22 अक्टूबर 2026
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शीतल देवी ने नागोया में जीता गोल्ड, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत को दिलाया 17वाँ स्वर्ण पदक

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शीतल देवी ने नागोया में जीता गोल्ड, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत को दिलाया 17वाँ स्वर्ण पदक

सारांश

चार अंकों से पीछे होने के बाद लगातार दो परफेक्ट स्कोर — 18 वर्षीय शीतल देवी ने नागोया में जो कमाल दिखाया, वह सिर्फ एक जीत नहीं, पैरा-आर्चरी में भारत के बढ़ते दबदबे का प्रमाण है। दो गोल्ड, एक सिल्वर और कई विश्व रिकॉर्ड — शीतल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 को अपना बनाया।

मुख्य बातें

शीतल देवी ने 22 अक्टूबर 2026 को नागोया में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम को 142-139 से हराकर गोल्ड जीता।
यह भारत का एशियन पैरा गेम्स 2026 में 17वाँ स्वर्ण पदक था।
शीतल ने 55-59 से पीछे रहने के बाद लगातार दो परफेक्ट स्कोर (30-30) से वापसी की।
क्वालिफिकेशन में 704 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी ; तोमन कुमार के साथ मिक्स्ड टीम में 1,402 अंकों का नया विश्व रिकॉर्ड।
नागोया में कुल 2 गोल्ड और 1 सिल्वर — एशियन पैरा गेम्स 2023 की तरह ही 3 पदकों का हैट्रिक।

भारतीय पैरा-आर्चर शीतल देवी ने 22 अक्टूबर 2026 को नागोया (जापान) में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 के महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम को 142-139 से पराजित कर भारत की झोली में 17वाँ गोल्ड मेडल डाला। 18 वर्षीय शीतल ने चार अंकों की बढ़त से पिछड़ने के बावजूद असाधारण मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए खिताब अपने नाम किया।

रोमांचक फाइनल का घटनाक्रम

फाइनल मुकाबले में शीतल की राह आसान नहीं रही। पहले राउंड में वह 55-59 से पीछे चल रही थीं और दूसरे राउंड में महज 26 अंक ही जुटा सकीं, जिससे उनका स्वर्ण पदक जीतने का सपना संकट में पड़ गया। हालाँकि, यहीं से शीतल के असली जौहर सामने आए। उन्होंने लगातार दो बार परफेक्ट स्कोर (30 अंक) अर्जित कर मुकाबले की बागडोर अपने हाथ में ली और अंततः 142-139 के अंतर से जीत दर्ज की।

रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन की पूरी दास्तान

नागोया में शीतल का सफर रिकॉर्ड बनाते हुए शुरू हुआ था। क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 720 में से 704 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की — जो उन्होंने खुद मार्च में बैंकॉक में स्थापित किए गए 698 अंकों के अपने ही एशियाई रिकॉर्ड से भी आगे था। गौरतलब है कि यह पदक शीतल के लिए महज एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अपने पिछले एशियन पैरा गेम्स खिताब के सफल बचाव की भी पुष्टि है।

टीम इवेंट में भी चमकीं शीतल

व्यक्तिगत गोल्ड के अलावा, शीतल ने मिक्स्ड टीम कंपाउंड इवेंट में तोमन कुमार के साथ जोड़ी बनाकर इंडोनेशिया को 151-148 से हराया और एक और स्वर्ण पदक जीता। इस जोड़ी ने मिक्स्ड टीम क्वालिफिकेशन में 1,402 अंक के साथ नया विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया, जो पिछले 1,400 अंकों के रिकॉर्ड से बेहतर था।

तीसरा पदक — सिल्वर भी झोली में

इन दो स्वर्ण पदकों के अतिरिक्त, शीतल ने पायल नाग के साथ महिला कंपाउंड डबल्स में सिल्वर मेडल भी जीता। इस जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 1,379 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल करते हुए नए एशियाई और एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड बनाए। यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा-खेलों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। नागोया में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल के साथ शीतल ने एशियन पैरा गेम्स 2023 की तरह ही इस बार भी तीन पदक अपने नाम किए।

आगे क्या

शीतल देवी का यह प्रदर्शन उन्हें आने वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा-आर्चरी टूर्नामेंटों में भारत की सबसे प्रबल दावेदार के रूप में स्थापित करता है। उनके एकाधिक विश्व रिकॉर्ड प्रयासों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय पैरा-आर्चरी अब केवल भागीदारी नहीं, बल्कि वर्चस्व की दिशा में अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब सहानुभूति नहीं, श्रेष्ठता की माँग करती है। विश्व रिकॉर्ड की बराबरी और नए एशियाई रिकॉर्ड यह बताते हैं कि यह प्रतिभा अपनी श्रेणी में नहीं, समग्र आर्चरी के मानकों पर खरी उतर रही है। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय खेल तंत्र इस प्रतिभा को उचित संसाधन, कोचिंग और एक्सपोज़र दे रहा है — या उपलब्धियाँ सिस्टम के बावजूद आ रही हैं? पैरा-एथलीटों के लिए बुनियादी ढाँचे और मान्यता में निवेश अब विकल्प नहीं, राष्ट्रीय दायित्व है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कितने मेडल जीते?
शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कुल तीन पदक जीते — दो गोल्ड (महिला व्यक्तिगत कंपाउंड और मिक्स्ड टीम कंपाउंड) और एक सिल्वर (महिला कंपाउंड डबल्स)। यह उनका एशियन पैरा गेम्स 2023 जैसा ही हैट्रिक प्रदर्शन है।
शीतल देवी ने फाइनल में कैसे की वापसी?
फाइनल में शीतल 55-59 से पीछे और दूसरे राउंड में केवल 26 अंक पर थीं। इसके बाद उन्होंने लगातार दो बार परफेक्ट स्कोर (30-30 अंक) हासिल कर मुकाबले पर पकड़ बनाई और 142-139 से जीत दर्ज की।
शीतल देवी का विश्व रिकॉर्ड क्या है?
क्वालिफिकेशन राउंड में शीतल ने 720 में से 704 अंक बनाए, जो विश्व रिकॉर्ड की बराबरी है। इसके अलावा, उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिक्स्ड टीम क्वालिफिकेशन में 1,402 अंकों का नया विश्व रिकॉर्ड भी बनाया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
शीतल देवी के इस गोल्ड के साथ नागोया में भारत का 17वाँ स्वर्ण पदक आया। भारत पैरा-आर्चरी सहित कई खेलों में पदक जीतते हुए अपना अभियान जारी रखे हुए है।
शीतल देवी की उम्र और खेल पृष्ठभूमि क्या है?
शीतल देवी महज 18 वर्ष की आयु में भारत की शीर्ष पैरा-आर्चर हैं। उन्होंने एशियन पैरा गेम्स 2023 में भी तीन पदक जीते थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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