19 अक्टूबर 2026
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एशियन पैरा गेम्स 2026: जैवलिन F46 में भारत का डबल पोडियम — रिंकू ने जीता गोल्ड, अजीत सिंह ने सिल्वर

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एशियन पैरा गेम्स 2026: जैवलिन F46 में भारत का डबल पोडियम — रिंकू ने जीता गोल्ड, अजीत सिंह ने सिल्वर

सारांश

नागोया में भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 के एक ही दिन में जैवलिन F46 और 1500 मीटर — दोनों में 'डबल पोडियम' हासिल किया। रिंकू का गोल्ड, अजीत सिंह का सिल्वर, और सौम्या-राधा की गोल्ड-सिल्वर जोड़ी — LA 2028 से पहले भारतीय पैरा-खेलों की बढ़ती ताकत का ठोस संकेत।

मुख्य बातें

रिंकू ने 65.11 मीटर की थ्रो के साथ मेंस जैवलिन थ्रो F46 में गोल्ड मेडल जीता।
अजीत सिंह ने 65.02 मीटर की थ्रो से सिल्वर मेडल हासिल किया; भारत का एफ46 में डबल पोडियम।
सौम्या (गाइड: भरत कुमार) ने 1500 मीटर टी12/टी13 में 5:12.39 सेकंड पर गोल्ड, राधा वेंकटेश ने सिल्वर जीता।
जूडो में कोकिला फाइनल में 21 सेकंड में 'इप्पोन' से हारीं, सिल्वर मेडल जीता।
स्पर्धाएँ जापान के नागोया स्थित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 19 अक्टूबर 2026 को हुईं।

नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 19 अक्टूबर 2026 को भारत के पैरा-एथलीटों ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। मेंस जैवलिन थ्रो एफ46 स्पर्धा में रिंकू ने 65.11 मीटर की थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि अजीत सिंह ने 65.02 मीटर की थ्रो से सिल्वर मेडल हासिल किया। यह भारत के लिए इस स्पर्धा में 'डबल पोडियम' की उपलब्धि रही।

जैवलिन थ्रो F46 — पोडियम पर दो तिरंगे

रिंकू और अजीत सिंह के बीच अंतर मात्र 0.09 मीटर का रहा, जो इस स्पर्धा की कड़ी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। इंडोनेशिया के सकत्योनो आर. 55.30 मीटर की थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे और उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय जोड़ी ने तीसरे स्थान के एथलीट से लगभग 10 मीटर की बढ़त के साथ अपनी श्रेष्ठता साबित की।

जूडो में कोकिला का सिल्वर मेडल

एशियन चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट कोकिला (टॉप्स एथलीट, विश्व रैंकिंग-3) को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक किजी (विश्व रैंकिंग-2) के हाथों हार का सामना करना पड़ा। ऐबिके 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट और एशियन चैंपियनशिप 2025 की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। कोकिला को मात्र 21 सेकंड में 'इप्पोन' से हार मिली और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

गौरतलब है कि कोकिला ने 2022 एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं के जे2-48 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। LA 2028 पैरालंपिक चक्र के लिए वजन वर्गों में बदलाव के बाद, अब वे 52 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करती हैं।

1500 मीटर में भारत का डबल धमाल

सौम्या (गाइड: भरत कुमार) ने महिलाओं की 1500 मीटर टी12/टी13 फाइनल में 5:12.39 सेकंड (621 रज़ा प्वाइंट्स) के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। उनके ठीक पीछे राधा वेंकटेश (गाइड: गोविंद सोलंकी) ने 5:30.90 सेकंड (421 रज़ा प्वाइंट्स) के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।

यह स्पर्धा रज़ा पॉइंट्स प्रणाली पर आधारित थी, यही कारण है कि जापान की माना सासाकी (टी13) ने 5:12.15 सेकंड का तेज़ समय निकालने के बावजूद केवल 336 रज़ा प्वाइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर संतोष किया। यह उन खेलों की विशेषता है जहाँ अलग-अलग विकलांगता श्रेणी के एथलीट एक साथ स्पर्धा करते हैं।

भारत के पदकों की बढ़ती संख्या

इस दिन के प्रदर्शन ने भारत के एशियन पैरा गेम्स 2026 के पदक तालिका में उल्लेखनीय इजाफा किया। जैवलिन, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स — तीनों अलग-अलग खेलों में पदक जीतकर भारतीय दल ने अपनी विविधता और गहराई का प्रदर्शन किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत LA 2028 पैरालंपिक की तैयारियों को तेज़ कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तैयारी पर खड़ा है। लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है — कोकिला जैसी विश्व रैंकिंग-3 की खिलाड़ी जब विश्व रैंकिंग-2 से हारती हैं, तो यह भी उपलब्धि है, हार नहीं। LA 2028 पैरालंपिक की तैयारी के लिहाज़ से असली परीक्षा यह है कि टॉप्स और SAI का बुनियादी ढाँचा इन एथलीटों को चोटी पर बनाए रखने के लिए पर्याप्त है या नहीं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन पैरा गेम्स 2026 जैवलिन F46 में किसने गोल्ड जीता?
भारत के रिंकू ने 65.11 मीटर की थ्रो के साथ मेंस जैवलिन थ्रो एफ46 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। उनके हमवतन अजीत सिंह ने 65.02 मीटर की थ्रो से सिल्वर मेडल हासिल किया।
कोकिला एशियन पैरा गेम्स 2026 जूडो फाइनल में क्यों हारीं?
कोकिला को किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक किजी (विश्व रैंकिंग-2) से 21 सेकंड में 'इप्पोन' से हार मिली। ऐबिके 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर और एशियन चैंपियनशिप 2025 की गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
1500 मीटर T12/T13 में भारत को कितने पदक मिले?
भारत को इस स्पर्धा में दो पदक मिले। सौम्या (गाइड: भरत कुमार) ने 5:12.39 सेकंड के साथ गोल्ड और राधा वेंकटेश (गाइड: गोविंद सोलंकी) ने 5:30.90 सेकंड के साथ सिल्वर मेडल जीता।
जापान की माना सासाकी ने तेज़ समय के बावजूद ब्रॉन्ज क्यों पाया?
1500 मीटर टी12/टी13 स्पर्धा में रज़ा पॉइंट्स प्रणाली का उपयोग होता है, जो अलग-अलग विकलांगता श्रेणियों के एथलीटों के प्रदर्शन की तुलना करती है। सासाकी (T13) ने 5:12.15 सेकंड का तेज़ समय निकाला, लेकिन केवल 336 रज़ा प्वाइंट्स मिले, जो सौम्या के 621 और राधा के 421 से कम थे।
एशियन पैरा गेम्स 2026 कहाँ हो रहे हैं?
एशियन पैरा गेम्स 2026 जापान के नागोया में हो रहे हैं। पैरा-एथलेटिक्स स्पर्धाएँ मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित की जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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