जय मीणा ने नागोया में रचा इतिहास, सॉफ्ट टेनिस में भारत का एशियन गेम्स 2026 का पहला मेडल पक्का
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में एशियन गेम्स 2026 के दौरान भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा ने 23 सितंबर को पुरुषों के सिंगल्स सेमीफाइनल में प्रवेश करके देश के लिए इस खेल में एशियन गेम्स का पहला मेडल सुनिश्चित कर दिया। क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज करते ही मीणा का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो गया — भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में यह एक मील का पत्थर है।
क्रिकेट से सॉफ्ट टेनिस तक का सफर
जय मीणा का सॉफ्ट टेनिस से परिचय लगभग संयोग से हुआ। बचपन में उनकी पहली पसंद क्रिकेट था और वे क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे। देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में दाखिला लेने के बाद उन्हें स्कूल परिसर में सॉफ्ट टेनिस कोर्ट मिला। पहले वे खिलाड़ियों को खेलते हुए देखते रहे, फिर बॉल बॉय के रूप में उनकी सहायता करने लगे और धीरे-धीरे इस खेल की बारीकियाँ सीखने लगे।
रुचि गहरी होती गई और उन्होंने स्वयं रैकेट थामा। स्कूल व जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरुआत करते हुए वे राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचे। उल्लेखनीय है कि 14 वर्ष की आयु में ही वे सॉफ्ट टेनिस के गढ़ जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे थे।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ
मीणा ने 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में पुरुषों के सिंगल्स में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के शीर्ष सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों में अपनी जगह पक्की की। उन्होंने पुरुषों की टीम और डबल्स इवेंट में मध्य प्रदेश के मेडल जीतने वाले प्रदर्शन में भी अहम भूमिका निभाई। 2025 तक वे पुरुषों के सिंगल्स में राष्ट्रीय चैंपियन बन चुके थे।
हांगझोऊ एशियन गेम्स में उनका अंतरराष्ट्रीय सफर जारी रहा, जहाँ वे पुरुषों के सिंगल्स क्वार्टर फाइनल तक पहुँचे और टीम इवेंट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2024 में आध्या तिवारी के साथ जोड़ी बनाकर उन्होंने वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता — यह विश्व चैंपियनशिप में भारत का पहला मेडल था।
एशियाई चैंपियनशिप में ऐतिहासिक प्रदर्शन
2025 में एशियाई सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में मीणा ने एक और कीर्तिमान स्थापित किया। पुरुषों के सिंगल्स सेमीफाइनल में पहुँचकर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर वे महाद्वीपीय चैंपियनशिप में मेडल हासिल करने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने इस इवेंट में कुल चार मेडल जीते — एक असाधारण उपलब्धि।
तीसरे एशियन गेम्स में दमदार दावेदारी
यह मीणा के करियर का तीसरा एशियन गेम्स है। इससे पहले वे जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप के एथलीट हैं और उन्हें एशियन चैंपियनशिप व एशियन गेम्स की तैयारी के लिए क्रमशः अहमदाबाद और जम्मू में नेशनल कोचिंग कैंप का लाभ मिला। नागोया में सेमीफाइनल मुकाबले के साथ मीणा का अभियान अभी जारी है और देश की नजरें उनके अगले कदम पर टिकी हैं।