट दिया। गौरतलब है कि नागल को 2024 इंडियन वेल्स मास्टर्स के क्वालीफाइंग दौर में होंग से हार का सामना करना पड़ा था। एशियन गेम्स से पहले डेविस कप में भी दक्षिण कोरिया के खिलाफ उन्हें ह्योन चुंग और सूनवू क्वोन से हार झेलनी पड़ी थी।
क्वार्टर फाइनल में कड़ी परीक्षा
अगले दौर में नागल का सामना चीन के तीसरी वरीयता प्राप्त वू यिबिंग से होगा, जो विश्व रैंकिंग में 111वें स्थान पर हैं। उल्लेखनीय है कि दोनों के बीच अब तक एकमात्र मुकाबले में यिबिंग ने नागल को हराया था, जिससे यह भिड़ंत और भी रोचक हो जाती है।
दक्षिणेश्वर सुरेश का सफर समाप्त
दक्षिणेश्वर सुरेश दूसरे दौर में इंडोनेशिया के गुनावन ट्रिस्मुवंतारा को कड़े मुकाबले में 7-5, 7-6 (2) से हराकर तीसरे दौर में पहुंचे थे — यह एशियाई खेलों में उनका पहला मुकाबला था। हालांकि, तीसरे दौर में उन्हें चीनी ताइपे के छठी वरीयता प्राप्त चुन-ह्सिन त्सेंग के सामने 3-6, 4-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी, और उनका एकल अभियान यहीं समाप्त हो गया।
आगे क्या होगा
नागल का क्वार्टर फाइनल मुकाबला उनके एशियन गेम्स करियर का अब तक का सबसे बड़ा मंच होगा। यिबिंग के खिलाफ उनकी पिछली हार को पलटने का यह सुनहरा मौका है। भारतीय टेनिस प्रेमियों की निगाहें अब नागोया कोर्ट पर टिकी हैं।