एशियन गेम्स 2026: जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में जीता भारत का पहला पदक, PM मोदी और योगी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
जय मीणा ने 23 सितंबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया — यह सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देशभर से बधाइयों का तांता लग गया, जिसमें प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक सभी ने मीणा को शुभकामनाएँ दीं।
ऐतिहासिक कांस्य पदक का सफर
सेमीफाइनल में जय मीणा को जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि इस हार के बावजूद उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया और भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। यह एशियन गेम्स के इतिहास में सॉफ्ट टेनिस की इस स्पर्धा में भारत की पहली पदक-विजय है, जो इस खेल के लिए एक बड़ी छलाँग मानी जा रही है।
PM मोदी की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक एक्स अकाउंट से लिखा गया, 'इंडियन सॉफ्ट टेनिस के लिए एक ऐतिहासिक कामयाबी। पुरुष व्यक्तिगत इवेंट में कांस्य पदक जीतने और सॉफ्ट टेनिस में भारत के पहले एशियन गेम्स मेडलिस्ट बनने पर जय मीना को बधाई। उनकी यह कामयाबी भारत में इस खेल के लिए एक यादगार नया अध्याय है। उम्मीद है कि यह मेडल और भी युवाओं को सॉफ्ट टेनिस खेलने और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा। आगे के सफर के लिए उन्हें शुभकामनाएं।'
योगी, मांडविया और रिजिजू की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'भारत के लिए एक ऐतिहासिक कांस्य पदक। एशियन गेम्स 2026 में पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीतने पर जय मीणा को बहुत-बहुत बधाई। आपने सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला एशियन गेम्स पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। देश के लिए गर्व का पल। जय हिंद।'
खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भी एक्स के माध्यम से कहा, 'एशियन गेम्स 2026 में पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस इवेंट में पहला कांस्य पदक जीतने पर जय मीणा को बहुत-बहुत बधाई।' वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लिखा, 'भारतीय खेलों में एक नया अध्याय। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ, जय ने सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला एशियन गेम्स पदक जीता है।'
भारतीय खेलों के लिए क्या मायने रखता है यह पदक
गौरतलब है कि सॉफ्ट टेनिस एशिया में एक लोकप्रिय रैकेट खेल है, लेकिन भारत में इसका आधार अभी भी सीमित है। इस पदक को विशेषज्ञ उस खेल के लिए 'सनराइज़ मोमेंट' मान रहे हैं जो अब तक मुख्यधारा की नज़र से दूर था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन गेम्स में पदक तालिका को मज़बूत करने के लिए गैर-पारंपरिक खेलों में भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। आने वाले वर्षों में इस पदक से प्रेरित होकर और युवा खिलाड़ी सॉफ्ट टेनिस की ओर रुख कर सकते हैं।