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एशियन गेम्स 2026: सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में हारे, 1986 के बाद पहली बार भारत बिना टेनिस पदक के लौटा

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एशियन गेम्स 2026: सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में हारे, 1986 के बाद पहली बार भारत बिना टेनिस पदक के लौटा

सारांश

नागोया में भारतीय टेनिस की सबसे दर्दनाक वापसी — सुमित नागल से लेकर भांबरी, बालाजी और अंकिता तक, हर इवेंट में हार। 1986 के बाद पहली बार भारत एशियन गेम्स से टेनिस में खाली हाथ लौट रहा है, और 2023 के दो पदकों की चमक महज तीन साल में फीकी पड़ गई।

मुख्य बातें

सुमित नागल पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में चीन के वू यिबिंग से 4-6, 4-6 से हारे।
1986 के बाद पहली बार भारतीय टेनिस टीम एशियन गेम्स से बिना पदक के लौट रही है।
नागल की सर्विस मैच में तीन बार ब्रेक हुई; पहली सर्विस पर केवल 62% अंक मिले।
पुरुष डबल्स में 1998 के बाद पहली बार भारत को कोई पदक नहीं मिला।
हांगझोऊ 2023 में भारत ने टेनिस में दो पदक जीते थे — बोपन्ना-रुतुजा का गोल्ड और रामकुमार-साकेत का सिल्वर।
महिला डबल्स, मिक्स्ड डबल्स सहित सभी इवेंट में भारतीय जोड़ियाँ शुरुआती दौर में ही बाहर हुईं।

नागोया के हिगाशियामा पार्क टेनिस सेंटर में 1 अक्टूबर 2026 को भारत के शीर्ष टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में चीन के वू यिबिंग से 4-6, 4-6 से सीधे सेटों में हार गए। इस हार के साथ ही एशियन गेम्स में भारत का संपूर्ण टेनिस अभियान समाप्त हो गया — और सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि 1986 के बाद यह पहली बार है जब भारतीय टेनिस दल एशियाई खेलों से खाली हाथ लौट रहा है।

नागल का प्रदर्शन: कहाँ चूके

नागल की सर्विस पूरे मैच में दबाव में रही। उन्होंने अपनी पहली सर्विस पर केवल 62 प्रतिशत और दूसरी सर्विस पर 59 प्रतिशत अंक जीते। मैच के दौरान उनकी सर्विस तीन बार ब्रेक हुई, जो उनकी हार का सबसे बड़ा कारण बनी। चीनी खिलाड़ी वू यिबिंग ने लगातार दबाव बनाए रखा और भारतीय खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।

अन्य भारतीय खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन

नागल से पहले ही, सुरेश दक्षिणेश्वर पुरुष एकल के राउंड ऑफ 16 में चीनी ताइपे के त्सेंग चुन-हसिन से 6-3, 6-4 से हारकर बाहर हो चुके थे।

पुरुष डबल्स में भी भारत को दोहरी निराशा मिली। युकी भांबरी और दक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के रे हो और सू यू-ह्सियू से हार गई। वहीं एन श्रीराम बालाजी और अनिरुद्ध चंद्रशेखर की जोड़ी एक रोमांचक टाई-ब्रेक मुकाबले में चीन के जियांग फुमिन और झांग तियानहुई से पराजित हुई। गौरतलब है कि पुरुष डबल्स में भारत को 1998 के बाद पहली बार कोई पदक नहीं मिला।

महिला डबल्स में अंकिता रैना और रुतुजा भोसले की जोड़ी पहले ही राउंड में कजाकिस्तान की अन्ना डैनिलिना और यूलिया पुतिनत्सेवा से हार गई। मिक्स्ड डबल्स में युकी भांबरी और रुतुजा भोसले राउंड ऑफ 16 में चीनी ताइपे के ह्सिएह सु-वेई और त्सेंग चुन-ह्सिन से बाहर हो गए। इसके अलावा, एन श्रीराम बालाजी और अंकिता रैना की मिक्स्ड जोड़ी राउंड ऑफ 32 में हांगकांग, चीन के यूडिस चोंग और कैरन थॉम्पसन से हारकर स्पर्धा से बाहर हो गई।

पिछली बार से तुलना: 2023 की चमक, 2026 का अंधेरा

यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में टेनिस में दो पदक जीते थे। उस संस्करण में रोहन बोपन्ना और रुतुजा भोसले ने मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि रामकुमार रामनाथन और साकेत मायनेनी ने पुरुष डबल्स में रजत पदक हासिल किया था। तीन साल में यह गिरावट भारतीय टेनिस प्रशासन और खिलाड़ियों की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

क्या होगा आगे

भारतीय दल अब बिना किसी पदक के स्वदेश लौटेगा, जो 40 वर्षों में पहली बार होगा। इस प्रदर्शन के बाद अखिल भारतीय टेनिस संघ पर युवा प्रतिभाओं के विकास और अनुभवी खिलाड़ियों की तैयारी को लेकर दबाव और बढ़ेगा। एशियाई स्तर पर चीन और चीनी ताइपे के बढ़ते दबदबे के सामने भारत को अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और नागल जैसे एकमात्र विश्व-स्तरीय एकल खिलाड़ी की सर्विस का बार-बार टूटना बताता है कि मल्टी-स्पोर्ट इवेंट की तैयारी पर्याप्त नहीं थी। चीन और चीनी ताइपे का बढ़ता वर्चस्व संयोग नहीं — उनके पास गहरी बेंच है जो भारत के पास नहीं। बिना युवा विकास और घरेलू ढाँचे के सुधार के, 2030 एशियाई खेल भी इसी दिशा में जाते नज़र आते हैं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमित नागल एशियन गेम्स 2026 में कितने अंतर से हारे?
सुमित नागल पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में चीन के वू यिबिंग से 4-6, 4-6 के स्कोर से सीधे सेटों में हारे। मैच में उनकी सर्विस तीन बार ब्रेक हुई, जो उनकी हार का मुख्य कारण रहा।
1986 के बाद भारत पहली बार क्यों बिना टेनिस पदक के लौट रहा है?
इस बार भारत के सभी खिलाड़ी — एकल और डबल्स दोनों — क्वार्टर फाइनल तक पहुँचने से पहले ही हार गए या क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए। किसी भी इवेंट में पदक मुकाबले तक भारतीय खिलाड़ी नहीं पहुँच सके, जो 1986 के बाद पहली बार हुआ है।
भारत ने पिछले एशियन गेम्स 2023 में टेनिस में कौन से पदक जीते थे?
हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में रोहन बोपन्ना और रुतुजा भोसले ने मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक जीता था। रामकुमार रामनाथन और साकेत मायनेनी ने पुरुष डबल्स में रजत पदक हासिल किया था।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के डबल्स जोड़ियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
भांबरी-सुरेश और बालाजी-अनिरुद्ध की पुरुष डबल्स जोड़ियाँ क्वार्टर फाइनल में हारीं। महिला डबल्स जोड़ी (रैना-भोसले) पहले ही राउंड में बाहर हुई। मिक्स्ड डबल्स की दोनों जोड़ियाँ भी शुरुआती दौर में पराजित हुईं।
एशियन गेम्स 2026 टेनिस में भारत की इस हार का क्या असर होगा?
इस प्रदर्शन के बाद अखिल भारतीय टेनिस संघ पर खिलाड़ियों की तैयारी और युवा विकास कार्यक्रमों को लेकर दबाव बढ़ेगा। 40 वर्षों में पहली बार बिना पदक की वापसी भारतीय टेनिस की दीर्घकालिक रणनीति पर गंभीर सवाल उठाती है।
राष्ट्र प्रेस
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