जय मीणा का एशियन गेम्स कांस्य पदक: कोच सुदेश सांगटे बोले — '22 साल की मेहनत आज पूरी हुई'
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में 23 सितंबर 2026 को भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने एशियन गेम्स के पुरुष एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया। यह एशियन गेम्स सिंगल्स में भारत का पहला पदक है, और इसे साकार करने वाले कोच सुदेश सांगटे ने इस जीत को अपनी 22 साल की साधना का परिणाम बताया।
मुख्य घटनाक्रम
जय मीणा सेमीफाइनल में जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार गए, किंतु अंतिम चार में स्थान बनाते ही उन्होंने कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उन्होंने फिलीपींस के शेरविन नुगुइट के खिलाफ अदम्य मनोबल का प्रदर्शन किया — निर्णायक गेम में 3-5 से पिछड़ने के बाद लगातार चार अंक जीतकर मुकाबला 4-3 से अपने नाम किया।
गौरतलब है कि भारत का अभियान शुरुआत में निराशाजनक रहा था — 18 सितंबर को पुरुष टीम क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया से हार गई, और जय मीणा तथा आध्या तिवारी मिक्स्ड डबल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए। इन झटकों के बावजूद जय ने पुरुष एकल में अपनी यात्रा जारी रखी और इतिहास रच दिया।
कोच की भावनाएँ और 22 साल का सफर
कोच सुदेश सांगटे ने कहा, 'हमने 22 साल तक कड़ी मेहनत की है। जब जय 10 साल का था, तभी से मैं उसके साथ सॉफ्ट टेनिस खेल रहा हूँ। उसने सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स और विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते हैं। उसने भारत को यह ऐतिहासिक तोहफा दिया है। मैं बेहद खुश और भावुक हूँ।'
भावुक होते हुए उन्होंने आगे कहा, 'मैदान पर मेरी आँखों से आँसू निकल आए। मेरी 22 साल की मेहनत आज पूरी हो गई। उम्मीद है कि भारत में और भी बच्चे सॉफ्ट टेनिस खेलेंगे और हम भविष्य में कई पदक जीतेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत तीरंदाजी, कुश्ती और अब सॉफ्ट टेनिस जैसे कम चर्चित खेलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
सरकारी सहयोग और प्रशिक्षण शिविर
सांगटे ने एशियन गेम्स से पूर्व जापान में आयोजित 20 दिन के प्रशिक्षण शिविर के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'पिछले 20 दिनों से यहाँ प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। उनकी मेहनत का हमें बहुत फायदा मिला।' उन्होंने यह भी बताया कि जापान में भोजन से जुड़ी चुनौतियाँ थीं — टीम भारत से खाद्य सामग्री लेकर आई थी और खुद खाना बनाया।
टीम की भावना थी कि यह पदक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 18 सितंबर पर जीतकर उन्हें समर्पित किया जाए, हालाँकि ऐसा संभव नहीं हो सका। कोच ने कहा कि यह पदक अब भी उनके जन्मदिन के जश्न के रूप में मनाया जाएगा।
जय मीणा की उपलब्धियाँ
जय मीणा की उपलब्धियों की सूची अब और समृद्ध हो गई है। उन्होंने 2022 राष्ट्रीय खेलों में पुरुष एकल स्वर्ण पदक जीता, 2025 में राष्ट्रीय चैंपियन बने, और 2024 विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आध्या तिवारी के साथ मिक्स्ड डबल्स में भारत का पहला विश्व पदक जीता। इसके अलावा 2025 एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी पदक जीतने वाले वे पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे।
आगे की राह
कोच सांगटे को उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भारत में सॉफ्ट टेनिस के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ेगी और अगले एशियन गेम्स तक देश और पदक जीतने में सक्षम होगा। यह जीत उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें भारतीय खिलाड़ी अब कम-परिचित खेलों में भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहरा रहे हैं।