23 सितंबर 2026
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जय मीणा ने नागोया में रचा इतिहास, सॉफ्ट टेनिस में भारत का एशियन गेम्स 2026 का पहला मेडल पक्का

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जय मीणा ने नागोया में रचा इतिहास, सॉफ्ट टेनिस में भारत का एशियन गेम्स 2026 का पहला मेडल पक्का

सारांश

क्रिकेट का सपना देखने वाले देवास के जय मीणा ने नागोया में इतिहास रच दिया — एशियन गेम्स 2026 के पुरुष सिंगल्स सेमीफाइनल में पहुँचकर उन्होंने सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल सुनिश्चित कर दिया। बॉल बॉय से राष्ट्रीय चैंपियन तक का यह सफर भारतीय खेल इतिहास की एक प्रेरक दास्तान है।

मुख्य बातें

जय मीणा ने 23 सितंबर 2026 को नागोया में पुरुष सिंगल्स सेमीफाइनल में प्रवेश कर सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला एशियन गेम्स मेडल पक्का किया।
क्वार्टर फाइनल जीत के साथ ही कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय; सेमीफाइनल में गोल्ड या सिल्वर की भी उम्मीद।
2024 में वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज जीतकर विश्व स्तर पर भारत का पहला मेडल हासिल किया था।
2025 में एशियाई चैंपियनशिप में चार मेडल जीते; महाद्वीपीय चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।
यह मीणा का तीसरा एशियन गेम्स है — इससे पहले जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2022 में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।

नागोया में एशियन गेम्स 2026 के दौरान भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने 23 सितंबर को पुरुषों के सिंगल्स सेमीफाइनल में प्रवेश करके देश के लिए इस खेल में एशियन गेम्स का पहला मेडल सुनिश्चित कर दिया। क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज करते ही मीणा का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो गया — भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में यह एक मील का पत्थर है।

क्रिकेट से सॉफ्ट टेनिस तक का सफर

जय मीणा का सॉफ्ट टेनिस से परिचय लगभग संयोग से हुआ। बचपन में उनकी पहली पसंद क्रिकेट था और वे क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे। देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में दाखिला लेने के बाद उन्हें स्कूल परिसर में सॉफ्ट टेनिस कोर्ट मिला। पहले वे खिलाड़ियों को खेलते हुए देखते रहे, फिर बॉल बॉय के रूप में उनकी सहायता करने लगे और धीरे-धीरे इस खेल की बारीकियाँ सीखने लगे।

रुचि गहरी होती गई और उन्होंने स्वयं रैकेट थामा। स्कूल व जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरुआत करते हुए वे राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचे। उल्लेखनीय है कि 14 वर्ष की आयु में ही वे सॉफ्ट टेनिस के गढ़ जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे थे।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ

मीणा ने 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में पुरुषों के सिंगल्स में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के शीर्ष सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों में अपनी जगह पक्की की। उन्होंने पुरुषों की टीम और डबल्स इवेंट में मध्य प्रदेश के मेडल जीतने वाले प्रदर्शन में भी अहम भूमिका निभाई। 2025 तक वे पुरुषों के सिंगल्स में राष्ट्रीय चैंपियन बन चुके थे।

हांगझोऊ एशियन गेम्स में उनका अंतरराष्ट्रीय सफर जारी रहा, जहाँ वे पुरुषों के सिंगल्स क्वार्टर फाइनल तक पहुँचे और टीम इवेंट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2024 में आध्या तिवारी के साथ जोड़ी बनाकर उन्होंने वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता — यह विश्व चैंपियनशिप में भारत का पहला मेडल था।

एशियाई चैंपियनशिप में ऐतिहासिक प्रदर्शन

2025 में एशियाई सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में मीणा ने एक और कीर्तिमान स्थापित किया। पुरुषों के सिंगल्स सेमीफाइनल में पहुँचकर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर वे महाद्वीपीय चैंपियनशिप में मेडल हासिल करने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने इस इवेंट में कुल चार मेडल जीते — एक असाधारण उपलब्धि।

तीसरे एशियन गेम्स में दमदार दावेदारी

यह मीणा के करियर का तीसरा एशियन गेम्स है। इससे पहले वे जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप के एथलीट हैं और उन्हें एशियन चैंपियनशिप व एशियन गेम्स की तैयारी के लिए क्रमशः अहमदाबाद और जम्मू में नेशनल कोचिंग कैंप का लाभ मिला। नागोया में सेमीफाइनल मुकाबले के साथ मीणा का अभियान अभी जारी है और देश की नजरें उनके अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत में सॉफ्ट टेनिस जैसे उपेक्षित खेलों की दीर्घकालिक अनदेखी पर एक तीखा सवाल भी है — अगर टारगेट ओलंपिक पोडियम और नेशनल कोचिंग कैंप जैसी संरचनागत मदद पहले मिलती, तो क्या यह मेडल दशक पहले आ सकता था? यह ऐसे समय में आया है जब भारत बड़े खेलों में मेडल की गिनती बढ़ाने पर जोर दे रहा है, लेकिन सॉफ्ट टेनिस जैसे खेल अभी भी मुख्यधारा के प्रायोजन और मीडिया कवरेज से वंचित हैं। मीणा का बॉल बॉय से एशियन गेम्स मेडलिस्ट बनने का सफर यह भी दर्शाता है कि प्रतिभा की कमी नहीं, अवसर और ढाँचे की कमी रही है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जय मीणा ने एशियन गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
जय मीणा ने 23 सितंबर 2026 को नागोया में पुरुषों के सिंगल्स सेमीफाइनल में प्रवेश करके सॉफ्ट टेनिस में भारत का एशियन गेम्स का पहला मेडल सुनिश्चित कर दिया। क्वार्टर फाइनल जीत के साथ ही कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो गया है।
जय मीणा सॉफ्ट टेनिस में कैसे आए?
जय मीणा शुरू में क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें सॉफ्ट टेनिस कोर्ट मिला। पहले वे बॉल बॉय बने, फिर धीरे-धीरे खेल सीखा और 14 साल की उम्र में जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने लगे।
जय मीणा की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
मीणा ने 2022 के 36वें राष्ट्रीय खेलों में पुरुष सिंगल्स गोल्ड मेडल जीता, 2025 में राष्ट्रीय चैंपियन बने, 2024 में वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज जीतकर विश्व स्तर पर भारत का पहला मेडल हासिल किया और 2025 एशियाई चैंपियनशिप में कुल चार मेडल जीते।
जय मीणा का यह कौन-सा एशियन गेम्स है?
नागोया 2026 जय मीणा का तीसरा एशियन गेम्स है। इससे पहले वे जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2022 में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
जय मीणा को एशियन गेम्स की तैयारी में कैसी मदद मिली?
जय मीणा टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप के एथलीट हैं। एशियन चैंपियनशिप और एशियन गेम्स की तैयारी के लिए उन्हें क्रमशः अहमदाबाद और जम्मू में आयोजित नेशनल कोचिंग कैंप में प्रशिक्षण का अवसर मिला।
राष्ट्र प्रेस
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