शीतल देवी-तोमर कुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कंपाउंड मिक्स्ड टीम गोल्ड जीता, वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तीरंदाज़ शीतल देवी और तोमर कुमार ने 22 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इस भारतीय जोड़ी ने फ़ाइनल में इंडोनेशियाई जोड़ी को 151-148 से हराकर भारत को इस संस्करण की तीरंदाज़ी में पहला गोल्ड दिलाया।
मुख्य घटनाक्रम
गुरुवार को ओकाजाकी स्थित तीरंदाज़ी रेंज पर रिकॉर्डों की झड़ी लग गई। शीतल और तोमर ने मिक्स्ड टीम क्वालीफिकेशन में 1402 पॉइंट बनाए, जिससे भारत का ही बनाया 1400 का पिछला वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया। व्यक्तिगत स्तर पर, 18 वर्षीया शीतल ने संभावित 720 में से 704 पॉइंट हासिल किए, जो तुर्किये की ओजनूर क्युरे गिरडी के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है।
शीतल ने मार्च में बैंकॉक में बनाए अपने 698 पॉइंट के एशियन रिकॉर्ड में 6 पॉइंट का सुधार किया और एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड भी 680 से बढ़ाकर 704 कर दिया।
नागोया में शीतल का दूसरा पदक
आइची-नागोया गेम्स में यह शीतल का दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने पायल नाग के साथ पैरा कंपाउंड महिला डबल्स में रजत पदक जीता था। पायल ने उस स्पर्धा में 675 पॉइंट का योगदान दिया था, और दोनों की साझा स्कोरकार्ड 1379 पॉइंट ने नए एशियन और गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किए, जिससे भारतीय जोड़ी महिला डबल्स रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँची।
शीतल का शानदार करियर
मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी शीतल ने 2023 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में महिला कंपाउंड इंडिविजुअल में गोल्ड जीता था और इसके बाद 2024 पेरिस पैरालिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। महज़ 18 साल की उम्र में वे वैश्विक पैरा-तीरंदाज़ी की सबसे चर्चित नाम बन चुकी हैं।
गौरतलब है कि इस संस्करण में सोमवार को ही शीतल ने कंपाउंड विमेंस क्वालीफिकेशन में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करके अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत की थी।
आम जनता पर असर
शीतल देवी की उपलब्धियाँ दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। दोनों हाथों की कमी के बावजूद वे अपने पैरों और कंधों से धनुष चलाकर विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्टता हासिल कर रही हैं। उनकी सफलता भारत में पैरा-खेलों की ओर ध्यान और संसाधन बढ़ाने की माँग को और मज़बूत करती है।
क्या होगा आगे
शीतल अभी भी कंपाउंड इंडिविजुअल इवेंट में प्रतिस्पर्धा करेंगी, जहाँ वे डिफेंडिंग चैंपियन हैं। उनके प्रदर्शन के आधार पर आगामी दिनों में भारत की तीरंदाज़ी में पदक संख्या और बढ़ने की संभावना है।