एशियन गेम्स 2026 सेमीफाइनल: ईशान किशन की 46 गेंदों में 80* रनों की पारी, भारत ने श्रीलंका के खिलाफ बनाए 169/7
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 169 रन का स्कोर खड़ा किया। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की 46 गेंदों में नाबाद 80 रनों की संघर्षपूर्ण पारी ने भारत को एक प्रतिस्पर्धी योग तक पहुँचाया, जबकि टीम के शीर्ष क्रम ने निराश किया।
भारत की शुरुआत रही लड़खड़ाती
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा महज 3 गेंदों में 7 रन बनाकर पवेलियन लौटे। संजू सैमसन भी कुछ खास न कर सके और 9 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हो गए।
कप्तान श्रेयस अय्यर का प्रदर्शन भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और वे 13 रन बनाकर वापस लौटे। भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाजों का यह संयुक्त प्रदर्शन टीम पर जल्द दबाव बना गया।
वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक पारी
इस संकट की घड़ी में प्लेइंग इलेवन में वापसी करने वाले वैभव सूर्यवंशी ने भरपूर आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने 21 गेंदों में 38 रन की तेज़तर्रार पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। गौरतलब है कि इस मैच में यश ठाकुर की जगह जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जगह वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल किया गया था।
ईशान किशन का एकल संघर्ष
वैभव के आउट होने के बाद पारी की ज़िम्मेदारी ईशान किशन के कंधों पर आ गई। दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन ईशान क्रीज पर डटे रहे। उन्होंने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर गियर बदलते हुए अगली 13 गेंदों में 30 रन और जड़ दिए। अंततः ईशान 46 गेंदों में 80 रन नाबाद रहे, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे।
निचले क्रम में अक्षर पटेल 13 गेंदों में केवल 8 रन ही जोड़ सके। तिलक वर्मा 2 रन और शिवम दुबे 3 रन बनाकर वापस लौटे। वॉशिंगटन सुंदर 3 गेंदों में 7 रन बनाकर नाबाद रहे।
श्रीलंकाई गेंदबाजों का प्रदर्शन
श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में थरिंदु रत्नायके सबसे सफल रहे। उन्होंने 4 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट लिए। कप्तान साहन अराच्चिगे ने भी 28 रन खर्च करके 2 विकेट झटके।
आगे क्या होगा
अब श्रीलंका को 170 रनों का लक्ष्य हासिल करने के लिए मैदान में उतरना है। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में जसप्रीत बुमराह की वापसी एक बड़ा कारक साबित हो सकती है। फाइनल में पहुँचने का सपना अब गेंदबाज़ों के हाथ में है।