एशियन पैरा गेम्स 2026: शीतल देवी-पायल नाग ने कंपाउंड विमेंस डबल्स में जीता सिल्वर मेडल
सारांश
मुख्य बातें
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की शीतल देवी और पायल नाग ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को जापान के आइची-नागोया में कंपाउंड विमेंस डबल्स स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल में चीन की जोड़ी से मिली हार के बावजूद, इस भारतीय जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में कई रिकॉर्ड तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल मुकाबले का हाल
भारतीय जोड़ी शीतल देवी और पायल नाग को महिला डबल्स के फाइनल में चीन की जू जुएकिंग और झाओ जिंग की जोड़ी के खिलाफ 141-150 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के कारण भारतीय जोड़ी को स्वर्ण पदक की जगह रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
हालाँकि यह परिणाम भारतीय खेमे के लिए निराशाजनक रहा, लेकिन टूर्नामेंट के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने जो प्रदर्शन किया, वह भारतीय पैरा तीरंदाज़ी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया।
रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन
डबल्स क्वालीफिकेशन में शीतल और पायल की जोड़ी का कुल स्कोर 1379 रहा, जिसने नए एशियन रिकॉर्ड और गेम्स रिकॉर्ड दोनों स्थापित किए। यह पिछले एशियन रिकॉर्ड 1378 से एक अंक आगे था। पायल नाग ने इस स्कोर में 675 पॉइंट्स का योगदान दिया, जिससे भारतीय जोड़ी महिला डबल्स रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँच गई।
कंपाउंड इंडिविजुअल स्पर्धा में डिफेंडिंग चैंपियन शीतल देवी ने सोमवार को कंपाउंड विमेंस क्वालीफिकेशन में संभावित 720 में से 704 पॉइंट्स हासिल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। यह स्कोर तुर्किये की ओजनूर क्यूर गिरडी के वर्ल्ड रिकॉर्ड के समान था। साथ ही, शीतल ने मार्च में बैंकॉक में बनाए अपने 698 के एशियन रिकॉर्ड में छह पॉइंट्स का सुधार किया और एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड 680 से बढ़ाकर 704 कर दिया।
गौरतलब है कि 18 वर्षीय शीतल ने तोमन कुमार के साथ मिक्स्ड टीम क्वालिफिकेशन में 1402 पॉइंट्स बनाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी स्थापित किया, जो भारत का ही बनाया पुराना 1400 का वर्ल्ड रिकॉर्ड था।
खेल मंत्री की बधाई
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस उपलब्धि पर भारतीय जोड़ी को बधाई दी। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'शीतल देवी और पायल नाग को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पैरा कंपाउंड महिला डबल्स में सिल्वर मेडल जीतने पर हार्दिक बधाई।' मांडविया की इस टिप्पणी ने खेल जगत में दोनों खिलाड़ियों के योगदान को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की।
शीतल देवी: एक असाधारण खिलाड़ी
शीतल देवी भारतीय पैरा तीरंदाज़ी की सबसे चमकदार सितारा बन चुकी हैं। वे जन्म से ही बाँहों के बिना हैं, फिर भी वे मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और दुनिया की नंबर एक पैरा कंपाउंड तीरंदाज़ हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पैरा एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
पायल नाग चार पैरों की विकलांगता से जूझते हुए भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। इस जोड़ी का संयुक्त प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारतीय पैरा खेल अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विश्व स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखता है।
आगे क्या
एशियन पैरा गेम्स 2026 अभी जारी हैं और शीतल देवी की कंपाउंड इंडिविजुअल स्पर्धा में अभी और मुकाबले होने हैं, जहाँ वे स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। भारतीय पैरा तीरंदाज़ी दल इन खेलों में अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ओर अग्रसर है।